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प्राचार्य ने तीन छात्रों को दिखाया बाहर का रास्ता
रेवाड़ी/ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2013 08:40 PM IST
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हरियाणा के जिला रेवाड़ी के केएलपी कालेज के प्राचार्य ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्र कुलदीप, बलजीत और हितेश को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया है।
वीरवार को प्राचार्य द्वारा ज्ञापन न लेने के विरोध में छात्र हड़ताल पर उतर आए थे। उधर, छात्रों ने निलंबन वापस न लेने पर आंदोलनकी चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह 11 बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वावधान में छात्र प्राचार्य कार्यालय में ज्ञापन देने गए।
कार्यालय में मैनेजमेंट गवर्निंग कमेटी के चेयरमैन डीके जैन भी मौजूद थे। इस मौके पर लगभग एक सौ छात्र एकत्रित थे।
लेकिन उनमें से मात्र दो छात्रों को ही अंदर कार्यालय में बुलाने पर हितेश यादव और पंकज कुमार अंदर जाकर अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन देने लगे।
छात्रों के आरोपों के अनुसार प्राचार्य और चेयरमैन ने उनका ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया और कालेज का माहौल खराब करने के लिए प्रताड़ित करने लगे।
प्राचार्य और चेयरमैन ने धमकी कि अगर यहां से नहीं गए तो केस दर्ज करवाकर करियर खराब कर दिया जाएगा। इसके बाद छात्र आक्रोशित हो उठे और नारेबाजी करने लगे।
इसी बीच कालेज के अन्य छात्र भी कक्षाओं का बहिष्कार कर उनके समर्थन में उतर आए। इस पर प्रबंधन ने पुलिस को बुला लिया।
पुलिस थाना प्रभारी शाकिर हुसैन ने कालेज परिसर में पहुंचकर छात्रों से बातचीत कर शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वे सहमत नहीं हुए।
इसके बाद कालेज के नोटिस बोर्ड पर कुलदीप, बलजीत और हितेश को कालेज से निलंबित करने का नोटिस चस्पा दिया गया।
इस नोटिस में इन तीनों छात्रों के कालेज में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। इस नोटिस को देखने के बाद छात्रों का गुस्सा और भड़क गया।
उन्होंने एक बार फिर जमकर नारेबाजी की। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले पर उपायुक्त से मिलेंगे।
अगर कालेज ने निलंबन वापस नहीं लिया तो आंदोलन तेज करने के साथ सामूहिक भूख हड़ताल भी की जाएगी।
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वीरवार को प्राचार्य द्वारा ज्ञापन न लेने के विरोध में छात्र हड़ताल पर उतर आए थे। उधर, छात्रों ने निलंबन वापस न लेने पर आंदोलनकी चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह 11 बजे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वावधान में छात्र प्राचार्य कार्यालय में ज्ञापन देने गए।
कार्यालय में मैनेजमेंट गवर्निंग कमेटी के चेयरमैन डीके जैन भी मौजूद थे। इस मौके पर लगभग एक सौ छात्र एकत्रित थे।
लेकिन उनमें से मात्र दो छात्रों को ही अंदर कार्यालय में बुलाने पर हितेश यादव और पंकज कुमार अंदर जाकर अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन देने लगे।
छात्रों के आरोपों के अनुसार प्राचार्य और चेयरमैन ने उनका ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया और कालेज का माहौल खराब करने के लिए प्रताड़ित करने लगे।
प्राचार्य और चेयरमैन ने धमकी कि अगर यहां से नहीं गए तो केस दर्ज करवाकर करियर खराब कर दिया जाएगा। इसके बाद छात्र आक्रोशित हो उठे और नारेबाजी करने लगे।
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इसी बीच कालेज के अन्य छात्र भी कक्षाओं का बहिष्कार कर उनके समर्थन में उतर आए। इस पर प्रबंधन ने पुलिस को बुला लिया।
पुलिस थाना प्रभारी शाकिर हुसैन ने कालेज परिसर में पहुंचकर छात्रों से बातचीत कर शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वे सहमत नहीं हुए।
इसके बाद कालेज के नोटिस बोर्ड पर कुलदीप, बलजीत और हितेश को कालेज से निलंबित करने का नोटिस चस्पा दिया गया।
इस नोटिस में इन तीनों छात्रों के कालेज में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है। इस नोटिस को देखने के बाद छात्रों का गुस्सा और भड़क गया।
उन्होंने एक बार फिर जमकर नारेबाजी की। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि वे इस मामले पर उपायुक्त से मिलेंगे।
अगर कालेज ने निलंबन वापस नहीं लिया तो आंदोलन तेज करने के साथ सामूहिक भूख हड़ताल भी की जाएगी।