{"_id":"6cbcab29dd93357beec53f8f02b20238","slug":"whatsapp-and-facebook-are-luring-voters-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्हाट्सअप और फेसबुक पर रिझा रहे वोटरों को ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
व्हाट्सअप और फेसबुक पर रिझा रहे वोटरों को
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
Updated Tue, 05 Jan 2016 11:30 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में पंचायती चुनाव के प्रथम चरण के मतदान के लिए अब उल्टी गिनती शुरू हो गई है। चुनाव आयोग द्वारा प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित कर दिए गए हैं। चुनाव चिन्ह मिलते ही प्रत्याशी अपने पराये का भेदभाव छोड़कर सबकी दहलीज पर वोट मांगने पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
प्रत्याशी मतदाताओं को रिझाने के लिए उनके मोबाइल पर उनके उठने से पहले ही सुप्रभात के संदेश के साथ वोट की अपील कर रहे हैं। विधानसभा व लोकसभा चुनाव में सोशल मीडिया से भाजपा सरकार को मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब पंचायती चुनाव में सोशल मीडिया का जमकर प्रयोग हो रहा है। प्रत्याशी फेसबुक, ट्वीटर, मोबाइल संदेश व व्हॉटसअप का प्रयोग कर मतदाताओं को अपनी तरफ रिझाने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
प्रत्याशी दोस्त तो दोस्त दुश्मनों का हाथ थामने के लिए भी अपना हाथ आगे बढ़ा रहे हैं। पंचायत चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है। सुबह की पहली किरण के साथ चुनाव प्रत्याशियों के घर लोगों का जमघट लगना शुरू हो गया है। इसके बाद यह सिलसिला दिनभर प्रचार के साथ रात के खाने तक चल रहा है। चुनाव आयोग द्वारा प्रथम चरण के चुनाव के लिए लिए जिला परिषद सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य व वार्ड सदस्यों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं।
विज्ञापन
प्रत्याशियों को जैसे ही चुनाव चिन्ह मिले हैं वे प्रचार सामग्री के साथ प्रचार के लिए निकल पड़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़े लिखों की तादाद कम होने के चलते प्रत्याशी उनकी दहलीज पर पहुंचे के साथ ही सोशल मीडिया का भी जमकर प्रयोग कर रहे हैं। पढ़े लिखे उम्मीदवार व्हाट्सग्रुप व फेसबुक के माध्यम से अपने वादे और इरादे जाहिर कर रहे हैं। इसके साथ ही एक ग्रामीण क्षेत्र में देशभक्ति गानों की धुन के साथ वोट की अपील का सिलसिला भी जारी है।
इस बारे में दरड़ गांव में सरपंच के प्रत्याशी सूरत सिंह, अरडाना के नरेश कुमार व जाणी में सुमन देवी ने बताया कि आज ज्यादातर ग्रामीण इंटरनेट का प्रयोग करते हैं, इसलिए फेस टू फेस मिलने के अलावा व्हाट्सअप व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से वे मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं।
डिजिटल इंडिया से पहले डिजिटल हुई पंचायतें
पंचायती चुनाव में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रयोग ने सरकार के डिजिटल इंडिया के सपने को भी साकार कर दिया है। अभी तक सरकार द्वारा डिजिटल इंडिया बनाने की घोषणा की है। लेकिन पंचायती चुनाव में तो डिजिटल तकनीक का प्रयोग भी हो रहा है। प्रत्याशी अपने चुनावी एजेंडे को मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए किसी लाउडस्पीकर या जनसभा का प्रयोग नहीं कर रहे हैं।
अब तो व्हॉटसअप व मोबाइल संदेश के माध्यम से अपने वादे व एजेंडे मतदाताओं तक पहुंचा रहे हैं। प्रत्याशी पूरे जोर शोर के साथ गांवों में बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए वोटरों से तरह-तरह के वादे कर रहे हैं। अब देखना यह है कि, चुनाव जीतने के बाद वे अपना वादा पूरा करते हैं या उनके वादे भी फिल्मी गानों की तरह टूट जाते हैं।
वर्जन
पढ़े लिखे उम्मीदवार होने के कारण सोशल मीडिया इस बार ज्यादा हावी है। युवा ज्यादातर व्हाट्सअप और फेसबुक पर हैं, जाहिर सी बात है कि आज इसका ज्यादा असर पड़ता है। हमारी तरफ से चुनाव की पूरी तैयारियां हैं। किसी भी आचार संहिता का उल्लंघन नहीं करने दिया जाएगा।
कुलभूषण बंसल, डीडीपीओ, करनाल।