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जिला सचिवालय से संबंधित कार्यों के लिए भटकता रहा आमजन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Sep 2021 02:02 AM IST
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The general public wandered for work related to the district secretariat
213: किसान महापंचायत के चलते ब बंद किये गये रास्तों के चलते लोगो को होना पड़ा परेशान। अमर उजाला
करनाल। किसानों की ओर से जिला सचिवालय के घेराव की चेतावनी के बाद दो दिन से कर्ण नगरी पुलिस छावनी में तब्दील है। मुख्यत: सचिवालय की ओर प्रवेश करने वाले रास्तों को बैरिकेड्स और ट्रक अड़ा कर पूरी तरह से सील किया गया है। जिस कारण आमजन को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। एक तो सचिवालय पहुंचने के लिए लोगों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। क्योंकि कोई भी ऑटो या रिक्शा चालक सचिवालय की ओर नहीं आ रहा था।
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वहीं, बैरिकेड्स लगे होने की वजह से एक एंबुलेंस चालक को भी थोड़ा इंतजार करने के बाद रास्ता बदलने को मजबूर होना पड़ा। दूसरी ओर, कार्य न हो पाने की स्थिति में लोग मायूस घरों को लौट रहे थे। हालात यह रहे कि सचिवालय की ओर आने वाला हर रास्ता बंद था। किसान नेताओं के आने के बाद सचिवालय के मुख्य गेट को भी बंद कर दिया गया। जिस वजह से आमजन का प्रवेश भी रोक दिया गया। पूरा दिन लोग अपने कार्यों के लिए भटकते नजर आए।
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40 कार्यालय, रोजाना पहुंचते है 6 हजार लोग
जिला सचिवालय के दोनों ब्लाक में विभिन्न विभागों के लगभग 40 कार्यालय हैं। जहां रोजाना करीबन 6 हजार लोग अपने कार्यों के लिए पहुंचते हैं। लेकिन किसान आंदोलन के कारण सचिवालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और आमजन अपने कार्यों के लिए भटकता रहा। हालांकि उपायुक्त की ओर से सचिवालय में सभी कार्य रोजमर्रा की तरह सुचारु रहने का दावा किया गया था जो कि कहीं भी पूरा होता नजर नहीं आया।
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रोड क्लेम कार्यालय में अपने बेटे के क्लेम के बारे में पता करने आया था लेकिन जिला सचिवालय का मुख्य गेट बंद होने की वजह से अंदर नहीं जा पाया।
- रामचंद्र
कल्याण विभाग में योजना के लाभ हेतु किए गए आवेदन की स्थिति जानने के लिए आई थी। बस स्टैंड से पैदल आना पड़ा क्योंकि कोई भी वाहन इस ओर नहीं आ रहा था।
- सुनीता
बदरपुर से सचिवालय में विकलांग भत्ते के आवेदन के लिए आया था लेकिन विभाग में अधिकारियों के न मिलने के कारण काम नहीं हो पाया और मजबूरन वापिस लौटना पड़ा।
- सोहन लाल
तहसील कार्यालय में किसी काम से आया था लेकिन काफी इंतजार करने के बाद भी कोई अधिकारी नहीं मिला। सरकार और किसानों के बीच आमजन को परेशान किया जा रहा है।
- पुरुषोत्तम शर्मा
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