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खरीद शुरू होने में दो दिन शेष, मजदूरों का हड़ताल पर जाने का एलान
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सरकारी धान खरीद शुरू होने में सिर्फ दो दिन शेष है, लेकिन न तो जिले में जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक (डीएफएससी) की नियुक्ति की गई है न आढ़तियों व राइस मिलर्स ने खरीद में शामिल होने की हामी भरी है। दूसरी ओर प्रदेश की अनाज मंडियों में काम करने वाले श्रमिकों ने भी एक अक्तूबर से हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन द्वारा खरीद में शामिल होने या न होने का फैसला बुधवार को कुरुक्षेत्र के शाहबाद में होने वाली बैठक में लिया जा सकता है। यहां एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव भी होगा।
हरियाणा सरकार ने एक अक्तूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने का एलान किया है, लेकिन खरीद समय पर शुरू हो पाएगी, इस पर अब भी संदेह है, क्योंकि अभी तक खरीद में शामिल होने वाली एजेंसियों, राइस मिलर्स, आढ़तियों, श्रमिकों का रुख स्पष्ट नहीं है। सभी की अपनी-अपनी समस्याएं हैं और उनका समाधान अभी तक नहीं हो सका है।
राठी को एक माह पहले किया था निलंबित
एक महीने पहले करनाल के डीएफएससी निशांत राठी को अन्न महोत्सव में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया था। तब से सरकार अभी तक जिले में नया डीएफएससी नियुक्त नहीं कर सकी है। आलम यह है कि जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों का वेतन तक नहीं निकल पा रहा है। डीएफएससी ही धान खरीद की सबसे बड़ी एजेंसी है, लेकिन एजेंसी ने अभी तक अनाज मंडियों में निरीक्षकों की ड्यूटियां तक नहीं लगाई हैं। ऐसे में धान खरीद तय समय पर कैसे हो सकेगी, इसको लेकर असमंजस की स्थिति है।
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सरकार के रवैये पर होगी वार्ता
हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की राज्य स्तरीय बैठक 29 सितंबर को कुरुक्षेत्र के शाहबाद में होनी है। जिसमें प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव तो होगा ही, इस बात पर भी निर्णय लिया जा सकता है कि आढ़तियों की मांगों पर सरकार कितनी गंभीर हुई है और एक अक्तूबर से शुरू होने वाली धान की खरीद में आढ़ती भाग लेंगे या हड़ताल पर जाएंगे। चेयरमैन रजनीश चौधरी ने बताया कि फिलहाल प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव होना है लेकिन चर्चा आढ़तियों के मुद्दों पर भी हो सकती है। बैठक में ही तय हो सकेगा कि आढ़ती खरीद में भाग लेंगे या नहीं।
जहां तक धान की खरीद की बात है वह तय समय पर ही शुरू होगी। करनाल जिले में डीएफएससी की नियुक्ति भी एक-दो दिन के अंदर कर दी जाएगी। धान खरीद की सभी तैयारियां की जा रही हैं।
मेघना कंवर, उपनिदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग
मुख्य प्रशासक से वार्ता विफल, मंडियों में नहीं करेंगे काम
करनाल। हरियाणा की अनाज मंडियों में काम करने वाले मजदूरों ने एक अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। इससे पहले 30 सितंबर को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर श्रमिकों द्वारा उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दिन करनाल में करीब पांच हजार मजदूर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
भारतीय मजदूर संघ के पूर्व अध्यक्ष व मंडी मजदूर संगठन करनाल के प्रधान जंग बहादुर यादव ने बताया कि मंगलवार को पंचकूला में मंडी मजदूरों का प्रतिनिधिमंडल मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से मिला था लेकिन बताया गया कि श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने के बजाय पिछले साल की अपेक्षा 4.20 रुपए कर दी गई है। जिसको लेकर मजदूरों में भारी रोष है।
बातचीत के दौरान भी कोई समस्या हल नहीं हो सकी है। इसके बाद मंडी मजदूरों ने हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि दो साल से मजदूरी में एक रुपए की बढ़ोतरी नहीं की गई है। जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। अब विभाग ने नया आदेश जारी करके चार रुपये 20 पैसे मजदूरी कम कर दी है। इतनी कम मजदूरी में मजदूर काम नहीं कर सकता। इसलिए एक अक्तूबर से हरियाणा की सभी अनाज मंडियों में मजदूर हड़ताल पर रहेंगे। इससे पूर्व 30 सितंबर को जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। करनाल में इस दिन पांच हजार मजदूर एकत्र होंगे। लाडवा के मजदूर भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।
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करनाल। सरकारी धान खरीद शुरू होने में सिर्फ दो दिन शेष है, लेकिन न तो जिले में जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक (डीएफएससी) की नियुक्ति की गई है न आढ़तियों व राइस मिलर्स ने खरीद में शामिल होने की हामी भरी है। दूसरी ओर प्रदेश की अनाज मंडियों में काम करने वाले श्रमिकों ने भी एक अक्तूबर से हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन द्वारा खरीद में शामिल होने या न होने का फैसला बुधवार को कुरुक्षेत्र के शाहबाद में होने वाली बैठक में लिया जा सकता है। यहां एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव भी होगा।
हरियाणा सरकार ने एक अक्तूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने का एलान किया है, लेकिन खरीद समय पर शुरू हो पाएगी, इस पर अब भी संदेह है, क्योंकि अभी तक खरीद में शामिल होने वाली एजेंसियों, राइस मिलर्स, आढ़तियों, श्रमिकों का रुख स्पष्ट नहीं है। सभी की अपनी-अपनी समस्याएं हैं और उनका समाधान अभी तक नहीं हो सका है।
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राठी को एक माह पहले किया था निलंबित
एक महीने पहले करनाल के डीएफएससी निशांत राठी को अन्न महोत्सव में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया था। तब से सरकार अभी तक जिले में नया डीएफएससी नियुक्त नहीं कर सकी है। आलम यह है कि जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों, कर्मचारियों का वेतन तक नहीं निकल पा रहा है। डीएफएससी ही धान खरीद की सबसे बड़ी एजेंसी है, लेकिन एजेंसी ने अभी तक अनाज मंडियों में निरीक्षकों की ड्यूटियां तक नहीं लगाई हैं। ऐसे में धान खरीद तय समय पर कैसे हो सकेगी, इसको लेकर असमंजस की स्थिति है।
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सरकार के रवैये पर होगी वार्ता
हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन की राज्य स्तरीय बैठक 29 सितंबर को कुरुक्षेत्र के शाहबाद में होनी है। जिसमें प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव तो होगा ही, इस बात पर भी निर्णय लिया जा सकता है कि आढ़तियों की मांगों पर सरकार कितनी गंभीर हुई है और एक अक्तूबर से शुरू होने वाली धान की खरीद में आढ़ती भाग लेंगे या हड़ताल पर जाएंगे। चेयरमैन रजनीश चौधरी ने बताया कि फिलहाल प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव होना है लेकिन चर्चा आढ़तियों के मुद्दों पर भी हो सकती है। बैठक में ही तय हो सकेगा कि आढ़ती खरीद में भाग लेंगे या नहीं।
जहां तक धान की खरीद की बात है वह तय समय पर ही शुरू होगी। करनाल जिले में डीएफएससी की नियुक्ति भी एक-दो दिन के अंदर कर दी जाएगी। धान खरीद की सभी तैयारियां की जा रही हैं।
मेघना कंवर, उपनिदेशक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग
मुख्य प्रशासक से वार्ता विफल, मंडियों में नहीं करेंगे काम
करनाल। हरियाणा की अनाज मंडियों में काम करने वाले मजदूरों ने एक अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। इससे पहले 30 सितंबर को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर श्रमिकों द्वारा उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दिन करनाल में करीब पांच हजार मजदूर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
भारतीय मजदूर संघ के पूर्व अध्यक्ष व मंडी मजदूर संगठन करनाल के प्रधान जंग बहादुर यादव ने बताया कि मंगलवार को पंचकूला में मंडी मजदूरों का प्रतिनिधिमंडल मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से मिला था लेकिन बताया गया कि श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाने के बजाय पिछले साल की अपेक्षा 4.20 रुपए कर दी गई है। जिसको लेकर मजदूरों में भारी रोष है।
बातचीत के दौरान भी कोई समस्या हल नहीं हो सकी है। इसके बाद मंडी मजदूरों ने हड़ताल पर जाने का एलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि दो साल से मजदूरी में एक रुपए की बढ़ोतरी नहीं की गई है। जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। अब विभाग ने नया आदेश जारी करके चार रुपये 20 पैसे मजदूरी कम कर दी है। इतनी कम मजदूरी में मजदूर काम नहीं कर सकता। इसलिए एक अक्तूबर से हरियाणा की सभी अनाज मंडियों में मजदूर हड़ताल पर रहेंगे। इससे पूर्व 30 सितंबर को जिला स्तर पर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। करनाल में इस दिन पांच हजार मजदूर एकत्र होंगे। लाडवा के मजदूर भी विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।