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नाना और मौसी की गोली मारकर की हत्या
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असंध क्षेत्र के गांव इच्छनपुर निवासी जोगिंद्र सिंह-65 की चार बेटियां थीं, लेकिन कोई बेटा नहीं था। ऐसे में बड़ी उम्मीदों से उन्होंने दोहते को (बेटी का बेटा) बेटा समझकर पाला पोषा। करीब डेढ़ साल पहले ही धूमधाम से उसकी शादी भी की। उम्मीद थी कि वह बुढ़ापे का सहारा बनेगा, लेकिन वही उनका हत्यारा बन गया। यही नहीं आरोप है कि उसने नाना के साथ ही एक मौसी की भी गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि मौसी की 10 वर्षीय बेटी और दूसरी मौसी छर्रे लगने से जख्मी हो गई।
दरअसल जोगेंद्र सिंह ने बुढ़ापे का सहारा बनाने के लिए बड़ी बेटी के लड़के फतेह सिंह को दो साल की उम्र में ही अपने आपस रख लिया था। इसके बाद फतेह सिंह को उसके नाना और नानी ने अपने बेटे की तरह पाला। करीब डेढ़ साल पहले धूमधाम से उसकी शादी भी कराई। ग्रामीणों के अनुसार नाना जोगिंद्र सिंह आरोपी दोहते से बहुत प्रेम करता था। उसके सभी दस्तावेज भी आरोपी फतेह सिंह के पास ही थे। इतना ही नहीं उसकी लाइसेंसी बंदूक भी फतेह सिंह अपने पास रखता था।
जोगिंद्र सिंह को क्या पता था कि जिस दोहते को वह अपने बेटे की तरह पाल पोषकर बड़ा किया है। वही उसकी हत्या कर देगा। आरोप है कि जमीन के लिए फतेह सिंह ने न सिर्फ नाना को गोली मारी, बल्कि मौसी की भी हत्या कर दी। गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। हर तरफ बस यही चरचा थी कि आरोपी ने रिश्तों के साथ ही विश्वास का भी कत्ल कर दिया है। उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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मृतक नाना जोगिंद्र सिंह ने आरोपी फतेह सिंह के नाम 18 एकड़ जमीन की वसीयत भी करा दी थी, लेकिन बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले नाना जोगिंद्र सिंह ने वसीयत तोड़ दी थी, क्योंकि फतेह सिंह कहना नहीं मानता था। इसके बाद आरोपी फतेह सिंह ने नाना के सभी दस्तावेज और आधार कार्ड अपने पास रख लिए थे। मांगने पर भी उसे वापस नहीं कर रहा था। उसे आशंका थी कि जमीन का हिस्सा जोगेंद्र सिंह सभी बेटियों को न बांट दें। ऐसे में सोमवार को जब उसकी दो मौसी सर्वजीत कौर और प्रभजोत कौर इकट्ठा हुईं तो उसे लगा कि उसके नाना जमीन को उसकी मौसी के नाम कराने की तैयारी कर रहे हैं। इसी कारण उसने नाना और मौसी की गोली मार दी। इस तरह की आशंकाओं के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी वारदात की सही वजह का खुलासा हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार आरोपी फतेह सिंह ने पहले एक गोली अपने नाना जोगिंद्र सिंह के पेट में मारी। जब बचाव के लिए उसकी मौसी बीच में आई तो एक गोली मौसी प्रभजोत कौर को मारी। इसके बाद जब दूसरी मौसी सर्वजीत कौर बचाव में आई और आरोपी से बंदूक छीनने लगी तो आरोपी ने बंदूक में दोबारा गोली डालकर नाना को एक और गोली मारी। फिर दूसरी गोली सर्वजीत कौर पर चलाई, लेकिन वह दीवार पर लगी, जिसके छर्रे से सर्वजीत कौर और मृतक मौसी की बेटी घायल हो गई।
बाक्स
बेटी के सामने मार दी मां को गोली
आरोपी फतेह सिंह ने जब अपनी मौसी प्रभजोत कौर को गोली मारी तो उस दौरान उसकी 10 वर्षीय बेटी मौके पर ही थी। उसकी आंखों के सामने ही उसकी मां की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि प्रभजोत कौर विधवा थी। उसके पास एक बेटा और बेटी थी। उसके दोनों बच्चों के सिर से अब मां का भी साया उठ गया।
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दरअसल जोगेंद्र सिंह ने बुढ़ापे का सहारा बनाने के लिए बड़ी बेटी के लड़के फतेह सिंह को दो साल की उम्र में ही अपने आपस रख लिया था। इसके बाद फतेह सिंह को उसके नाना और नानी ने अपने बेटे की तरह पाला। करीब डेढ़ साल पहले धूमधाम से उसकी शादी भी कराई। ग्रामीणों के अनुसार नाना जोगिंद्र सिंह आरोपी दोहते से बहुत प्रेम करता था। उसके सभी दस्तावेज भी आरोपी फतेह सिंह के पास ही थे। इतना ही नहीं उसकी लाइसेंसी बंदूक भी फतेह सिंह अपने पास रखता था।
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जोगिंद्र सिंह को क्या पता था कि जिस दोहते को वह अपने बेटे की तरह पाल पोषकर बड़ा किया है। वही उसकी हत्या कर देगा। आरोप है कि जमीन के लिए फतेह सिंह ने न सिर्फ नाना को गोली मारी, बल्कि मौसी की भी हत्या कर दी। गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है। हर तरफ बस यही चरचा थी कि आरोपी ने रिश्तों के साथ ही विश्वास का भी कत्ल कर दिया है। उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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मृतक नाना जोगिंद्र सिंह ने आरोपी फतेह सिंह के नाम 18 एकड़ जमीन की वसीयत भी करा दी थी, लेकिन बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले नाना जोगिंद्र सिंह ने वसीयत तोड़ दी थी, क्योंकि फतेह सिंह कहना नहीं मानता था। इसके बाद आरोपी फतेह सिंह ने नाना के सभी दस्तावेज और आधार कार्ड अपने पास रख लिए थे। मांगने पर भी उसे वापस नहीं कर रहा था। उसे आशंका थी कि जमीन का हिस्सा जोगेंद्र सिंह सभी बेटियों को न बांट दें। ऐसे में सोमवार को जब उसकी दो मौसी सर्वजीत कौर और प्रभजोत कौर इकट्ठा हुईं तो उसे लगा कि उसके नाना जमीन को उसकी मौसी के नाम कराने की तैयारी कर रहे हैं। इसी कारण उसने नाना और मौसी की गोली मार दी। इस तरह की आशंकाओं के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी वारदात की सही वजह का खुलासा हो सकेगा।
जानकारी के अनुसार आरोपी फतेह सिंह ने पहले एक गोली अपने नाना जोगिंद्र सिंह के पेट में मारी। जब बचाव के लिए उसकी मौसी बीच में आई तो एक गोली मौसी प्रभजोत कौर को मारी। इसके बाद जब दूसरी मौसी सर्वजीत कौर बचाव में आई और आरोपी से बंदूक छीनने लगी तो आरोपी ने बंदूक में दोबारा गोली डालकर नाना को एक और गोली मारी। फिर दूसरी गोली सर्वजीत कौर पर चलाई, लेकिन वह दीवार पर लगी, जिसके छर्रे से सर्वजीत कौर और मृतक मौसी की बेटी घायल हो गई।
बाक्स
बेटी के सामने मार दी मां को गोली
आरोपी फतेह सिंह ने जब अपनी मौसी प्रभजोत कौर को गोली मारी तो उस दौरान उसकी 10 वर्षीय बेटी मौके पर ही थी। उसकी आंखों के सामने ही उसकी मां की हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि प्रभजोत कौर विधवा थी। उसके पास एक बेटा और बेटी थी। उसके दोनों बच्चों के सिर से अब मां का भी साया उठ गया।