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पड़ोसी मुल्कों में नहीं भारतीय सीमाओं पर कोई हलचल करने की हिम्मत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 25 Nov 2019 02:21 AM IST
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the spirit and passion of patriotism is our strength
सैनिक स्कूल कुंजपुरा के ओल्ड ब्वॉयज एसोसिएशन के अध्यक्ष मेजर जनरल बिशंबर दयाल (रिटा.) ने कहा कि हमारे जवानों में ऐसा देशभक्ति का जज्बा व जुनून है जो दुनिया में किसी सेना में नहीं। यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। यही नहीं दुनिया में भारतीय सेनाएं उच्च प्रशिक्षित सेनाओं में शुमार हैं। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान व चीन में इतना दम नहीं है कि वह भारतीय सीमाओं की ओर सिर उठाने का दुस्साहस कर सकें। यदि कोई ऐसा करता है तो उसका मुंहतोड़ जवाब देने में भारतीय सेनाएं सक्षम हैं। अमर उजाला संवाददाता से विशेष बातचीत में उन्होंने यह उद्गार व्यक्त किये। मौका था सैनिक स्कूल में रविवार को आयोजित पूर्व छात्र मिलन समारोह का, जिसमें सैनिक स्कूल से पासआउट होने वाले कई अधिकारी एकत्रित हुए थे।
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फरवरी 2019 में पुलवामा में भारतीय फौजियों पर हमले के सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां पर आतंकवाद को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। मौजूदा सरकार ने जम्मू-कश्मीर में जो कदम उठाए वह अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमले जैसे मामलों में केस स्टडी की जाती है। उसके कारण पता किए जाते हैं और भविष्य की योजनाएं बनाई जाती हैं ताकि आगे कोई ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो। उन्होंने वहां पर सर्विलांस सिस्टम मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि खतरों के अंदेशे से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि देश में पुलिस का कोई विकल्प नहीं है। पुलिस के पास अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, नागरिकों का विवरण सहित पूरा ब्यौरा होता है, जहां पुलिस कुछ नहीं कर पाती वहां पहले सीआरपीएफ और फिर बाद में आर्मी भेजी जाती है।
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1961 में सैनिक स्कूल कुंजपुरा की हुई थी स्थापना
उन्होंने कहा कि 1961 में सैनिक स्कूल कुंजपुरा की स्थापना की गई थी। यह स्कूल सैनिक स्कूलों में सबसे वरिष्ठ श्रेणी में आता है। मध्यम वर्ग व गांवों के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके और उन्हें सेना में जाने के अवसर मिलें, इस उद्देश्य से स्कूल की स्थापना की गई थी। इस स्कूल ने तीनों सेनाओं में कई बड़े आफिसर दिए हैं। इस स्कूल से पढ़े 10 जवानों ने देश के लिए शहादत दी। दो अशोक चक्र प्राप्त छात्र रह चुके हैं। 40 से अधिक गैलेंट्री अवार्ड विनर हैं। एक छात्र ओलंपियन रह चुका है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों में सेना में जाने व देश सेवा का जज्बा भरा जाता है।
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