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अस्ताचलगामी सूर्य को दिया पहला अर्घ्य
अमर उजाला/ब्यूरो/करनाल
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:51 PM IST
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सूर्य को अर्घ्य देतीं महिलाएं
- फोटो : amar ujala
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शहर की पश्चिमी यमुना नहर पर सूर्य उपासना के छठ महापर्व के अवसर पर व्रत रखने वाले हजारों श्रद्धालुओं ने रविवार शाम को पानी में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को प्रथम अर्घ्य दिया। पश्चिमी यमुना नहर के काछवा पुल और कैथल पुल तक लगभग तीन किलोमीटर तक नहर किनारे श्रद्धालुओं ने सूर्यदेव की पूजा-अर्चना की। छठ को लेकर पूरे करनाल के लोग भक्तिमय दिखाई दिए। शिव कॉलोनी, गांधी नगर सहित शास्त्री नगर एरिया के मोहल्लों से लेकर पश्चिमी यमुना नहर तक छठ पूजा के पारंपरिक गीत गूंजते रहे। छठ पर्व को लेकर नहर के घाटों पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई है। दोपहर दो बजे से ही श्रद्धालुओं का नहर की ओर जाने के लिए सडक़ों पर तांता लगा रहा। लोग छठी मईया के गीतों के साथ धूमधाम से ढोल व नगाड़ों के साथ पश्चिमी यमुना नदी की ओर बढ़ रहे थे।
दो बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक व्रत रखने वाली महिलाओं और पुरुषों ने प्रसाद और पूजा का सामान लेकर भगवान सूर्य देव की उपासना की। जब तक सूर्य अस्त नहीं हुआ तब तक सभी व्रती पानी में ही खड़े रहे। जब सूर्य अस्त हुआ तो अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने और पूजा अर्चना करने के बाद व्रतियों ने अपने घरों की ओर प्रस्थान किया। मान्यता है कि इस प्रकार सूर्य की उपासना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
गौरतलब है कि शनिवार शाम व्रतियों ने भगवान सूर्यदेव की आराधना कर खरना किया था। खरना के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो गया। पर्व के चौथे और अंतिम दिन यानी सोमवार सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों का व्रत समाप्त होगा। सोमवार को सभी व्रती अन्न-जल ग्रहण कर पारण करेंगे और अपने पड़ोस के लोगों में प्रसाद बांटेंगे।
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कैथल और काछवा रोड पर लगा रहा जाम
छठ पर्व के उपलक्ष्य में पश्चिमी यमुना नहर पर श्रद्धालुओं की भीड़ होने के कारण कैथल रोड और काछवा रोड पर कई घंटों तक जाम लगा रहा। पुलों के दोनों तरफ कई-कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। शहर की ओर से जाने वाले अधिकतर लोगों को अपना रास्ता बदलकर अपने गंतव्य की ओर पहुंचना पड़ा। जबकि कैथल और असंध की ओर से आने वाहनों को निकलने के लिए कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। कैथल और काछवा रोड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। इसी के साथ छठ पर्व सेवा समिति मंडल द्वारा 300 से भी ज्यादा वालंटियर को लगाया गया था ताकि किसी भी प्रकार की कोई भी अनहोनी न हो।
सोमवार अलसुबह तीन बजे श्रद्धालु पहुंचेंगे नहर किनारे
छठपर्व सेवा समिति मंडल के संरक्षक अर्जुन पंडित ने बताया कि सोमवार सुबह उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए लोग अलसुबह तीन बजे से ही नहर पर आना शुरू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि लोक आस्था का प्रतीक छठ महापर्व पिछले तीन दिनों से से चला हुआ है। इसका आज उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण करने के साथ पर्व का समापन हो जाएगा।
दंडवत पहुंचे श्रद्धालु
पर्व पर आस्था के तहत अधिकतर लोग दंडवत करते हुए पश्चिमी यमुना नहर पहुंचे। श्रद्धालु जमीन पर लेट लेटकर सूर्य को प्रणाम करते हुए नहर के घाटों पर पहुंचे और सूर्य को प्रणाम किया। छठपर्व सेवा समिति मंडल के संरक्षक अर्जुन पंडित ने बताया कि इस पर्व पर वह लोग दंड देते हुए आते हैं जिनकी छठी मईया और सूर्य देवता से मांगी मन्नत पूरी हो जाती है।
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दो बजे से लेकर शाम साढ़े पांच बजे तक व्रत रखने वाली महिलाओं और पुरुषों ने प्रसाद और पूजा का सामान लेकर भगवान सूर्य देव की उपासना की। जब तक सूर्य अस्त नहीं हुआ तब तक सभी व्रती पानी में ही खड़े रहे। जब सूर्य अस्त हुआ तो अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने और पूजा अर्चना करने के बाद व्रतियों ने अपने घरों की ओर प्रस्थान किया। मान्यता है कि इस प्रकार सूर्य की उपासना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
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गौरतलब है कि शनिवार शाम व्रतियों ने भगवान सूर्यदेव की आराधना कर खरना किया था। खरना के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो गया। पर्व के चौथे और अंतिम दिन यानी सोमवार सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों का व्रत समाप्त होगा। सोमवार को सभी व्रती अन्न-जल ग्रहण कर पारण करेंगे और अपने पड़ोस के लोगों में प्रसाद बांटेंगे।
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कैथल और काछवा रोड पर लगा रहा जाम
छठ पर्व के उपलक्ष्य में पश्चिमी यमुना नहर पर श्रद्धालुओं की भीड़ होने के कारण कैथल रोड और काछवा रोड पर कई घंटों तक जाम लगा रहा। पुलों के दोनों तरफ कई-कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रही। शहर की ओर से जाने वाले अधिकतर लोगों को अपना रास्ता बदलकर अपने गंतव्य की ओर पहुंचना पड़ा। जबकि कैथल और असंध की ओर से आने वाहनों को निकलने के लिए कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। कैथल और काछवा रोड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रही। सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। इसी के साथ छठ पर्व सेवा समिति मंडल द्वारा 300 से भी ज्यादा वालंटियर को लगाया गया था ताकि किसी भी प्रकार की कोई भी अनहोनी न हो।
सोमवार अलसुबह तीन बजे श्रद्धालु पहुंचेंगे नहर किनारे
छठपर्व सेवा समिति मंडल के संरक्षक अर्जुन पंडित ने बताया कि सोमवार सुबह उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए लोग अलसुबह तीन बजे से ही नहर पर आना शुरू हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि लोक आस्था का प्रतीक छठ महापर्व पिछले तीन दिनों से से चला हुआ है। इसका आज उदय होते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद पारण करने के साथ पर्व का समापन हो जाएगा।
दंडवत पहुंचे श्रद्धालु
पर्व पर आस्था के तहत अधिकतर लोग दंडवत करते हुए पश्चिमी यमुना नहर पहुंचे। श्रद्धालु जमीन पर लेट लेटकर सूर्य को प्रणाम करते हुए नहर के घाटों पर पहुंचे और सूर्य को प्रणाम किया। छठपर्व सेवा समिति मंडल के संरक्षक अर्जुन पंडित ने बताया कि इस पर्व पर वह लोग दंड देते हुए आते हैं जिनकी छठी मईया और सूर्य देवता से मांगी मन्नत पूरी हो जाती है।