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Karnal News: दो आईटीआई और आठ ट्रेड बंद होने के कगार पर
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- 12 बार दाखिले की तिथि बढ़ने के बावजूद निजी संस्थानों की 65 फीसदी और राजकीय आईटीआई में 14.5 प्रतिशत सीटें रिक्त
- दो निजी आईटीआई और अलग-अलग पांच संस्थानों के छह ट्रेड में एक भी सीट पर नहीं हुआ दाखिला, दो में एक-एक हुआ
गगन तलवार
करनाल। युवाओं का आईटीआई की ओर रुझान कम हो रहा है। आईटीआई संस्थानों में दाखिले के लिए 12 बार अंतिम तिथि बढ़ने के बावजूद सभी सीटें नहीं भर पाईं। ऐसे में अब जिले के दो निजी संस्थानों और अलग-अलग संस्थानों की कुल आठ ट्रेड पर बंदी की तलवार लटकी है। इन संस्थानों और ट्रेड में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में विभाग इन्हें अब बंद भी कर सकता है।
वहीं यदि निजी और राजकीय संस्थानों में दाखिले की स्थिति देखें तो निजी संस्थानों की 65 फीसदी और राजकीय आईटीआई की 14.5 प्रतिशत सीटें रिक्त हैं। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के बार-बार अवसर देने के बाद भी संस्थान इन सीटों को नहीं भर पाए। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, इस बार चार मेरिट लिस्ट के तहत दाखिले होने थे। चार मेरिट लिस्ट के बाद खाली बची सीटों पर अगस्त माह की शुरुआत में ऑन द स्पॉट दाखिले शुरू किए गए थे। तब भी सभी खाली सीटों पर दाखिले नहीं हो पाए तो विभाग ने अंतिम अवसर संस्थान प्रबंधकों की मांग पर कई बार दिया।
जिले के संस्थानों की स्थिति पर नजर डालें तो करनाल जिले में नौ राजकीय संस्थानों में कुल 3316 में से 480 सीटें और नौ निजी संस्थानों की 984 सीटों में से 633 पर दाखिले के लिए कोई भी विद्यार्थी सामने नहीं आया। विभाग के पोर्टल के अनुसार गुरु ब्रह्मानंद आईटीआई और करनाल प्राइवेट आईटीआई कुंजपुरा में एक भी दाखिला नहीं हुआ है।
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यह है नियम
निसिंग की राजकीय आईटीआई के दाखिला प्रभारी डॉ. जसविंद्र सिंह संधू ने बताया कि जिन संस्थानों की सभी सीटें रिक्त हैं या जो ट्रेड पूरी तरह से रिक्त हैं, इनका भविष्य भी संकट में है, क्योंकि नियम के अनुसार यदि एक साल में एक ट्रेड या संस्थान में दाखिला नहीं होता तो उसे निलंबित कर दिया जाता है और यदि तीन साल तक ऐसी स्थिति रहे तो उसे पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। निजी संस्थानों की स्थिति ज्यादा खराब है। राजकीय संस्थानों में सीटें काफी हद तक भर चुकी हैं।
इन ट्रेड की सभी सीटें रिक्त
- राजकीय आईटीआई : असंध में कोसमेटोलॉजी की 24 सीटें, ड्रोन प्रौद्योगिकी की 24, बल्ला में प्लंबर पेड की पांच सीटें, करनाल की शीट मेटल वर्कर की 20 सीटें, जांबा की स्विंग प्रौद्योगिकी की सभी 20 सीटें रिक्त हैं।
- निजी आईटीआई : भरत प्राइवेट आईटीआई की वेल्डर की 20 सीटें, वंडरवैली आईटीआई की इलेक्ट्रॉनिक मेकेनिक की 24 में से 23 और विनायक की फिटर ट्रेड में 36 सीटें रिक्त हैं।
राजकीय आईटीआई की यह है स्थिति
आईटीआई
कुल सीट
रिक्त सीट
निसिंग
484
111
असंध
272
93
जांबा
136
55
करनाल
1336
86
इंद्री
128
39
बल्ला
264
38
घरौंडा
248
44
तरावड़ी
108
00
करनाल महिला
340
14
कुल
3316
480
निजी आईटीआई की यह है स्थिति
संस्थान
कुल सीट
रिक्त
गुरु ब्रह्मानंद रायपुर रोड़ान
172
172
करनाल आईटीआई कुंजपुरा
128
128
वंडरवैली बड़ागांव
268
166
बीबीएन आईटीआई चिड़ाव मोड
80
69
भारत आईटीआई सीदपुर
60
48
विनायक आईटीआई काछवा
80
36
रामरिषी आईटीआई सालवन
60
13
विंग्स आईटीआई करनाल
88
00
संत निक्का सिंह आईटीआई
48
01
कुल
984
633
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- दो निजी आईटीआई और अलग-अलग पांच संस्थानों के छह ट्रेड में एक भी सीट पर नहीं हुआ दाखिला, दो में एक-एक हुआ
गगन तलवार
करनाल। युवाओं का आईटीआई की ओर रुझान कम हो रहा है। आईटीआई संस्थानों में दाखिले के लिए 12 बार अंतिम तिथि बढ़ने के बावजूद सभी सीटें नहीं भर पाईं। ऐसे में अब जिले के दो निजी संस्थानों और अलग-अलग संस्थानों की कुल आठ ट्रेड पर बंदी की तलवार लटकी है। इन संस्थानों और ट्रेड में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों ने रुचि नहीं दिखाई। ऐसे में विभाग इन्हें अब बंद भी कर सकता है।
वहीं यदि निजी और राजकीय संस्थानों में दाखिले की स्थिति देखें तो निजी संस्थानों की 65 फीसदी और राजकीय आईटीआई की 14.5 प्रतिशत सीटें रिक्त हैं। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के बार-बार अवसर देने के बाद भी संस्थान इन सीटों को नहीं भर पाए। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, इस बार चार मेरिट लिस्ट के तहत दाखिले होने थे। चार मेरिट लिस्ट के बाद खाली बची सीटों पर अगस्त माह की शुरुआत में ऑन द स्पॉट दाखिले शुरू किए गए थे। तब भी सभी खाली सीटों पर दाखिले नहीं हो पाए तो विभाग ने अंतिम अवसर संस्थान प्रबंधकों की मांग पर कई बार दिया।
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जिले के संस्थानों की स्थिति पर नजर डालें तो करनाल जिले में नौ राजकीय संस्थानों में कुल 3316 में से 480 सीटें और नौ निजी संस्थानों की 984 सीटों में से 633 पर दाखिले के लिए कोई भी विद्यार्थी सामने नहीं आया। विभाग के पोर्टल के अनुसार गुरु ब्रह्मानंद आईटीआई और करनाल प्राइवेट आईटीआई कुंजपुरा में एक भी दाखिला नहीं हुआ है।
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यह है नियम
निसिंग की राजकीय आईटीआई के दाखिला प्रभारी डॉ. जसविंद्र सिंह संधू ने बताया कि जिन संस्थानों की सभी सीटें रिक्त हैं या जो ट्रेड पूरी तरह से रिक्त हैं, इनका भविष्य भी संकट में है, क्योंकि नियम के अनुसार यदि एक साल में एक ट्रेड या संस्थान में दाखिला नहीं होता तो उसे निलंबित कर दिया जाता है और यदि तीन साल तक ऐसी स्थिति रहे तो उसे पूरी तरह बंद कर दिया जाता है। निजी संस्थानों की स्थिति ज्यादा खराब है। राजकीय संस्थानों में सीटें काफी हद तक भर चुकी हैं।
इन ट्रेड की सभी सीटें रिक्त
- राजकीय आईटीआई : असंध में कोसमेटोलॉजी की 24 सीटें, ड्रोन प्रौद्योगिकी की 24, बल्ला में प्लंबर पेड की पांच सीटें, करनाल की शीट मेटल वर्कर की 20 सीटें, जांबा की स्विंग प्रौद्योगिकी की सभी 20 सीटें रिक्त हैं।
- निजी आईटीआई : भरत प्राइवेट आईटीआई की वेल्डर की 20 सीटें, वंडरवैली आईटीआई की इलेक्ट्रॉनिक मेकेनिक की 24 में से 23 और विनायक की फिटर ट्रेड में 36 सीटें रिक्त हैं।
राजकीय आईटीआई की यह है स्थिति
आईटीआई
कुल सीट
रिक्त सीट
निसिंग
484
111
असंध
272
93
जांबा
136
55
करनाल
1336
86
इंद्री
128
39
बल्ला
264
38
घरौंडा
248
44
तरावड़ी
108
00
करनाल महिला
340
14
कुल
3316
480
निजी आईटीआई की यह है स्थिति
संस्थान
कुल सीट
रिक्त
गुरु ब्रह्मानंद रायपुर रोड़ान
172
172
करनाल आईटीआई कुंजपुरा
128
128
वंडरवैली बड़ागांव
268
166
बीबीएन आईटीआई चिड़ाव मोड
80
69
भारत आईटीआई सीदपुर
60
48
विनायक आईटीआई काछवा
80
36
रामरिषी आईटीआई सालवन
60
13
विंग्स आईटीआई करनाल
88
00
संत निक्का सिंह आईटीआई
48
01
कुल
984
633