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अवैध कब्जा हटाने पर हंगामा, अधिकारियों संग धक्का-मुक्की
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संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। बरसत रोड पर कस्टोडियन की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए विभागीय अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ पीला पंजा चलाया। जिसमें चार दुकानें ध्वस्त कर दी गईं। कार्रवाई के विरोध में दुकानदारों ने जमकर हंगामा किया।
रविवार को तहसीलदार रमेश अरोड़ा के नेतृत्व में कस्टोडियन विभाग के तहसीलदार रमेश कुमार पुलिस बल के साथ बरसत रोड पर मीट मार्केट के सामने पहुंचे और दुकानों पर पीला पंजा चलाना शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे तक चली कार्रवाई में जमकर हंगामा हुआ। दुकानदारों का कहना था कि कस्टोडियन विभाग ने उनको किसी प्रकार का नोटिस नहीं दिया। इस दौरान महिलाओं ने भी अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की।
विभाग ने को अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई बंद कर दी थी लेकिन बाद में डीएसपी जगदीप दून, सिटी मजिस्ट्रेट भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और फिर कार्रवाई शुरू की। हालांकि विरोध को देखते हुए जेसीबी चालक मौके से चले गए। लगभग डेढ़ घंटे के बाद प्रशासन ने करनाल से जेसीबी मंगवाई और लगभग छह बजे दोबारा कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
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कब्जा हटाने की कार्रवाई को लेकर विरोध कर रहीं महिलाओं ने कस्टोडियन के एक अधिकारी पर पैसे लेने का आरोप भी लगाया। महिलाओं का कहना था कि प्रशासन ने उनके आशियानों को उजाड़ दिया है अब वे ठंड में कहां जाएंगे।
दुकानदारों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने कब्जा हटाने में भी भेदभाव किया है। कब्जा हटाने की कार्रवाई मनमाने ढंग से की गई है। उनके पास रजिस्ट्रियां हैं, लेकिन अधिकारी किसी की नहीं सुन रहें हैं।
कई बार कहने के बावजूद नहीं हटाया कब्जा
कस्टोडियन विभाग के तहसीलदार रमेश कुमार ने बताया कि लोगों ने कस्टोडियन की 22 कनाल 16 मरले जमीन पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। लोगों को कई बार कब्जे हटाने के लिए कह चुके हैं, लेकिन उन्होंने कब्जे नहीं हटाए। दुकानदारों को कहा गया है कि वे दोबारा कब्जे न करें अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन से मांगी मोहलत
प्रशासन ने दीवार, एक गोदाम व दो दुकानें ध्वस्त कर दीं। दुकानों के गिरते ही लोगों का गुस्सा बढ़ गया। महिला, बच्चे कार्रवाई को देखते हुए घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन सेे दो-तीन दिन की मोहलत मांगी। काफी देर तक लोगों ने प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई लेकिन अधिकारियों ने नहीं सुनी। कार्रवाई देर शाम सवा सात बजे तक चली। एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर रोती हुई प्रशासन से मकान न गिराने की गुहार लगाती रही। प्रशासन ने रात को कब्जे हटाने की कार्रवाई को बंद करते ही मुनादी करवाई कि सोमवार सुबह नौ बजे तक सभी कब्जेदार अपने मकान खाली कर दें। लोगों का कहना है कि लगभग 30-40 साल से कॉलोनी बसी है। प्रशासन ने आज तक कार्रवाई नहीं की। प्रशासन से दो-तीन दिन का समय मांग रहे हैं लेकिन नहीं दिया जा रहा है।
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घरौंडा। बरसत रोड पर कस्टोडियन की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए विभागीय अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ पीला पंजा चलाया। जिसमें चार दुकानें ध्वस्त कर दी गईं। कार्रवाई के विरोध में दुकानदारों ने जमकर हंगामा किया।
रविवार को तहसीलदार रमेश अरोड़ा के नेतृत्व में कस्टोडियन विभाग के तहसीलदार रमेश कुमार पुलिस बल के साथ बरसत रोड पर मीट मार्केट के सामने पहुंचे और दुकानों पर पीला पंजा चलाना शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे तक चली कार्रवाई में जमकर हंगामा हुआ। दुकानदारों का कहना था कि कस्टोडियन विभाग ने उनको किसी प्रकार का नोटिस नहीं दिया। इस दौरान महिलाओं ने भी अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की।
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विभाग ने को अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई बंद कर दी थी लेकिन बाद में डीएसपी जगदीप दून, सिटी मजिस्ट्रेट भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और फिर कार्रवाई शुरू की। हालांकि विरोध को देखते हुए जेसीबी चालक मौके से चले गए। लगभग डेढ़ घंटे के बाद प्रशासन ने करनाल से जेसीबी मंगवाई और लगभग छह बजे दोबारा कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
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कब्जा हटाने की कार्रवाई को लेकर विरोध कर रहीं महिलाओं ने कस्टोडियन के एक अधिकारी पर पैसे लेने का आरोप भी लगाया। महिलाओं का कहना था कि प्रशासन ने उनके आशियानों को उजाड़ दिया है अब वे ठंड में कहां जाएंगे।
दुकानदारों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने कब्जा हटाने में भी भेदभाव किया है। कब्जा हटाने की कार्रवाई मनमाने ढंग से की गई है। उनके पास रजिस्ट्रियां हैं, लेकिन अधिकारी किसी की नहीं सुन रहें हैं।
कई बार कहने के बावजूद नहीं हटाया कब्जा
कस्टोडियन विभाग के तहसीलदार रमेश कुमार ने बताया कि लोगों ने कस्टोडियन की 22 कनाल 16 मरले जमीन पर अवैध कब्जे कर रखे हैं। लोगों को कई बार कब्जे हटाने के लिए कह चुके हैं, लेकिन उन्होंने कब्जे नहीं हटाए। दुकानदारों को कहा गया है कि वे दोबारा कब्जे न करें अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन से मांगी मोहलत
प्रशासन ने दीवार, एक गोदाम व दो दुकानें ध्वस्त कर दीं। दुकानों के गिरते ही लोगों का गुस्सा बढ़ गया। महिला, बच्चे कार्रवाई को देखते हुए घरों से बाहर निकल आए। प्रशासन सेे दो-तीन दिन की मोहलत मांगी। काफी देर तक लोगों ने प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई लेकिन अधिकारियों ने नहीं सुनी। कार्रवाई देर शाम सवा सात बजे तक चली। एक महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर रोती हुई प्रशासन से मकान न गिराने की गुहार लगाती रही। प्रशासन ने रात को कब्जे हटाने की कार्रवाई को बंद करते ही मुनादी करवाई कि सोमवार सुबह नौ बजे तक सभी कब्जेदार अपने मकान खाली कर दें। लोगों का कहना है कि लगभग 30-40 साल से कॉलोनी बसी है। प्रशासन ने आज तक कार्रवाई नहीं की। प्रशासन से दो-तीन दिन का समय मांग रहे हैं लेकिन नहीं दिया जा रहा है।