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Karnal News: ईरान-इस्राइल युद्ध से अंतरराष्ट्रीय बाजार में बासमती का भाव गिरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jun 2025 02:52 AM IST
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The price of Basmati fell in the international market due to Iran-Israel war
- 71 से घटकर अब 65 रुपये प्रति किलो हुआ, ईरान से मिले चावल आपूर्ति ऑर्डर की डिलीवरी में हो सकती है देरी, कांडला बंदरगाह पर अटके कंटेनर
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- प्रदेश से 60 फीसदी बासमती होता है निर्यात जिसमें तरावड़ी का अहम स्थान
देव शर्मा
करनाल। ईरान और इस्राइल के बीच युद्ध शुरू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में बासमती के भाव में करीब पांच रुपये प्रति किलो तक की गिरावट आ गई है। ईरान से चावल की डिमांड बंद हो गई है, अन्य देशों से आने वाली मांग भी प्रभावित हो रही है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में जो बासमती 70 व 71 रुपये प्रति किलो था, उसका भाव 65 रुपये प्रति किलो पर आ गया है। यदि युद्ध लंबा चलता है, तो भाव में और गिरावट आने की संभावना है। इससे भारतीय बासमती निर्यातकों की चिंता बढ़ गई है।
चावल निर्यातकों के अनुसार, बासमती निर्यात के मामले में हरियाणा अहम स्थान रखता है, क्योंकि देश का करीब 60 प्रतिशत बासमती यहीं से जाता है, इसमें भी अधिकतर चावल करनाल के तरावड़ी क्षेत्र से निर्यात किया जाता है। अब ईरान और इस्राइल के बीच युद्ध शुरू होने के बाद बासमती के निर्यात पर असर पड़ना स्वाभाविक है।
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दुनिया के बड़े आयातकों में शुमार ईरान से मिले बासमती के ऑर्डर की डिलीवरी में भी देरी होने की आशंका है। क्योंकि कई कंटेनर चावल कांडला बंदरगाह पर ठहर गया है। ईरान भारतीय बासमती का बड़ा आयातक देश है। भारतीय बासमती को जितना कुल निर्यात दुनिया के विभिन्न देशों को किया जाता है, उसका करीब 20 प्रतिशत चावल का निर्यात अकेले ईरान को किया जाता है, जबकि इस्राइल को भारत से चावल का निर्यात नहीं होता है।
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भारत के कुल निर्यात का करीब 20 प्रतिशत यानी करीब 10 लाख क्विंटल बासमती का ईरान अकेला खरीदार है। युद्ध का प्रभाव तो पड़ता ही है। पिछले साल भी करीब साढ़े नौ लाख क्विंटल चावल ईरान गया था। इस वित्तीय वर्ष के तो अभी दो महीने बीते हैं, अब युद्ध की स्थिति आ गई है। ईरान से मांग नहीं आ रही है। जिसका सीधा नुकसान निर्यातकों को हो सकता है।

- सतीश गोयल, प्रधान ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

तीन महीने में ईरान से बासमती की मांग बढ़ी थी, जिसके कारण चावल का भाव में 70 से 71 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था लेकिन पिछले तीन चार दिनों ही भाव 65 रुपये रह गया है। कांडला बंदरगाह पर ईरान जाने वाले कंटेनर ठहर गए हैं। ईरान से मांग भी नहीं आ रही है। पहले के डो ऑर्डर निर्यातकों को मिले हुए हैं, उनकी डिलीवरी समय से नहीं हो पाएगी, इसका भी खराब प्रभाव पड़ सकता है।
सुशील जैन, प्रधान हरियाणा राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
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