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Karnal News: रसूलपुर गांव के सुनील ने काउंट एवरेस्ट की फतह
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- इंडियन बैंक की करनाल शाखा में हैं लिपिक, लौटने पर हुआ स्वागत
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। इंडियन बैंक की करनाल शाखा में लिपिक गांव रसूलपुर निवासी सुनील कुमार रोहिल्ला ने 17 मई को विश्व की सबसे ऊंची चोटी काउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराया है। इसके ठीक 23 घंटे बाद दुनिया की चौथी सबसे ऊंची चोटी ल्हाेत्से को भी फतेह किया। करनाल पहुंचने पर बैंककर्मियों की ओर से उनका स्वागत किया गया।
वह प्रदेश के पहले पर्वतारोही हैं, जिन्होंने 23 घंटे में लगातार दो चोटियों पर फतह हासिल की है। इस सफर में उन्हें 53 दिन लगे। सुनील कुमार रोहिल्ला ने बताया कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई बहुत ही कठिन और दुर्गम हैं। बर्फीली हवाओं एवं ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ता है। मौसम बदलता रहता है। इन विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने अपना धैर्य और संयम बनाए रखा और मिशन में सफल हो सके। वर्ष 2022 में सुनील माउंट कुन और वर्ष 2021 में माउंट सतोपंथ पर भी चढ़ाई कर चुके हैं। उन्होंने हिमालय पर्वतारोही संस्थान दार्जिलिंग से बेसिक और एडवांस का प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। इंडियन बैंक की करनाल शाखा में लिपिक गांव रसूलपुर निवासी सुनील कुमार रोहिल्ला ने 17 मई को विश्व की सबसे ऊंची चोटी काउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराया है। इसके ठीक 23 घंटे बाद दुनिया की चौथी सबसे ऊंची चोटी ल्हाेत्से को भी फतेह किया। करनाल पहुंचने पर बैंककर्मियों की ओर से उनका स्वागत किया गया।
वह प्रदेश के पहले पर्वतारोही हैं, जिन्होंने 23 घंटे में लगातार दो चोटियों पर फतह हासिल की है। इस सफर में उन्हें 53 दिन लगे। सुनील कुमार रोहिल्ला ने बताया कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई बहुत ही कठिन और दुर्गम हैं। बर्फीली हवाओं एवं ऑक्सीजन की कमी का सामना करना पड़ता है। मौसम बदलता रहता है। इन विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने अपना धैर्य और संयम बनाए रखा और मिशन में सफल हो सके। वर्ष 2022 में सुनील माउंट कुन और वर्ष 2021 में माउंट सतोपंथ पर भी चढ़ाई कर चुके हैं। उन्होंने हिमालय पर्वतारोही संस्थान दार्जिलिंग से बेसिक और एडवांस का प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
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