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Karnal News: वट वृक्ष की पूजा कर पति के लिए मांगी दीर्घायु

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 May 2025 02:43 AM IST
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Worshiping the Banyan tree, prayed for the long life of the husband
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। सुहागिनों ने सोमवार को वट सावित्री का पर्व मनाया। वट वृक्ष की पूजा कर अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखा और वट वृक्ष की पूजा की। वैसे भी वट के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है।
श्री बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि इस व्रत को रखने से महिलाएं अपने पति के लिए सौभाग्य और समृद्धि लाने में सक्षम होती हैं। वट सावित्री पूजा विवाहित महिलाओं द्वारा रखा जाता है। वट वृक्ष का तना विष्णु का प्रतिनिधित्व करता है और भगवान शिव बरगद के पेड़ के ऊपरी हिस्से का प्रतिनिधित्व करते है।
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ऐसा माना जाता है कि इस पवित्र पेड़ के नीचे पूजा करने से श्रद्धालुओं की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जिस तरह सावित्री ने अपने समर्पण से अपने पति सत्यवान को यमराज से वापस लाई थीं, उसी तरह इस शुभ व्रत को रखने वाली विवाहित महिलाओं को एक सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सोमवार सुबह सुबह जल्दी स्नान करने के बाद, तैयार होती है और अपने माथे पर सिंदूर लगाती हैं।
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सोमवार दोपहर को सेक्टर सात के पीछे वट वृक्ष के पेड़ को चावल और फूल अक्षत पेड़ के तने के चारों ओर पीले या लाल रंग के सूत के धागे को सात बार बाधा। उस पर सिंदूर या लगाकर प्रार्थना की और पेड़ की परिक्रमा की। इसके बाद महिलाओं ने भोग लगाकर अपने व्रत का पारायण किया।
इस व्रत का विशेष महत्व न केवल धार्मिक दृष्टि से है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति में नारी की शक्ति, समर्पण और धैर्य का प्रतीक भी है।
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