फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Weeds in the happiness of Chhath, two devotees immersed in the canal during bath

छठ की खुशियों में मातम, स्नान के दौरान नहर में डूबे दो श्रद्धालु

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 02:36 AM IST
विज्ञापन
Weeds in the happiness of Chhath, two devotees immersed in the canal during bath
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। छठ पर्व की खुशियों के बीच दो घरों में उस वक्त मातम पसर गया, जब पूजन के बाद स्नान करने के लिए पश्चिमी यमुना नहर में उतरे दो श्रद्धालु डूब गए। बिहार के अलग-अलग जिलों के रहने वाले दोनों श्रद्धालुओं में एक राजमिस्त्री तो दूसरा ढाबे पर नौकरी करता है। दोनों के डूबने के करीब दो घंटे बाद परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
नहर किनारे उनके कपड़े भी पड़े हुए मिले। गोताखोरों की टीम ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू कर दिया था, लेकिन देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं लगा। इधर, पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर फिलहाल गुमशुदगी का मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन

छठ पर्व के चलते उगते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए अन्य श्रद्धालुओं की तरह मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर और वर्तमान में उचाना निवासी 35 वर्षीय दुखन सैनी और बिहार के खगड़िया निवासी वर्तमान में राजीव पुरम में रहने वाले 38 वर्षीय राज मिस्त्री वशिष्ठ शर्मा भी पश्चिमी यमुना नहर पर पहुंचे थे। सूर्य मंदिर के सामने घाट पर परिवार के साथ पूजा अर्चना के बाद वे नहाने के लिए नहर में उतर गए, लेकिन वापस नहीं आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक किनारे से लगा रहे थे छलांग
परिजनों ने उन्हें नहर में दूर तक जाते देखा, लेकिन बाद में वे दिखाई नहीं दिए। मौके पर उपस्थित लोगों ने यह भी बताया कि वे दोनों नहर के एक किनारे से छलांग लगाकर नहाते हुए दूसरे किनारे पर पहुंच रहे थे। लेकिन तैरते समय वे दूसरे किनारे पर पहुंचने से पहले ही डूब गए। विवेचना अधिकारी धर्मवीर ने बताया कि गोताखोरों की मदद से सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

भाई बोला, हमें लगा दुखन स्नान करके घर चला गया
दुखन साहनी के भाई मनोज ने बताया कि उनके भाई ने सुबह छह बजे स्नान शुरू किया था। जो दूर चला गया। कुछ दूर के बाद वापस नहीं लौट सका। भीड़ होने के कारण हमें लगा कि वह घर चला गया होगा। लेकिन घर भी नहीं पहुंचा। दुखन झिलमिल ढाबा पर काम करता है। उसके तीन बच्चे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed