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पुरानी लोक कला में जो मिठास है वह आज की गायिकी में नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 28 Feb 2022 02:17 AM IST
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The sweetness which is in old folk art is not in today's singing.
हरियाणवीं कलाकार राजबाला। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। पुरानी लोक कला लोगों के दिल छू लेती है, उसमें जो मिठास और सार है, वह आज की गायिकी में नहीं मिल रहा है लेकिन फिर बदलते जमाने ने लोक कलाओं को विलुप्तता के कगार पर ला दिया है। सांग, रागनी आदि कई अन्य लोक कला की विधाओं को जीवंत रखने के लिए उनमें आधुनिकता का पुट शामिल करते हुए यानी रीमिक्स के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया जा रहा है। यह बात हरियाणा के बहादुरगढ़ की ख्याति प्राप्त लोक गायिका राजबाला ने कही।
राजबाला बहादुरगढ़ ने रविवार को अमर उजाला से बातचीत के दौरान अपनी कुछ यादें साझा कीं। उन्होंने कहा कि उनका जन्म तो रोहतक के पास एक गांव में हुआ था लेकिन जन्म के दो महीने बाद ही उनका परिवार सोनीपत के सरथल गांव आ गया था, वहीं उनका गांव है। शादी जल्दी हो गई लेकिन पति व परिवार ने उन्हें पूरा सहयोग किया। इसी वजह से वह इस मुकाम पर है। राजबाला ने बताया कि उन्हें खुशी है कि हमारे हरियाणा की लोक कलाएं, संस्कृति आज देशभर के विभिन्न हिस्सों में पसंद की जा रही हैं। लोक गायिका बनने के सफर के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें बचपन से ही जागरण सुनने का बहुत शौक था। बहादुरगढ़ में भी एक टीम है, जो जागरण व रागनी करती है, उसी में गाना शुरू किया तो लोगों ने उन्हें सराहा जिससे हौसला मिला। शौक कब प्रोफेशन बन गया पता ही नहीं चला।
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किस्सों पर आधारित होती है उनकी रागनी
राजबाला बहादुरगढ़ ने बताया कि उनकी रागनी किस्सों पर आधारित होती है, उसमें सार होता है, बहुत कुछ सुनने और समझने को होता है, जो श्रोताओं के दिल को छू लेता है। पहले सांग व रागनी का बहुत अधिक क्रेज था, लेकिन बदलते जमाने के साथ ही मनोरंजन का तरीका और नजरिया दोनों बदल गए। लेकिन ऐसा नहीं है कि इस क्षेत्र में नए लोग या कलाकार नहीं आ रहे हैं, बहुत से लोग आ रहे हैं, अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं। लेकिन इतना जरूर है कि जब स्टेज पर कलाकार होता है तो दर्शकों का मनोरंजन करना उसका फर्ज है लेकिन मनोरंजन की सीमा और मर्यादा जरूर होनी चाहिए।
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नए प्रयोग भी हो रहे
इसमें दो राय नहीं कि प्राचीन लोक कलाएं विलुप्त हो रही हैं, इन्हें जीवंत रखने के लिए संघर्ष किया जा रहा है, जनता की मांग पर आधारित नए प्रयोग भी हो रहे हैं, जिसके तहत रीमिक्स करके नए दर्शकों के सामने पेश किया जा रहा है। यही कारण है कि एक बड़ा वर्ग है जो इसे बेहद पसंद कर रहा है। स्टेज पर उन्हें दो दशक पूरे हो चुके हैं, आज भी उन्हें दर्शकों को भरपूर स्नेह मिल रहा है।
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