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Karnal News: दागदार खाकी... रिश्वत लेते चार रंगेहाथ पकड़े, दो गिरफ्त से बाहर
Thu, 20 Nov 2025 02:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Thu, 20 Nov 2025 02:08 AM IST
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करनाल।
खाकी पर भ्रष्टाचार के दाग दर दाग लग रहे हैं। पिछले साढ़े सात माह में पुलिसकर्मियों की ओर से रिश्वत मांगने के छह मामले सामने आ चुके हैं। हवलदार से लेकर निरीक्षक रैंक के पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। चार रंगेहाथ पकड़े जा चुके हैं। सीआईए प्रभारी समेत भ्रष्टाचार में संलिप्त दो आरोपी अभी गिरफ्त से बाहर हैं।
अब तक सामने आए मामलों में कहीं प्राथमिकी से नाम निकलवाने तो कहीं प्राथमिकी रद्द करने के नाम पर रिश्वत मांगी गई है। सबसे बड़ी रिश्वत की रकम 37 लाख रुपये असंध सीआईए प्रभारी रहे (निलंबित) निरीक्षक मनदीप और (निलंबित) मुख्य सिपाही ऋषि ने मर्डर के मामले से नाम निकालने के नाम पर ली थी।
मंगलवार को कुंजपुरा थाना में तैनात (ईएसआई) उप निरीक्षक राजकुमार को थाने के पास चाय की दुकान से रिश्वत के पैसे लेते रंगेहाथ दबोचा गया था। आरोपी उप निरीक्षक ने पॉक्सो के मामले से नाम हटवाने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में 35 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया था। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी उप निरीक्षक को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था।
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ये पुलिसकर्मी पकड़े गए
- 5 अगस्त को असंध थाने की हेड कांस्टेबल नीलम को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते थाने के बाहर जूस की रेहड़ी के पास से पकड़ा गया। पीड़ित महिला की शिकायत आने के बाद भी केस दर्ज नहीं करने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी।
- 25 जून को निसिंग थाने के सब इंस्पेक्टर अजायब सिंह को एसीबी ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। वह एक झगड़े के केस में शिकायत को दाखिल दफ्तर करने के बदले 40 हजार रुपये मांग रहा था।
- 5 मई को कोर्ट की पार्किंग से मॉडल टाउन चौकी के एएसआई कुलबीर सिंह को एसीबी ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। कुलबीर सिंह ने दो पक्षों के झगड़े के मामले में आरोपी पक्ष के तीन लोगों के केस से नाम हटवाने के लिए रुपये मांगे थे।
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तीन बर्खास्त, तीन पदावनित
-एसआई रामआसरे को 3 अगस्त, 2021 को पदावनित करके अतिरिक्त सहायक निरीक्षक बना दिया गया था। रामआसरे ने मार्च, 2020 में रात के समय कुंजपुरा थाना एरिया में पैसे लेकर रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राॅली छोड़ दी थी।
-एएसआई बलबीर सिंह को 30 अक्तूबर 2021 को पदावनित कर मुख्य सिपाही बना दिया गया था। बलवीर ने अप्रैल 2021 में मधुबन थाना में तैनाती के दौरान संज्ञेय अपराध होने पर मामला दर्ज नहीं किया था।
-एएसआई जयनारायण को 26 फरवरी, 2022 को मुख्य सिपाही बना दिया गया था। जयनारायण का वर्ष 2019 में इंद्री थाने के मामले में कार्रवाई करने के नाम पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था।
-29 जून, 2022 को महिला एएसआई सरिता को बर्खास्त किया गया था। 28 जून, 2022 को सेक्टर-32-33 थाना में तैनाती के दौरान रेप व दहेज के केस में आरोपी के पक्ष में धाराएं हटाने के लिए चार लाख रिश्वत लेते विजिलेंस ने पकड़ा था।
-14 अप्रैल, 2022 को सिटी थाने में तैनात ईएचसी मुकेश कुमार को बर्खास्त किया गया था। लोगों को बातों में फंसाकर जेवरात व नकदी लूट के आरोपियों के साथ शामिल पाया गया था। 8 जुलाई, 2021 में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
-अगस्त, 2022 में सीआईए में तैनात एएसआई अशोक को बर्खास्त कर दिया गया था। अवैध पिस्तौल उपलब्ध करवाने में उसकी भूमिका सामने आई थी।
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खाकी पर भ्रष्टाचार के दाग दर दाग लग रहे हैं। पिछले साढ़े सात माह में पुलिसकर्मियों की ओर से रिश्वत मांगने के छह मामले सामने आ चुके हैं। हवलदार से लेकर निरीक्षक रैंक के पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। चार रंगेहाथ पकड़े जा चुके हैं। सीआईए प्रभारी समेत भ्रष्टाचार में संलिप्त दो आरोपी अभी गिरफ्त से बाहर हैं।
अब तक सामने आए मामलों में कहीं प्राथमिकी से नाम निकलवाने तो कहीं प्राथमिकी रद्द करने के नाम पर रिश्वत मांगी गई है। सबसे बड़ी रिश्वत की रकम 37 लाख रुपये असंध सीआईए प्रभारी रहे (निलंबित) निरीक्षक मनदीप और (निलंबित) मुख्य सिपाही ऋषि ने मर्डर के मामले से नाम निकालने के नाम पर ली थी।
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मंगलवार को कुंजपुरा थाना में तैनात (ईएसआई) उप निरीक्षक राजकुमार को थाने के पास चाय की दुकान से रिश्वत के पैसे लेते रंगेहाथ दबोचा गया था। आरोपी उप निरीक्षक ने पॉक्सो के मामले से नाम हटवाने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में 35 हजार रुपये लेने पर राजी हो गया था। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जाल बिछाकर आरोपी उप निरीक्षक को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था।
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ये पुलिसकर्मी पकड़े गए
- 5 अगस्त को असंध थाने की हेड कांस्टेबल नीलम को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते थाने के बाहर जूस की रेहड़ी के पास से पकड़ा गया। पीड़ित महिला की शिकायत आने के बाद भी केस दर्ज नहीं करने के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी।
- 25 जून को निसिंग थाने के सब इंस्पेक्टर अजायब सिंह को एसीबी ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। वह एक झगड़े के केस में शिकायत को दाखिल दफ्तर करने के बदले 40 हजार रुपये मांग रहा था।
- 5 मई को कोर्ट की पार्किंग से मॉडल टाउन चौकी के एएसआई कुलबीर सिंह को एसीबी ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। कुलबीर सिंह ने दो पक्षों के झगड़े के मामले में आरोपी पक्ष के तीन लोगों के केस से नाम हटवाने के लिए रुपये मांगे थे।
तीन बर्खास्त, तीन पदावनित
-एसआई रामआसरे को 3 अगस्त, 2021 को पदावनित करके अतिरिक्त सहायक निरीक्षक बना दिया गया था। रामआसरे ने मार्च, 2020 में रात के समय कुंजपुरा थाना एरिया में पैसे लेकर रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राॅली छोड़ दी थी।
-एएसआई बलबीर सिंह को 30 अक्तूबर 2021 को पदावनित कर मुख्य सिपाही बना दिया गया था। बलवीर ने अप्रैल 2021 में मधुबन थाना में तैनाती के दौरान संज्ञेय अपराध होने पर मामला दर्ज नहीं किया था।
-एएसआई जयनारायण को 26 फरवरी, 2022 को मुख्य सिपाही बना दिया गया था। जयनारायण का वर्ष 2019 में इंद्री थाने के मामले में कार्रवाई करने के नाम पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था।
-29 जून, 2022 को महिला एएसआई सरिता को बर्खास्त किया गया था। 28 जून, 2022 को सेक्टर-32-33 थाना में तैनाती के दौरान रेप व दहेज के केस में आरोपी के पक्ष में धाराएं हटाने के लिए चार लाख रिश्वत लेते विजिलेंस ने पकड़ा था।
-14 अप्रैल, 2022 को सिटी थाने में तैनात ईएचसी मुकेश कुमार को बर्खास्त किया गया था। लोगों को बातों में फंसाकर जेवरात व नकदी लूट के आरोपियों के साथ शामिल पाया गया था। 8 जुलाई, 2021 में उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
-अगस्त, 2022 में सीआईए में तैनात एएसआई अशोक को बर्खास्त कर दिया गया था। अवैध पिस्तौल उपलब्ध करवाने में उसकी भूमिका सामने आई थी।