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तीन तरह के सुरक्षा घेरों में रहता था अजय पंडित
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
Updated Sun, 31 Jan 2016 11:50 PM IST
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हाई प्रोफाइल ठगी के आरोपी अजय शर्मा के शाही ठाठ का एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यह सुनकर आप भी दंग रह सकते हैं। उसके प्रतिमाह का खर्च किसी बड़े उद्योगपतियों और मंत्रियों को से भी कई गुणा ज्यादा था। उसका प्रति माह का खर्च करीब 50 लाख रुपये था।
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इसमें फार्म हाउस और आलीशान कोठियों के किराये के अलावा भारी भरकम स्टाफ का वेतन भी शामिल है। इसके अलावा, एक और अहम बात यह थी कि अजय शर्मा और रितेश तिवारी दोनों ही तीन सुरक्षा घेरों में रहते थे। इनमें हरियाणा पुलिस, दिल्ली पुलिस के अलावा उनके निजी सुरक्षा कर्मचारी शामिल थे।
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यह बातें एसआईटी की जांच में सामने आई हैं। पुलिस के विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि अजय शर्मा का हर माह का खर्चा 50 लाख रुपये था। यह खर्च करने के लिए ही वे महीने में एक या दो लोगों के साथ करोड़ों रुपये की ठगी करते थे। जांच में यह बात भी सामने आई है कि वह अपने स्टाफ को खुश रखता था और उन्हें वेतन के अलावा गिफ्ट भी देता था।
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दूसरों के पैसे पर शाही ठाठ करने वाले अजय शर्मा ने पुलिस रिमांड के दौरान यह बातें कबूल की हैं कि उसने दिखावे के लिए छतरपुर में लाखों रुपये प्रति माह किराए पर एक फार्म हाउस ले रखा था और इसी प्रकार पंजाबी बाग में एक आलीशान कोठी। इन दोनों का ही किराया करीब 20 लाख रुपये बनता है। इसके अलावा, अजय शर्मा जहां खुद एक करोड़ रुपये से कम गाड़ी प्रयोग नहीं करता था, उसके साथ काफिले में भी अन्य महंगी गाड़ियां शामिल रहती थी।
एसआईटी की जांच में यह बात सामने आई है कि अजय शर्मा के स्टाफ में भी दर्जनभर लोग शामिल थे। इनमें अकेले अजय शर्मा के चार पीए थे। वहीं, अगर सुरक्षा की बात करें तो अजय शर्मा के पास अकेले निजी सुरक्षा में 20 कर्मचारी हर समय तैनात रहते थे।
तीन तरह की सिक्योरिटी के बीच रहता था अजय शर्मा
एक बार पैसे लेने के बाद अजय शर्मा से किसी का भी मिलना इतना आसान नहीं था। जांच में यह बात सामने आई है कि अजय शर्मा जिसके माध्यम (टाउट) से संबंधित व्यक्ति से पैसे की डील करता था, उसे कहता था कि आपका जो भी काम है वो हो जाएगा और मेरे से मिलने की बजाए जो उसे लेकर आया है, उससे ही मिले। अगर किसी को दोबारा से अजय शर्मा से मिलना होता वह बड़ा मुश्किल था, क्योंकि अजय शर्मा के पास तीन घेरे सुरक्षा के होते थे।
तिवारी के पास थे 50 निजी सुरक्षाकर्मी
पुलिस को इस बात की भी पुख्ता जानकारी मिली है कि अजय शर्मा ने ही रितेश तिवारी को 50 निजी सुरक्षा कर्मचारी दे रखे थे, जिससे उसका रौब भी बड़ा लगे। हालांकि, बाद में उससे यह सुरक्षा वापस ले ली थी। एसआईटी से जुड़े एक सदस्य का कहना है कि रितेश तिवारी और अजय शर्मा दोनों का ही एक जैसा रूतबा था और दोनों ही दिल्ली के एक बड़े राजघराने के साथ अपने तालुकात होने का दावा करते थे।
न रितेश तिवारी का पता और न ही उसके ठिकाने
अजय शर्मा को गिरफ्तार करके अपनी पीठ थपथपाने वाली करनाल पुलिस की सारी कोशिशें रितेश तिवारी के सामने फीकी पड़ गई। कुल 14 दिन तक अजय शर्मा को रिमांड पर लेने के बाद भी करनाल पुलिस उससे न तो ठगी के पैसे बरामद कर सकी और न ही रितेश तिवारी का ठिकाना पता लगा सकी।
पुलिस के हाथ अब खाली हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि वह अभी तफ्तीश कर रही है और छापेमारी कर रही है, लेकिन पुलिस के हाथ ऐसा कोई सुराग नहीं है, जिससे रितेश तिवारी तक पहुंचा जा सके। उधर, पीड़ित लगातार करनाल पुलिस के पास आ रहे हैं और अपने पैसे की रिकवरी को लेकर अर्ज कर रहे हैं।
आयकर और सेल टैक्स विभाग को भेजी रिपोर्ट
करनाल पुलिस ने अजय शर्मा की करोड़ों की डील को देखते हुए आयकर विभाग और सेल टैक्स विभाग को भी रिपोर्ट भेजी है, ताकि वे उसकी संपत्ति आदि की जांच कर सकें, आखिर पैसा कहां से आया और कहां पर खर्च किया है। पिछले तीन दिन पहले करनाल पुलिस अपनी तरफ से दोनों विभागों को अजय शर्मा के दस्तावेज सौंप चुकी है। अब देखना यह है कि विभागों की जांच में क्या निकलता है?
वर्जन
एसआईटी पूरे मामले की अलग अलग पहलुओं से जांच कर रही है। जांच में कुछ चीजें सामने आई हैं। रितेश तिवारी व अन्य की गिरफ्तारी की कोशिशें जारी हैं। हमने सेल्स टैक्स और आयकर विभाग को अजय शर्मा के बारे में जानकारी दी है, ताकि वे आय के बारे में भी जांच कर सकें।
- पंकज नैन, एसपी।