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नशा मुक्त समाज के लिए मिलकर करें काम : अतिरिक्त उपायुक्त
Sat, 04 Apr 2026 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 04 Apr 2026 01:07 AM IST
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नशा मुक्त समाज को लेकर बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते अतिरिक्त उपायुक्त।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार ने कहा कि एक नशा मुक्त समाज बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना होगा। नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और अधिक प्रभावी और तेज किया जाना चाहिए।
सुशील कुमार ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव के बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर नशा मुक्ति केंद्रों, अस्पतालों और हेल्पलाइन नंबरों से संबंधित सूचना बोर्ड लगाए जाएं, जिससे आमजन में जागरूकता बढ़े और प्रशासन की सख्ती का संदेश भी पहुंचे।
अतिरिक्त उपायुक्त यह बात शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक में अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कही। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर नशे की रोकथाम पर चर्चा की।
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अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार ने जिला ड्रग कंट्रोलर को निर्देश दिए कि सभी मेडिकल स्टोर की कड़ी निगरानी की जाए और दवाइयां केवल डॉक्टर के पर्ची पर ही दी जाएं। मेडिकल स्टोर में सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग समय-समय पर चेक की जाए और निरीक्षण के दौरान पुलिस को भी साथ लिया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस रद्द करने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, डीएसपी कुलदीप बैनीवाल, डीएसपी ललित यादव, सीएमओ डॉ. रेणु चावला, जेल अधीक्षक अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत, सरपंच और प्रतिनिधि हैं अहम : सुशील
अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार ने सभी बीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे सरपंचों के साथ बैठक करें और उन्हें नशा रोकथाम के अभियान में सहयोग के लिए प्रेरित करें। इससे नशा करने वालों और नशा बेचने वालों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई जा सके। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत, सरपंच और स्थानीय प्रतिनिधि एक नशा मुक्त समाज बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इसके साथ ही, उन्होंने गांवों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए स्पोर्ट्स किट वितरण का प्रस्ताव रखा और सांसद व खेल विभाग के माध्यम से बजट उपलब्ध कराने पर चर्चा की। अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे गांवों की सूची तैयार करें, जहां खेल किट की विशेष आवश्यकता है। इसके अलावा जिला खेल अधिकारी को स्टेडियम और खेल नर्सरियों में सेमिनार आयोजित करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में नशा मुक्ति टीम की ओर से 216 जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा चुके हैं।
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कैथल। अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार ने कहा कि एक नशा मुक्त समाज बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और समाज के हर वर्ग को मिलकर काम करना होगा। नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और अधिक प्रभावी और तेज किया जाना चाहिए।
सुशील कुमार ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गांव के बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थानों पर नशा मुक्ति केंद्रों, अस्पतालों और हेल्पलाइन नंबरों से संबंधित सूचना बोर्ड लगाए जाएं, जिससे आमजन में जागरूकता बढ़े और प्रशासन की सख्ती का संदेश भी पहुंचे।
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अतिरिक्त उपायुक्त यह बात शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय नार्को समन्वय समिति की बैठक में अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए कही। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर नशे की रोकथाम पर चर्चा की।
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अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार ने जिला ड्रग कंट्रोलर को निर्देश दिए कि सभी मेडिकल स्टोर की कड़ी निगरानी की जाए और दवाइयां केवल डॉक्टर के पर्ची पर ही दी जाएं। मेडिकल स्टोर में सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग समय-समय पर चेक की जाए और निरीक्षण के दौरान पुलिस को भी साथ लिया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस रद्द करने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, डीएसपी कुलदीप बैनीवाल, डीएसपी ललित यादव, सीएमओ डॉ. रेणु चावला, जेल अधीक्षक अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।
ग्राम पंचायत, सरपंच और प्रतिनिधि हैं अहम : सुशील
अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार ने सभी बीडीपीओ को निर्देश दिए कि वे सरपंचों के साथ बैठक करें और उन्हें नशा रोकथाम के अभियान में सहयोग के लिए प्रेरित करें। इससे नशा करने वालों और नशा बेचने वालों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई जा सके। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत, सरपंच और स्थानीय प्रतिनिधि एक नशा मुक्त समाज बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
इसके साथ ही, उन्होंने गांवों में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए स्पोर्ट्स किट वितरण का प्रस्ताव रखा और सांसद व खेल विभाग के माध्यम से बजट उपलब्ध कराने पर चर्चा की। अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे गांवों की सूची तैयार करें, जहां खेल किट की विशेष आवश्यकता है। इसके अलावा जिला खेल अधिकारी को स्टेडियम और खेल नर्सरियों में सेमिनार आयोजित करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में नशा मुक्ति टीम की ओर से 216 जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा चुके हैं।