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आढ़तियों के तेवर तल्ख बैकफुट पर आया विभाग
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हरियाणा के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास को आढ़तियों द्वारा निशाने पर लिए जाने के बाद विभाग ने आढ़तियों को फौरी तौर पर ब्याज कटौती के मामले में फिलहाल बड़ी राहत दे दी है। विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी किया है कि आढ़तियों द्वारा आरटीजीएस व चेक के माध्यम से जिस तिथि को किसानों को भुगतान किया है, उसके बाद की ब्याज कटौती को आढ़तियों से किया जाए।
रबी मार्केटिंग वर्ष 2020-21 के दौरान गेहूं खरीद के दौरान खाद्य, नागरिक आपूति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने यह फरमान जारी किया था कि जिन आढ़तियों ने किसानों को गेहूं खरीद के निर्धारित तीन दिन के अंदर भुगतान नहीं किया है तो विलंब के समय का 15 प्रतिशत की दर से ब्याज लगाते हुए उसकी कटौती आढ़तियों को दी जाने वाली आढ़त यानी दामी में से कर लिया जाए। इसी आदेश पर विभाग ने हरियाणा भर के आढ़तियों से करोड़ों रुपये की कटौती आढ़तियों से कर ली है। लस्टर लॉस व ब्याज कटौती दामी से किए जाने के विरोध स्वरूप हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन आदि संगठनों ने विभाग के एसीएस पीके दास को निशाने पर लेते हुए उन्हें हटाने की मांग उठाई है। इसके बाद विभाग बैकफुट पर आ गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव के हवाले से संयुक्त नियंत्रक (खाद्य) ने हरियाणा के सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को आदेश जारी किया है कि आढ़तियों से समय पर कटौती न करने पर 15 प्रतिशत ब्याज कटौती के जो आदेश विभाग द्वारा दिए गए थे लेकिन यह भी देखने में आया है कि कुछ आढ़तियों द्वारा ई-खरीद पोर्टल की बजाय आरटीजीएस व चेक के माध्यम से किसानों को भुगतान कर दिया था। ऐसे में सभी जिलों के डीएफएससी यह जांच कर लें कि आरटीजीएस व चेक से भुगतान किस तिथि को किया गया है, उसके बाद का ब्याज आढ़तियों पर न लगाया जाए। इससे आढ़तियों को बड़ा फायदा होगा।
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रबी मार्केटिंग वर्ष 2020-21 के दौरान गेहूं खरीद के दौरान खाद्य, नागरिक आपूति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने यह फरमान जारी किया था कि जिन आढ़तियों ने किसानों को गेहूं खरीद के निर्धारित तीन दिन के अंदर भुगतान नहीं किया है तो विलंब के समय का 15 प्रतिशत की दर से ब्याज लगाते हुए उसकी कटौती आढ़तियों को दी जाने वाली आढ़त यानी दामी में से कर लिया जाए। इसी आदेश पर विभाग ने हरियाणा भर के आढ़तियों से करोड़ों रुपये की कटौती आढ़तियों से कर ली है। लस्टर लॉस व ब्याज कटौती दामी से किए जाने के विरोध स्वरूप हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन आदि संगठनों ने विभाग के एसीएस पीके दास को निशाने पर लेते हुए उन्हें हटाने की मांग उठाई है। इसके बाद विभाग बैकफुट पर आ गया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव के हवाले से संयुक्त नियंत्रक (खाद्य) ने हरियाणा के सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को आदेश जारी किया है कि आढ़तियों से समय पर कटौती न करने पर 15 प्रतिशत ब्याज कटौती के जो आदेश विभाग द्वारा दिए गए थे लेकिन यह भी देखने में आया है कि कुछ आढ़तियों द्वारा ई-खरीद पोर्टल की बजाय आरटीजीएस व चेक के माध्यम से किसानों को भुगतान कर दिया था। ऐसे में सभी जिलों के डीएफएससी यह जांच कर लें कि आरटीजीएस व चेक से भुगतान किस तिथि को किया गया है, उसके बाद का ब्याज आढ़तियों पर न लगाया जाए। इससे आढ़तियों को बड़ा फायदा होगा।
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