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आंदोलन के पहले दिन शांति, प्रशासन अलर्ट
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Mon, 06 Jun 2016 12:40 AM IST
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जाट आरक्षण आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
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करनाल जिले में जाट आरक्षण आंदोलन का पहला दिन शांतिपूर्ण रहा। सिर्फ बल्ला गांव में जाट समुदाय के लोगों ने धरना दिया। हरियाणा और दिल्ली के लिए सप्लाई होने वाले पानी मूनक हेड पर पुलिस और बीएसएफ ने मोर्चा संभाला। डीसी मंदीप सिंह बराड़, एसपी पंकज नैन धरनास्थल पर पहुंचे और मूनक हेड पर सुरक्षा बंदोबस्त का जायजा लिया। जिलेभर में प्रशासन अतिसंवेदनशील गांवों की रिपोर्ट लेता रहा।
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रविवार सुबह से ही पुलिस, बीएसएफ और खुफिया विभाग अलर्ट रहा। इंद्री, असंध और घरौंडा समेत सभी कस्बों में खुफिया विभाग के कर्मचारी दिनभर खबर लेते रहे। हालांकि, देर शाम तक अकेले गांव बल्ला में जाटों ने धरना दिया। हालांकि, यहां पर खुद डीसी और एसपी गांव में गए और लोगों से बात की। जाट समुदाय के लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने का आश्वासन दिया है। वहीं, प्रशासन ने सुरक्षा की दृष्अि से असंध से पानीपत जाने वाले वाहनों को गांव गोल्ली से डायवर्ट कर दिया है। फिलहाल गांव बल्ला से वाहनों को नहीं जाने दिया जा रहा है।
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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले इलाके के दर्जनभर से ज्यादा गांवों के लोगों ने बल्ला में पहुंचकर धरना दिया। जाट नेताओं ने प्रशासन को चेताया कि 15 जून तक उनकी मांगें नहीं मानने पर आगामी रणनीति तय की जाएगी। धरने को प्रभावी तरीके से जारी रखने के लिए रोजाना दो नए गांवों को धरने की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से राहगीरों की प्यास शांत करने के लिए बाकायदा कोहंड-असंध रोड पर छबील भी लगाई। प्रशासनिक अमला और पुलिस बल धरनास्थल से कुछ ही दूरी पर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में डटा रहा। करीब पांच घंटे तक चले शांतिपूर्ण धरने में संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष नफे सिंह मान ने सरकार से मांग की कि जाट आंदोलन के तहत मरने वाले युवकों को शहीद का दर्जा मिले। मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी के अलावा दस-दस लाख देने की घोषणा जल्द होनी चाहिए।
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बलवान सिंह ने कहा कि मांगें पूरी होने पर ही धरना खत्म होगा। इसके अलावा आंदोलन के नाम पर हिंसा फैलाने के आरोपों में जेलों में बंद बेगुनाह युवकों को जल्द से जल्द रिहा करने की भी मांग की गई। जबाला गांव के दिलबाग सिंह, जय सिंह पुरा गांव के शमसेर सिंधड, कुरलन के जगदीश, दुपेड़ी गांव के सुरजीत सिंह सहित अन्य गांव के लोगों ने समर्थन देने का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों ने घोषणा की कि अगर 15 जून तक उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं होने की दशा में आगामी रणनीति तय कर प्रदर्शन किया जाएगा। सोमवार को मोरमाजरा और जय सिंहपुर गांव के लोगों की डयूटी निर्धारित की गई। इस मौके पर यह भी निर्णय लिया गया कि सोमवार से धरने का मौजूदा स्थान बदल कर सुलतानिया भवन में होगा। प्रदर्शनकारियों ने धरनास्थल से कुछ दूरी पर मिट्ठा पानी की छबील भी लगाई, ताकि राहगीरों की प्यास बुझाई जा सके।
भारी अमला रहा मौजूद
धरना प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अमला बल्ला के सरकारी स्कूल में डटा रहा। अधिकारी बीच-बीच में धरनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते नजर आए। खास बात यह रही कि पुलिसबल में मात्र एक महिला पुलिस कांस्टेबल ही मौजूद रही। इस दौरान असंध के एसडीएम सुशील मलिक, डीएसपी बलजिंद्र सिंह, बीडीपीओ जगबीर दलाल, तहसीलदार अभिषेक सहित काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।