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जिले के 146 जेबीटी शिक्षकों की नौकरी पर तलवार

Fri, 10 Jan 2014 12:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल Updated Fri, 10 Jan 2014 12:15 AM IST
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The jobs of 146 teachers in the district JBT sword
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से 2862 जेबीटी शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने के मामले ने हड़कंप मचा दिया है। करनाल जिले के 146 जेबीटी शिक्षकों पर भी इस फैसले की तलवार लटकी हुई है। इस फैसले से 146 परिवारों पर रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
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इनमें से अधिकांश शिक्षक ओवरएज हो चुके हैं। यदि हाईकोर्ट के फैसले की गाज गिरती है तो ये सड़क पर आ जाएंगे। अब उन्हें इंतजार है तो बस नए सिरे से होने वाली भर्ती का। उन्हें उम्मीद है कि इन 2862 पदों पर नए सिरे से जो भर्तियां होंगी, उनमें उन्हें मेरिट के आधार पर स्थान मिल जाए।
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जेबीटी शिक्षक महेंद्र सिंह, राजेंद्र कुमार, ममतेश रानी, राजकुमार, राकेश कुमार, विनोद कुमार, मनीष कुमार, अशोक कुमार का कहना है कि उन्होंने 13 साल तक अपनी ड्यूटी को पूरी ईमानदारी से निभाया है।
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सेलेक्शन के बाद के कार्य की समीक्षा के आधार पर उन्हें छूट दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि वे सभी ओवरएज हो चुके हैं, जिससे आगे उन्हें कोई रोजगार भी नहीं मिल सकता।

इंटरव्यू में हुआ हेरफेर
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की इस भर्ती के दो मेरिट लिस्ट बनाई गई थी। एक को ओरिजनल कहा जाता है तो दूसरी को डुप्लीकेट। उनके नाम दोनों सूचियों में थे, लेकिन इंटरव्यू के अंकों में अंतर था।

एकेडमिक मेरिट में तो फेरबदल नहीं हो सकती थी, जिसके चलते दूसरी लिस्ट में इंटरव्यू में कई उम्मीदवारों के अंक ज्यादा हुए पाए गए थे। हालांकि इसके बावजूद भी उन्हें नियुक्ति मिल गई थी, लेकिन अब वे भी हाईकोर्ट के फैसले से प्रभावित हो सकते हैं।

यदि उन्हें नई भर्ती में रिलैक्सेशन देकर जगह नहीं दी जाती है तो वे सड़क पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहली सूची में जिन उम्मीदवारों की ओवरऑल मेरिट उनसे कम थी, उन्हें इंटरव्यू में ज्यादा अंक देकर दूसरी लिस्ट में उनसे ऊपर दिखाया गया था।

हम आधी जंग जीते
इस भर्ती के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वाले करीब 250 उम्मीदवारों में से एक सुनील दत्त अल्हार का कहना है कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके पक्ष में बढ़िया फैसला दिया है। उन्होंने आधी लड़ाई जीत ली है।

वे पहले इस मामले को लेकर सुप्रीमकोर्ट में गए थे, लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने उन्हें हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट से अब इस केस में फैसला आने के बाद उन्हें भी नौकरी मिलने की उम्मीद जगी है।

सुनील दत्त ने कहा कि उनका मकसद मौजूदा जेबीटी शिक्षकों को बेरोजगार करना नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि मेरिट के आधार पर उन्हें भी उनका जायज हक दिया जाए।

सरकार तय करे नए मापदंड
हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के राज्य सचिव केके निर्माण का कहना है कि सरकार को शिक्षक भर्ती के लिए नए मापदंड तय करने होंगे ताकि इस तरह की स्थिति पैदा न हो सके। एकेडमी रिकार्ड के आधार पर ही नियुक्तियां हों।


साक्षात्कार भ्रष्टाचार का बड़ा जरिया बनता जा रहा है। मौजूदा सरकार में हुई कई नियुक्तियाें को भी चुनौती दी गई है। सरकार को पारदर्शी तरीके से नए मापदंड तैयार करने चाहिए।

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