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बिना जांच कोरोना के 10 मरीजों को कर दिया डिस्टचार्ज
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मुलाना स्थित एमएम मेडिकल कालेज ने एक बार फिर से बिना कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आए करनाल के दस मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया है। इसके बाद करनाल जिला प्रशासन की ओर से सभी को नीलोखेड़ी में बनाए गए कोविड केयर सेंटर गुरुकुल में रखा गया है। शनिवार को इनके सैंपल लिये जाएंगे। गौरतलब है कि इससे पहले भी मुलाना मेडिकल कालेज ने पांच कोरोना पॉजिटिव मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया था। बाद में इनको कल्पना चावला मेडिकल कालेज में दाखिल कराया गया था।
दिल्ली निवासी दंपति इलाज के लिए मधुबन की अशोक विहार कालोनी में आए थे। कोरोना टेस्ट में दोनों पाजिटिव पाये जाने के बाद उनके परिवार के तीन बच्चे भी संक्रमित मिले थे। इनको एक जून को मुलाना मेडिकल कालेज में दाखिल किया गया था। वहीं, बरसत में ही परिवार के पांच सदस्य संक्रमित मिले थे। पिछले दस दिन से इनका मुलाना में इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह कालेज प्रबंधन ने सभी दस मरीजों को बिना कोरोना का टेस्ट कराए डिस्चार्ज कर दिया। साथ ही जिले के सीएमओ को इसकी सूचना दे दी। बाद में सीएमओ आफिस की तरफ से इन मरीजों को लेने के लिए एंबुलेंस भेजी गई और उनको नीलोखेड़ी में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में रखा गया। अब जब तक इनकी रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आती, इनको यहीं पर रखा जाएगा। खास बात ये है कि इससे पहले भी मुलाना मेडिकल कालेज इसी प्रकार पांच कोरोना पाजिटिव मरीजों को डिस्चार्ज कर चुका है। इस बारे में एमएम मेडिकल कालेज के डीएमएस डा. एलएन गर्ग ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन हैं कि मरीज को दस दिन इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जाना है। इन दसों को भी इसलिए छुट्टी दी गई है।
430 लोगों की रिपोर्ट आई नेगेटिव, आज 158 की रिपोर्ट आयेगी
शुक्रवार जिले के लिए राहत लेकर आया है। इस दिन एक भी कोरोना पाजिटिव केस सामने नहीं आया। जबकि रिकार्ड 430 लोगों के टेस्ट किये गए, लेकिन सभी नेगेटिव पाए गए। सिविल सर्जन की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से संदिग्ध कुल 11318 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए, जबकि इनमें से 11027 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और 125 मामले पॉजिटिव हैं, जिनमें से 2 की मृत्यु हो गई है, 74 एक्टिव हैं।
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शुक्रवार को करनाल जिले में कोरोना संक्रमण का कोई भी मामला नहीं है। जिले में पाजिटिव मामला ना हो, इसके लिए नागरिकों को आगे आना होगा और सचेत रहकर काम करना होगा। नागरिकों के सहयोग से ही इस महामारी की जंग को जीता जा सकता है। शहरवासी आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें और मास्क का प्रयोग करें तथा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। साथ ही खुद को सैनिटाइज करते रहें। -निशांत यादव, डीसी।
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दिल्ली निवासी दंपति इलाज के लिए मधुबन की अशोक विहार कालोनी में आए थे। कोरोना टेस्ट में दोनों पाजिटिव पाये जाने के बाद उनके परिवार के तीन बच्चे भी संक्रमित मिले थे। इनको एक जून को मुलाना मेडिकल कालेज में दाखिल किया गया था। वहीं, बरसत में ही परिवार के पांच सदस्य संक्रमित मिले थे। पिछले दस दिन से इनका मुलाना में इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह कालेज प्रबंधन ने सभी दस मरीजों को बिना कोरोना का टेस्ट कराए डिस्चार्ज कर दिया। साथ ही जिले के सीएमओ को इसकी सूचना दे दी। बाद में सीएमओ आफिस की तरफ से इन मरीजों को लेने के लिए एंबुलेंस भेजी गई और उनको नीलोखेड़ी में बनाए गए कोविड केयर सेंटर में रखा गया। अब जब तक इनकी रिपोर्ट नेगेटिव नहीं आती, इनको यहीं पर रखा जाएगा। खास बात ये है कि इससे पहले भी मुलाना मेडिकल कालेज इसी प्रकार पांच कोरोना पाजिटिव मरीजों को डिस्चार्ज कर चुका है। इस बारे में एमएम मेडिकल कालेज के डीएमएस डा. एलएन गर्ग ने बताया कि सरकार की गाइडलाइन हैं कि मरीज को दस दिन इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जाना है। इन दसों को भी इसलिए छुट्टी दी गई है।
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430 लोगों की रिपोर्ट आई नेगेटिव, आज 158 की रिपोर्ट आयेगी
शुक्रवार जिले के लिए राहत लेकर आया है। इस दिन एक भी कोरोना पाजिटिव केस सामने नहीं आया। जबकि रिकार्ड 430 लोगों के टेस्ट किये गए, लेकिन सभी नेगेटिव पाए गए। सिविल सर्जन की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण से संदिग्ध कुल 11318 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए, जबकि इनमें से 11027 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और 125 मामले पॉजिटिव हैं, जिनमें से 2 की मृत्यु हो गई है, 74 एक्टिव हैं।
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शुक्रवार को करनाल जिले में कोरोना संक्रमण का कोई भी मामला नहीं है। जिले में पाजिटिव मामला ना हो, इसके लिए नागरिकों को आगे आना होगा और सचेत रहकर काम करना होगा। नागरिकों के सहयोग से ही इस महामारी की जंग को जीता जा सकता है। शहरवासी आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें और मास्क का प्रयोग करें तथा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। साथ ही खुद को सैनिटाइज करते रहें। -निशांत यादव, डीसी।