करोड़ों खर्च फिर भी शिफ्ट नहीं हुई सब्जीमंडी
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शहर को जाम और गंदगी से निजात दिलाने के लिए नई अनाजमंडी के पास करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई नई सब्जीमंडी उद्घाटन के चार माह बाद भी शुरू नहीं हुई है। नई सब्जीमंडी में सभी सुविधाएं होने के बाद भी आढ़ती व रेहड़ी फड़ी संचालक वहां जाने को तैयार नहीं है। वहीं, दूसरी ओर रामनगर की सब्जीमंडी एक बार काछवा व कैथल पुल के नीचे शिफ्ट होने के बाद भी फिर से पुरानी फुटपाथ पर लौट गई है। लेकिन प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। इसके अलावा, शहर से मंडी शिफ्टिंग भी नहीं हो पाई है और सीएम द्वारा दिया गया समय 31 मार्च भी अभी नजदीक है, लेकिन प्रशासन को मंडी शिफ्टिंग की याद तक नहीं है। इससे करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को जाम व गंदगी से निजात नहीं मिली है।
शहर के बीचोंबीच चल रही पुरानी सब्जीमंडी से जहां शहर में जाम की समस्या बनी हुई है। वहीं, दूसरी ओर सब्जी मंडी की वजह से फैली गंदगी से आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोग भी परेशान हैं। सरकार द्वारा नई अनाजमंडी के पास 18 करोड़ रुपये की लागत से नई सब्जीमंडी तैयार की है। इसमें उपभोक्ताओं व व्यापारियों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई गई है। रेहड़ी व फड़ी संचालक मार्केट न होने की वजह से वहां जाने को तैयार नहीं है। हालांकि प्रशासन ने आढ़तियों को नई सब्जीमंडी में शिफ्ट होने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया हुआ है। लेकिन अभी तक प्रशासन व आढ़तियों ने शिफ्टिंग को लेकर कोई तैयारियां शुरू नहीं की हैं।
मुख्यमंत्री ने आढ़तियों को दे रखा है 31 मार्च तक समय
मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2015 में नई अनाजमंडी का उद्घाटन किया था। प्रशासन ने आढ़तियों और रेहड़ी फड़ी संचालकों को शिफ्टिंग के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया था, लेकिन आढ़तियों ने मुख्यमंत्री से मिलकर शिफ्टिंग के लिए 31 मार्च तक का समय मांगा था। अब फिर से आढ़तियों और रेहड़ी संचालकों में शिफ्टिंग को लेकर विरोधी स्वर उठने लगे हैं। वहीं सब्जीमंडी प्रधान बंसीलाल सचदेवा ने बताया कि एसोसिएशन ने प्रशासन के सामने जो मांगे रखी थी, यदि प्रशासन उनकी मांगे पूरी कर तो उन्हें नई सब्जीमंडी जाने में कोई ऐतराज नहीं है। जब तक मांगें पूरी नहीं होगी मंडी शिफ्ट नहीं हो सकती। हम दोबारा से इस मामले को लेकर सीएम से मिलेंगे, ताकि सभी को दुकानें मिल सकें।
शिफ्टिंग के बाद भी फिर से फुटपाथ पर पहुंची सब्जीमंडी
नगर निगम द्वारा रामनगर की सब्जीमंडी को काछवा व कैथल पुल के नीचे शिफ्ट करने लिए फड़, लाइट, बिजली, पानी व शौचालय की व्यवस्था पर करीब सवा करोड़ रुपये खर्च किए हैं। निगम द्वारा रामनगर की फुटपाथ पर लगने वाली रेहड़ी व फड़ियों को वहां पर शिफ्ट भी करवा दिया था। लेकिन निगम की लापरवाही के चलते एक माह में ही सब्जीमंडी फिर से उसी फुटपाथ पर पहुंच गई। ऐसे में निगम द्वारा लाखों रुपये के खर्च से बनाए गए फड़ व अन्य सुविधाएं धरी की धरी रह गई।
वर्जन
व्यापार मंडल और रेहड़ी फड़ी संचालकाें के आग्रह पर रामनगर सब्जीमंडी शिफ्टिंग के लिए मार्च तक समय दिया गया है। कैथल पुल व काछवा पुल के नीचे रेहड़ी फड़ी वालों के लिए बिजली पानी व शौचालय का भी इंतजाम किया है। जल्द ही रामनगर की फुटपाथ पर लगने वाली रेहड़ियों को वहां शिफ्ट करवाया जाएगा।
- धीरज कुमार, ईओ नगर निगम करनाल।