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27 सितंबर को केंद्रीय मंत्री पासवान और सीएम मनोहर लाल करेंगे ई-खरीद पोर्टल लॉच
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Sat, 24 Sep 2016 11:42 PM IST
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27 सितंबर को केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान और मुख्यमंत्री मनोहर लाल करेंगे ई-खरीद पोर्टल लॉच
- फोटो : अमर उजाला
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वर्तमान सीजन में प्रदेश के आढती धान की खरीद का कार्य ई-व्यवस्था के साथ-साथ मैनवल तरीके से भी कर सकते हैं। ई-व्यवस्था की शुरुआत करने के लिए आगामी 27 सितंबर को केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान और प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल करनाल पहुंच रहे हैं। स्थानीय नई आनाज मंडी में आयोजित एक समारोह में ई- खरीद पोर्टल लॉंच किया जाएगा। यह जानकारी कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक डा. जे. गणेशन ने स्थानिय नई आनाज मंडी स्थित मार्किटिंग बोर्ड के कार्यालय में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए मार्केट कमेटी के सचिवों और स्थानिय अधिकारियों को तैयारियों के दृष्टिगत दिशा निर्देश देते हुए दी।
डा. गणेशन ने बताया कि 27 सितंबर होने वाले कार्यक्रम में मोबाइल ऐप भी लांच किया जाएगा, जिसके माध्यम से संबंधित किसान, आढ़ती और व्यापारी पूरी जानकारी ले सकेंगे। ई-व्यवस्था के उपरान्त इसी ऐप से जे फार्म भी उपलब्ध हो सकेगा, जो आढ़ती कम्प्यूटर से कार्य करने की स्थिती में नहीं है। उनका कार्य रजिस्टर लेकर सम्बन्धित सचिव मार्के ट कमेटी करेगें । उन्होनें स्पष्ट किया कि ई-व्यवस्था को पूरी तरह से कार्यरूप देने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जानकारी दी प्रदेश की 31 मंडिया राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ चुकी हैं और 5 मंडियां शीघ्र जुड़ने वाली है। अब तक लगभग 120 करोड़ रुपये का कारोबार किया जा चुका है।
गेट पास होगा मैनुअल
उन्होंने मार्किट कमेटी के सचिवों को कहा कि जहां तक गेट पासिंग का सवाल है यह कार्य वर्तमान में मैन्यूवल तरीके से ही किया जाएगा। सबसे बड़ी जरूरत इस बात कही है कि आढ़तियों और किसानों को इस व्यवस्था के बारे में अधिक से अधिक जागरूक किया जाए और यह भी बताया जाए कि ई-व्यवस्था में ही सभी का फायदा है। इस बारे विस्तार से जानकारी देने के लिए सभी मंडियों में हार्डिग लगवाए जाएं तथा हिन्दी में छापे गए ब्रॉसर को आढतियों तक पहुंचाया जाए ताकि वे इस संदर्भ में पूरी जानकारी हासिल कर सकें।
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एसएमएस सुविधा भी होगी
कृषि विपणन बोर्ड एसएमएस की सुविधा भी उपलब्ध करवाने जा रहा है इस व्यवस्था से सम्बन्धित कि सान को की गई खरीद के बारे में जानकारी हासिल हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ई-व्यवस्था से मंडी व्यवस्था के साथ-2 खाद्य एवं पूर्ति विभाग भी जुड़ चुका है और आने वाले समय में हैफेड और एफसीआई भी जोड़े जाएंगे। उन्होंने मार्किट सचिवों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सचिवों ने बहुत कम समय में 34 हजार आढतियों को ऑनलाईन करने का काम किया है। यह कार्य बहुत ही कम समय में किया गया। इसके लिए सभी सचिव बधाई के पात्र हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आढतियों के पास विकल्प है कि वे सम्बन्धित किसान की पेमैंट ई-व्यवस्था से या फिर अपनेे माध्यम से कर सकते हैं। सभी मार्किट कमेटी सचिव आगामी 1 अक्तूबर से ई-व्यवस्था में लॉग-ईन करेंगे।
अधिकारियों की बैठक ली
इससे पूर्व डा. जे. गणेशन ने स्थानीय अधिकारियों की बैठक ली और सभी अधिकारियों को अपने-2 विभागों से सम्बन्धित तैयारियो के निर्देश दिए । इस मौके पर खाद्य एवं पूर्ति विभाग के निदेशक संजय जून, बोर्ड के सचिव अपूर्व सिंह, एमएस कुंडू, सीएमईओ आरके. बैनीवाल, अमर सिंह , जोगिन्द्र सिंह, करनाल की एडीसी प्रियंका सोनी, जोनल एडमिनस्ट्रेर वर्षा खांगवाल, एसडीएम योगेश कुमार, सचिव चन्द्र प्रकाश, ईओ नगरनिगम धीरज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रह
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डा. गणेशन ने बताया कि 27 सितंबर होने वाले कार्यक्रम में मोबाइल ऐप भी लांच किया जाएगा, जिसके माध्यम से संबंधित किसान, आढ़ती और व्यापारी पूरी जानकारी ले सकेंगे। ई-व्यवस्था के उपरान्त इसी ऐप से जे फार्म भी उपलब्ध हो सकेगा, जो आढ़ती कम्प्यूटर से कार्य करने की स्थिती में नहीं है। उनका कार्य रजिस्टर लेकर सम्बन्धित सचिव मार्के ट कमेटी करेगें । उन्होनें स्पष्ट किया कि ई-व्यवस्था को पूरी तरह से कार्यरूप देने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जानकारी दी प्रदेश की 31 मंडिया राष्ट्रीय कृषि बाजार से जुड़ चुकी हैं और 5 मंडियां शीघ्र जुड़ने वाली है। अब तक लगभग 120 करोड़ रुपये का कारोबार किया जा चुका है।
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गेट पास होगा मैनुअल
उन्होंने मार्किट कमेटी के सचिवों को कहा कि जहां तक गेट पासिंग का सवाल है यह कार्य वर्तमान में मैन्यूवल तरीके से ही किया जाएगा। सबसे बड़ी जरूरत इस बात कही है कि आढ़तियों और किसानों को इस व्यवस्था के बारे में अधिक से अधिक जागरूक किया जाए और यह भी बताया जाए कि ई-व्यवस्था में ही सभी का फायदा है। इस बारे विस्तार से जानकारी देने के लिए सभी मंडियों में हार्डिग लगवाए जाएं तथा हिन्दी में छापे गए ब्रॉसर को आढतियों तक पहुंचाया जाए ताकि वे इस संदर्भ में पूरी जानकारी हासिल कर सकें।
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एसएमएस सुविधा भी होगी
कृषि विपणन बोर्ड एसएमएस की सुविधा भी उपलब्ध करवाने जा रहा है इस व्यवस्था से सम्बन्धित कि सान को की गई खरीद के बारे में जानकारी हासिल हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि ई-व्यवस्था से मंडी व्यवस्था के साथ-2 खाद्य एवं पूर्ति विभाग भी जुड़ चुका है और आने वाले समय में हैफेड और एफसीआई भी जोड़े जाएंगे। उन्होंने मार्किट सचिवों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि सचिवों ने बहुत कम समय में 34 हजार आढतियों को ऑनलाईन करने का काम किया है। यह कार्य बहुत ही कम समय में किया गया। इसके लिए सभी सचिव बधाई के पात्र हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आढतियों के पास विकल्प है कि वे सम्बन्धित किसान की पेमैंट ई-व्यवस्था से या फिर अपनेे माध्यम से कर सकते हैं। सभी मार्किट कमेटी सचिव आगामी 1 अक्तूबर से ई-व्यवस्था में लॉग-ईन करेंगे।
अधिकारियों की बैठक ली
इससे पूर्व डा. जे. गणेशन ने स्थानीय अधिकारियों की बैठक ली और सभी अधिकारियों को अपने-2 विभागों से सम्बन्धित तैयारियो के निर्देश दिए । इस मौके पर खाद्य एवं पूर्ति विभाग के निदेशक संजय जून, बोर्ड के सचिव अपूर्व सिंह, एमएस कुंडू, सीएमईओ आरके. बैनीवाल, अमर सिंह , जोगिन्द्र सिंह, करनाल की एडीसी प्रियंका सोनी, जोनल एडमिनस्ट्रेर वर्षा खांगवाल, एसडीएम योगेश कुमार, सचिव चन्द्र प्रकाश, ईओ नगरनिगम धीरज कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रह