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बिजली कटौती से मिलेगी निजात, पांच नए सब स्टेशन तैयार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jun 2022 02:21 AM IST
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Will get relief from power cut, five new sub stations ready
कर्मबीर लाठर
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करनाल। खरीफ सीजन में धान रोपाई के दौरान किसानों को बिजली कटौती व ओवरलोडिंग की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके लिए उत्तर हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम ने तैयारी कर ली है। निगम प्रबंधन का दावा है कि जिले में किसी भी विद्युत केंद्र पर ओवरलोडिंग की समस्या नहीं रही। सभी फीडरों की मरम्मत हो चुकी है। खरीफ सीजन में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। दूसरी ओर किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि 15 जून से धान की रोपाई का कार्य शुरू हो जाएगा। प्री-मानसून व मानसून की पहली बारिश होने तक उन्हें खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली चाहिए। संवाद
लिया जा चुका ट्रायल
जिले में 33 केवी क्षमता के पांच नए विद्युत सब स्टेशन बनाकर इनका ट्रायल लिया जा चुका है। ये स्टेशन कार्यस्थिति में हैं और जल्द इनका अनावरण किया जाएगा। इनमें 33 केवी चकदा, खानपुर (गढ़ीजाटान), गांगर, गोंदर व ठरी के विद्युत सब स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा 32 ओवरलोड फीडर दो भागों में विभाजित किए हैं। जायका फंडिंग योजना के तहत निगम के मुख्यालय से इस कार्य का टेंडर हुआ था। यह कार्य पूर्ण हो गया है।
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- जेएस नारा, अधीक्षक अभियंता, विद्युत निगम
1.10 करोड़ यूनिट तक पहुंची बिजली खपत
जिले में नौ जून को 1.10 करोड़ यूनिट बिजली खपत का आंकड़ा दर्ज किया गया है। भीषण गर्मी के कारण बिजली खपत का आंकड़ा बढ़ा है। धान रोपाई के सीजन में खपत का आंकड़ा एक करोड़ 80 लाख तक पहुंच जाता है। किसानों की मांग है कि 15 जून से प्रतिदिन कम से कम 12 घंटे बिजली दी जाए।
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ट्यूबवेल के लिए पांच घंटे रोजाना बिजली मिल रही है। कम से कम 12 घंटे निर्बाध बिजली मिले। शेड्यूल संशोधित करें। खेतों के ट्यूबवेल की बिजली लाइन के खंभों पर लगे पुराने कंडक्टर बदले जाएं। सभी ट्यूबवेल पर लगे ट्रांसफार्मर का तेल चेक करें।

- विजय कपूर, प्रदेश महासचिव, किसान क्लब
एक दिन में एक एकड़ खेत में पानी भरते समय यदि कुछ हिस्सा बच जाता है और बिजली चली जाती है तो अगले दिन वही खेत दोबारा भरना पड़ता है। इससे बिजली व पानी की खपत बढ़ती है। बिजली शेड्यूल बढ़ाने से बिजली व पानी दोनों की बचत होगी।
- धर्मवीर सतीजा, तकनीकी सलाहकार, कृषि विस्तार समिति करनाल
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