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Karnal News: निगम ने घोषित किया जीरो वेस्ट, धरातल पर कूड़े के ढेर
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम ने वार्ड-10 को जीरो वेस्ट वार्ड घोषित कर एक और उपलब्धि का ढिंढ़ोरा तो पीट दिया लेकिन धरातल पर हकीकत जुदा है। घोषणा के महज दो सप्ताह बाद ही कॉलोनियों और सड़कों पर कूड़े-कचरे के ढेर लगे हैं। इनसे बदबू फैल रही है। सेक्टर-13 की मुख्य मार्केट में तकरीबन हर फास्ट फूड की दुकान पर सिंगल यूज प्लास्टिक का खुलेआम प्रयोग हो रहा है। निगम की ओर से जीरो वेस्ट वार्ड की घोषणा में सबसे अहम बिंदु प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक लगाना बताया गया था।
नगर निगम का दावा था कि वार्ड-10 में कचरा पृथक्करण की व्यवस्था की गई है। गीले कचरे से कम्पोस्ट पिट के जरिए खाद बनाई जा रही है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और ठोस कचरे के निस्तारण की आधुनिक व्यवस्था को भी जीरो वेस्ट घोषणा का मुख्य आधार बताया गया था। वार्ड-10 पूर्व में आत्मनिर्भर और स्वच्छ वार्ड घोषित किया जा चुका है। हर बार की तरह इस बार भी हकीकत अलग है।
निगम अधिकारियों का कहना है कि वार्ड-10 को मॉडल वार्ड बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं और जल्द ही हालात सुधार दिए जाएंगे।
पॉलिथीन का खुलेआम प्रयोग
सेक्टर-13 की फास्ट फूड की दुकानों पर खाना पैक करने या सर्व करने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक के दोने, प्लेट प्रयोग किए जा रहे हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक के दोने और प्लेट सड़क पर बिखरे थे। पॉलिथीन का प्रयोग भी खुलेआम हो रहा था। खाने से लेकर फूल तक पैक कर दिए जा रहे थे। रिहायशी सेक्टर में घरों के बाहर ग्रीन वेस्ट के साथ सीएंडडी वेस्ट पड़ा था। निगम का दावा था कि सफाई की व्यवस्था उत्तम है। विशेष तौर पर मार्केट एरिया में खुले मैदान में कूड़े का ढेर लगा था।
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सिर्फ कागजी है घोषणा
वार्ड-10 के सुमित, अनिल, रामेश्वर ने सवाल उठाया कि जब वार्ड में सिंगल यूज प्लास्टिक पर ही रोक नहीं लग पा रही और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था ठीक से लागू नहीं हो रही, तो जीरो वेस्ट का तमगा किस आधार पर दे दिया गया। जमीनी हालात बताते हैं कि फिलहाल निगम की घोषणा सिर्फ कागजी उपलब्धि साबित हो रही हैं।
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करनाल। नगर निगम ने वार्ड-10 को जीरो वेस्ट वार्ड घोषित कर एक और उपलब्धि का ढिंढ़ोरा तो पीट दिया लेकिन धरातल पर हकीकत जुदा है। घोषणा के महज दो सप्ताह बाद ही कॉलोनियों और सड़कों पर कूड़े-कचरे के ढेर लगे हैं। इनसे बदबू फैल रही है। सेक्टर-13 की मुख्य मार्केट में तकरीबन हर फास्ट फूड की दुकान पर सिंगल यूज प्लास्टिक का खुलेआम प्रयोग हो रहा है। निगम की ओर से जीरो वेस्ट वार्ड की घोषणा में सबसे अहम बिंदु प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक लगाना बताया गया था।
नगर निगम का दावा था कि वार्ड-10 में कचरा पृथक्करण की व्यवस्था की गई है। गीले कचरे से कम्पोस्ट पिट के जरिए खाद बनाई जा रही है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और ठोस कचरे के निस्तारण की आधुनिक व्यवस्था को भी जीरो वेस्ट घोषणा का मुख्य आधार बताया गया था। वार्ड-10 पूर्व में आत्मनिर्भर और स्वच्छ वार्ड घोषित किया जा चुका है। हर बार की तरह इस बार भी हकीकत अलग है।
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निगम अधिकारियों का कहना है कि वार्ड-10 को मॉडल वार्ड बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं और जल्द ही हालात सुधार दिए जाएंगे।
पॉलिथीन का खुलेआम प्रयोग
सेक्टर-13 की फास्ट फूड की दुकानों पर खाना पैक करने या सर्व करने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक के दोने, प्लेट प्रयोग किए जा रहे हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक के दोने और प्लेट सड़क पर बिखरे थे। पॉलिथीन का प्रयोग भी खुलेआम हो रहा था। खाने से लेकर फूल तक पैक कर दिए जा रहे थे। रिहायशी सेक्टर में घरों के बाहर ग्रीन वेस्ट के साथ सीएंडडी वेस्ट पड़ा था। निगम का दावा था कि सफाई की व्यवस्था उत्तम है। विशेष तौर पर मार्केट एरिया में खुले मैदान में कूड़े का ढेर लगा था।
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सिर्फ कागजी है घोषणा
वार्ड-10 के सुमित, अनिल, रामेश्वर ने सवाल उठाया कि जब वार्ड में सिंगल यूज प्लास्टिक पर ही रोक नहीं लग पा रही और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था ठीक से लागू नहीं हो रही, तो जीरो वेस्ट का तमगा किस आधार पर दे दिया गया। जमीनी हालात बताते हैं कि फिलहाल निगम की घोषणा सिर्फ कागजी उपलब्धि साबित हो रही हैं।