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सड़क है न गोदाम, यह जिला सचिवालय है जनाब!
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There is no road or warehouse, this is the district secretariat, sir
सड़क है न गोदाम, यह जिला सचिवालय है जनाब!
करनाल। यह न तो कोई सड़क है और न ही गोदाम! यह लघु सचिवालय है, जहां से कर्णभूमि की प्रशासनिक व्यवस्था का नियंत्रण और पर्यवेक्षण होता है। जनता की शिकायतों और समस्याओं का निवारण होता है और सरकारी योजनाओं और निर्णयों को अमलीजामा पहनाया जाता है। यहां पर प्रशासनिक व्यवस्था के प्रमुख उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के कार्यालय हैं। इसके अलावा भी विभिन्न विभागों के प्रमुख अफसर यहां नियमित रूप से बैठकर लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं। ऐसे में यहां अगर बोरे में शराब की बोतलें मिलती हैं तो निश्चित रूप से गंभीर बात है, जो यहां के अफसर भी मानते हैं।
बात हो रही है लघु सचिवालय में ब्लॉक दो के बेसमेंट फ्लोर पर बिखरी शराब की बोतलों के संबंध में। इस ब्लॉक में बच्चों और महिलाओं से जुड़े शिक्षा, कल्याण, रोजगार समेत अन्य विभाग हैं। संभव है कि यह बोतलें यहीं एकत्रित की गई हैं, या फिर बाहर से लाकर यहां रखी गईं हों, लेकिन अफसरों की नाक के नीचे शराब की बिखरी बोतलें व्यवस्था पर सवाल तो खड़ा करती ही हैं। कारण कि यहां पर बड़े अफसरों का हमेशा आवागमन रहता है, जिससे गेट से भवन तक सुरक्षा का कड़ा पहरा रहता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बिना जांच किए इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता। मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- योगेश कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त
मैं दो दिन से छुट्टी पर हूं। किसी को भेजकर चेक करवाता हूं। सचिवालय में इस तरह की चीजें मिलना गंभीर बात है। इसकी जांच की जाएगी।
-अभय सिंह, सीटीएम करनाल
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करनाल। यह न तो कोई सड़क है और न ही गोदाम! यह लघु सचिवालय है, जहां से कर्णभूमि की प्रशासनिक व्यवस्था का नियंत्रण और पर्यवेक्षण होता है। जनता की शिकायतों और समस्याओं का निवारण होता है और सरकारी योजनाओं और निर्णयों को अमलीजामा पहनाया जाता है। यहां पर प्रशासनिक व्यवस्था के प्रमुख उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के कार्यालय हैं। इसके अलावा भी विभिन्न विभागों के प्रमुख अफसर यहां नियमित रूप से बैठकर लोगों की समस्याओं का समाधान करते हैं। ऐसे में यहां अगर बोरे में शराब की बोतलें मिलती हैं तो निश्चित रूप से गंभीर बात है, जो यहां के अफसर भी मानते हैं।
बात हो रही है लघु सचिवालय में ब्लॉक दो के बेसमेंट फ्लोर पर बिखरी शराब की बोतलों के संबंध में। इस ब्लॉक में बच्चों और महिलाओं से जुड़े शिक्षा, कल्याण, रोजगार समेत अन्य विभाग हैं। संभव है कि यह बोतलें यहीं एकत्रित की गई हैं, या फिर बाहर से लाकर यहां रखी गईं हों, लेकिन अफसरों की नाक के नीचे शराब की बिखरी बोतलें व्यवस्था पर सवाल तो खड़ा करती ही हैं। कारण कि यहां पर बड़े अफसरों का हमेशा आवागमन रहता है, जिससे गेट से भवन तक सुरक्षा का कड़ा पहरा रहता है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
बिना जांच किए इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता। मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- योगेश कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त
मैं दो दिन से छुट्टी पर हूं। किसी को भेजकर चेक करवाता हूं। सचिवालय में इस तरह की चीजें मिलना गंभीर बात है। इसकी जांच की जाएगी।
-अभय सिंह, सीटीएम करनाल