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Karnal News: बसों की कमी से बिगड़ी परिवहन व्यवस्था, बहन-भाईयों को करना पड़ा इंतजार
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- जरूरत है 250 रोडवेज बसों की, निजी समेत 218 ही चलीं तो यात्रियों ने झेली परेशानी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भैयादूज के पर्व पर रोडवेज बसों की कमी से परिवहन व्यवस्था बिगड़ी। बस स्टैंड हो या राजमार्ग, सभी जगह यात्री इंतजार करते दिखे। हालांकि रोडवेज के साथ-साथ निजी बसों ने भी भाई-बहनों को सफर कराया, लेकिन बसें ओवरलोड चलने से यात्रियों को सफर के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आबादी के हिसाब से करनाल रोडवेज के बेड़े में 250 बसें होनी चाहिए। लेकिन डिपो के पास महज 158 बसें ही हैं। भैयादूज पर 60 निजी बसें मिलाकर 218 बसें ऑन रूट रहीं लेकिन भीड़ के कारण कई मार्गों पर काफी दिक्कत रही। हालांकि पिछले एक साल में रोडवेज के बेड़े में नई बसें काफी संख्या में शामिल हुई हैं पर पुरानी बसों के कंडम होने के कारण बेड़ा नहीं बढ़ पाया।
इधर, रोडवेज के ड्यूटी इंस्पेक्टर ने बताया कि दो दिनों में डिपो की सभी बसों ने चार हजार किलोमीटर अतिरिक्त सफर किया है ताकि व्यवस्था बनी रहे। बावजूद इसके यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कोई बस के इंतजार में अड्डे या हाईवे के चौक पर घंटों खड़ा रहा। तो किसी को कई किलोमीटर बस में खड़े होकर या बाहर लटक कर सफर करना पड़ा। जिले की आबादी 15 लाख है, ऐसे में नियम के अनुसार, डिपो में 250 बसें होना जरूरी हैं। लेकिन विभाग 158 बसों में ही काम चला रहा है। जिसका खामियाजा त्योहार के दिनों में यात्रियों को भुगतना पड़ता है।
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टैक्सियों के बढ़े रेट, दो गुने किराया वसूला
बसों में भीड़ के कारण टैक्सी चालकों ने भी अपनी मनमर्जी से सवारियों से किराया वसूला। अमूमन 100 रुपये प्रति सवारी पर चलने वाली टैक्सी ने भी लोगों से किराये के रूप में दो से तीन सौ रुपये तक वसूले। इससे काफी सवारियों को सफर में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हाईवे से अंबाला व दिल्ली की तरफ दिनभर कई टैक्सी चलती हैं। पानीपत जाने वाली वर्षा, शिफाली और अंकुर ने बताया कि उन्हें आधे घंटे इंतजार के बाद निर्मल कुटिया चौक से टैक्सी मिली। उसमें भी 60 रुपये सवारी के हिसाब से किराया वसूला। जबकि बस का किराया कम है। बसों और टैक्सी में भी भीड़ है।
छठ पर्व और दिवाली के कारण ट्रेनों में भी भीड़
भैया दूज के दिन ट्रेनों में भी महिलाओं को सुरक्षित सफर नहीं मिला। महिलाओं के लिए आरक्षित कोचों में पुरुष सफर करते दिखाई दिए। वहीं इससे पहले टिकट लेने के लिए भी महिला सवारियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। दिवाली का त्योहार मनाने के लिए दूर अपने घरों में गए कामकाजी लोग भी वापस आने लगे हैं। वहीं छठ पर्व नजदीक होने से यूपी और बिहार के लोग भी रेल से अपने घरों की ओर जा रहे हैं। ऐसे में ट्रेनों में भी इन दिनों भीड़ है। सुबह के समय दिल्ली से अंबाला व कुरुक्षेत्र तक व अंबाला से दिल्ली तक जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में भी काफी भीड़ रही।
निजी वाहन बढ़ने से सड़कों पर रही जाम की स्थिति
त्योहार पर सार्वजनिक वाहनों में भीड़ की स्थिति को देखते हुए लोगों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लिया। सार्वजनिक वाहनों में लोग खिड़कियों पर लटके दिखे। जीटी रोड, कैथल रोड, असंध रोड, इंद्री रोड, मेरठ रोड व काछवा रोड सहित कई मार्गों पर अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा वाहना दौड़ते दिखाई दिए। इसके अलावा शहर के मुख्य मार्गों पर भी काफी भीड़ रही। कई जगह जाम की स्थिति भी पनपी। जिसे ट्रैफिक पुलिस ने साथ के साथ ही व्यवस्थित किया।
वर्जन
भैयादूज व दिवाली पर्व पर लोगों को बेहतर सुविधा दे सकें, इसके लिए कर्मियों की छुट्टियां रद्द रहीं। लोगों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया। भैयादूज और इससे एक दिन पहले हमारी बसों ने अतिरिक्त फेरे भी लगाए।
- कुलदीप सिंह, जीएम, रोडवेज
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भैयादूज के पर्व पर रोडवेज बसों की कमी से परिवहन व्यवस्था बिगड़ी। बस स्टैंड हो या राजमार्ग, सभी जगह यात्री इंतजार करते दिखे। हालांकि रोडवेज के साथ-साथ निजी बसों ने भी भाई-बहनों को सफर कराया, लेकिन बसें ओवरलोड चलने से यात्रियों को सफर के दौरान काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आबादी के हिसाब से करनाल रोडवेज के बेड़े में 250 बसें होनी चाहिए। लेकिन डिपो के पास महज 158 बसें ही हैं। भैयादूज पर 60 निजी बसें मिलाकर 218 बसें ऑन रूट रहीं लेकिन भीड़ के कारण कई मार्गों पर काफी दिक्कत रही। हालांकि पिछले एक साल में रोडवेज के बेड़े में नई बसें काफी संख्या में शामिल हुई हैं पर पुरानी बसों के कंडम होने के कारण बेड़ा नहीं बढ़ पाया।
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इधर, रोडवेज के ड्यूटी इंस्पेक्टर ने बताया कि दो दिनों में डिपो की सभी बसों ने चार हजार किलोमीटर अतिरिक्त सफर किया है ताकि व्यवस्था बनी रहे। बावजूद इसके यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कोई बस के इंतजार में अड्डे या हाईवे के चौक पर घंटों खड़ा रहा। तो किसी को कई किलोमीटर बस में खड़े होकर या बाहर लटक कर सफर करना पड़ा। जिले की आबादी 15 लाख है, ऐसे में नियम के अनुसार, डिपो में 250 बसें होना जरूरी हैं। लेकिन विभाग 158 बसों में ही काम चला रहा है। जिसका खामियाजा त्योहार के दिनों में यात्रियों को भुगतना पड़ता है।
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टैक्सियों के बढ़े रेट, दो गुने किराया वसूला
बसों में भीड़ के कारण टैक्सी चालकों ने भी अपनी मनमर्जी से सवारियों से किराया वसूला। अमूमन 100 रुपये प्रति सवारी पर चलने वाली टैक्सी ने भी लोगों से किराये के रूप में दो से तीन सौ रुपये तक वसूले। इससे काफी सवारियों को सफर में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हाईवे से अंबाला व दिल्ली की तरफ दिनभर कई टैक्सी चलती हैं। पानीपत जाने वाली वर्षा, शिफाली और अंकुर ने बताया कि उन्हें आधे घंटे इंतजार के बाद निर्मल कुटिया चौक से टैक्सी मिली। उसमें भी 60 रुपये सवारी के हिसाब से किराया वसूला। जबकि बस का किराया कम है। बसों और टैक्सी में भी भीड़ है।
छठ पर्व और दिवाली के कारण ट्रेनों में भी भीड़
भैया दूज के दिन ट्रेनों में भी महिलाओं को सुरक्षित सफर नहीं मिला। महिलाओं के लिए आरक्षित कोचों में पुरुष सफर करते दिखाई दिए। वहीं इससे पहले टिकट लेने के लिए भी महिला सवारियों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। दिवाली का त्योहार मनाने के लिए दूर अपने घरों में गए कामकाजी लोग भी वापस आने लगे हैं। वहीं छठ पर्व नजदीक होने से यूपी और बिहार के लोग भी रेल से अपने घरों की ओर जा रहे हैं। ऐसे में ट्रेनों में भी इन दिनों भीड़ है। सुबह के समय दिल्ली से अंबाला व कुरुक्षेत्र तक व अंबाला से दिल्ली तक जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में भी काफी भीड़ रही।
निजी वाहन बढ़ने से सड़कों पर रही जाम की स्थिति
त्योहार पर सार्वजनिक वाहनों में भीड़ की स्थिति को देखते हुए लोगों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लिया। सार्वजनिक वाहनों में लोग खिड़कियों पर लटके दिखे। जीटी रोड, कैथल रोड, असंध रोड, इंद्री रोड, मेरठ रोड व काछवा रोड सहित कई मार्गों पर अन्य दिनों के मुकाबले ज्यादा वाहना दौड़ते दिखाई दिए। इसके अलावा शहर के मुख्य मार्गों पर भी काफी भीड़ रही। कई जगह जाम की स्थिति भी पनपी। जिसे ट्रैफिक पुलिस ने साथ के साथ ही व्यवस्थित किया।
वर्जन
भैयादूज व दिवाली पर्व पर लोगों को बेहतर सुविधा दे सकें, इसके लिए कर्मियों की छुट्टियां रद्द रहीं। लोगों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया। भैयादूज और इससे एक दिन पहले हमारी बसों ने अतिरिक्त फेरे भी लगाए।
- कुलदीप सिंह, जीएम, रोडवेज