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Karnal News: पुरानी बीमारी कहकर कंपनी ने रोका क्लेम, अब ब्याज समेत देने होंगे 3.32 लाख

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 Feb 2026 02:40 AM IST
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The company stopped the claim citing chronic illness, now Rs 3.32 lakh will have to be paid along with interest.
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज का क्लेम पुरानी बीमारी कहकर रोकने पर एचडीएफसी एर्गो जनरल इंश्योरेंस कंपनी को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह ब्याज सहित इलाज का खर्च, हर्जाना और कानूनी व्यय का 3.32 लाख रुपये का भुगतान करे।

सेक्टर-7 निवासी महिला संध्या गोयल ने शिकायत में बताया कि उन्होंने एचडीएफसी एर्गो से माई हेल्थ सुरक्षा पॉलिसी ली थी। बीमा राशि पांच लाख रुपये थी। फरवरी, 2022 में उन्हें गले में दिक्कत के कारण दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। जांच में कार्सिनोमा थायराइड (कैंसर) की पुष्टि हुई। उनके इलाज पर दो लाख 96 हजार 878 रुपये खर्च हुए। उन्होंने इलाज का क्लेम दाखिल किया, तो कंपनी ने क्लेम बीमारी पॉलिसी लेने से पहले से थी कहते हुए खारिज कर दिया।
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कंपनी ने आयोग के समक्ष दावा किया कि मरीज को 15-20 साल से थायराइड की समस्या थी, जिसे उन्होंने पॉलिसी लेते समय छिपाया था। आयोग ने पाया कि कंपनी ऐसा कोई मेडिकल रिकॉर्ड पेश नहीं कर पाई जिससे साबित हो कि कैंसर की बीमारी पॉलिसी लेने से पहले से थी। आयोग ने तर्क दिया कि पॉलिसी जारी करने से पहले कंपनी को मेडिकल जांच करानी चाहिए थी। इसके अलावा आयोग ने माना कि पुरानी थायराइड की समस्या का मतलब यह नहीं है कि मरीज को कैंसर के बारे में भी पता था।
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कंपनी का व्यवहार सेवा में कमी
आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह और सदस्यों ने कंपनी के व्यवहार को सेवा में कमी मानते हुए आदेश दिए कि कंपनी को शिकायतकर्ता के इलाज पर आए खर्च के तौर पर दो लाख 96 हजार 878 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ देने होंगे। मानसिक उत्पीड़न के हर्जाने के रूप में 25 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के तौर 11 हजार रुपये देने होंगे। आयोग ने कंपनी को इन आदेशों की पालना 45 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए हैं।
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