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Karnal News: उच्चतर शिक्षण संस्थानों और सैनिक स्कूल का भ्रमण करेंगे विद्यार्थी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब दूसरे स्कूलों, उच्चतर शिक्षण संस्थानों और सैनिक स्कूल का भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे जहां दूसरे स्कूल में विद्यार्थियों को दी जाने वाले सुविधाओं के बारे में जानेंगे। वहीं बाद में इन्हें अपने स्कूल में लागू कराने के लिए सुझाव भी देंगे।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से ट्विनिंग ऑफ स्कूल कार्यक्रम के अंतर्गत सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के विद्यार्थी एक-दूसरे स्कूलों का भ्रमण करेंगे। एक दिन के इस निरीक्षण कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी जिस भी स्कूल में जाएंगे, वहां अपने अनुभव साझा करने के साथ ही वहां लाइब्रेरी, कक्षा कक्ष व प्रयोगशालाओं की कैसी स्थिति है। उनके स्कूल से बेहतर हालात में है या नहीं हैं।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण योजना तैयार की गई है। विद्यार्थी स्कूलों में जाकर सर्वे करेंगे। देखेंगे, दूसरे स्कूलों के विद्यार्थी किन समस्याओं से जूझ रहे हैं तथा क्या और सुविधाएं उन्हें दी जाएं तो शिक्षा में उनका रिकॉर्ड और बेहतर हो सकता है। इतना ही नहीं प्राइवेट स्कूल या मॉडल संस्कृति स्कूल, सैनिक स्कूल के साथ भी ट्विनिंग कार्यक्रम शुरू करने की योजना है।
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अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के मूल्यांकन को लेकर ही यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ जोड़ना है ताकि छात्रों के बीच अनुभवों को साझा करने, विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में जानने और उनके उच्च अध्ययन को जारी रखने के अवसरों के बीच बातचीत को सक्षम बनाया जा सके।
खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी जुटाएंगे जानकारी
- कार्यक्रम के अंतर्गत फेस टू फेस इंट्रेक्शन विद स्टूडेंट एंड फैकल्टी मेंबर्स में परिचय, सामान्य जानकारी, अपने अनुभव साझा करने, लाइफ स्किल आदि शामिल हैं। इसके अलावा लाइब्रेरी विजिट में विद्यार्थी लाइब्रेरियन से पुस्तकालय में किताबों को कैसे मैनेज करते हैं, ये जानकारी सीखेंगे।
- प्रयोगशाला विजिट में विद्यार्थी फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी और कंप्यूटर लैब में जानेंगे कि विद्यार्थी प्रैक्टिकल कैसे करते हैं। उनके यहां लैब में किस उपकरण की कमी है।
- स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों से बातचीत कर स्कूल में होने वाली खेलकूद स्पर्धाओं व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी लेंगे।
- उच्चतर शिक्षण संस्थान यानी कॉलेजों का भी दौरा करेंगे। वहां कॅरियर को लेकर उनको गाइड किया जाएगा।
इसलिए शुरू की योजना
योजना के पीछे शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की भावना बढ़ाना है। इस तरह विशेष विजिट पर जाने से बच्चों में एक तो आपसी तालमेल बढ़ेगा और दूसरा वे चीजों की परख करना सीखेंगे। विजिट से लौटकर अगर उनके स्कूल में कोई कमी है तो उसके बारे में भी जागरूक होंगे और उस कमी को दूर करवाने का प्रयास करेंगे। निरीक्षण को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक स्कूल के लिए बजट भी जारी किया गया है।
समग्र शिक्षा अभियान के सहायक कार्यक्रम समन्वयक (एपीसी) चंद्रमोहन ने बताया कि ट्विनिंग प्रोग्राम के लिए सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को ही शामिल किया गया है। इसके लिए स्कूलों को दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी
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करनाल। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब दूसरे स्कूलों, उच्चतर शिक्षण संस्थानों और सैनिक स्कूल का भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे जहां दूसरे स्कूल में विद्यार्थियों को दी जाने वाले सुविधाओं के बारे में जानेंगे। वहीं बाद में इन्हें अपने स्कूल में लागू कराने के लिए सुझाव भी देंगे।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से ट्विनिंग ऑफ स्कूल कार्यक्रम के अंतर्गत सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के विद्यार्थी एक-दूसरे स्कूलों का भ्रमण करेंगे। एक दिन के इस निरीक्षण कार्यक्रम के तहत विद्यार्थी जिस भी स्कूल में जाएंगे, वहां अपने अनुभव साझा करने के साथ ही वहां लाइब्रेरी, कक्षा कक्ष व प्रयोगशालाओं की कैसी स्थिति है। उनके स्कूल से बेहतर हालात में है या नहीं हैं।
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इसी बात को ध्यान में रखते हुए यह महत्वपूर्ण योजना तैयार की गई है। विद्यार्थी स्कूलों में जाकर सर्वे करेंगे। देखेंगे, दूसरे स्कूलों के विद्यार्थी किन समस्याओं से जूझ रहे हैं तथा क्या और सुविधाएं उन्हें दी जाएं तो शिक्षा में उनका रिकॉर्ड और बेहतर हो सकता है। इतना ही नहीं प्राइवेट स्कूल या मॉडल संस्कृति स्कूल, सैनिक स्कूल के साथ भी ट्विनिंग कार्यक्रम शुरू करने की योजना है।
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अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के मूल्यांकन को लेकर ही यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ जोड़ना है ताकि छात्रों के बीच अनुभवों को साझा करने, विभिन्न पाठ्यक्रमों के बारे में जानने और उनके उच्च अध्ययन को जारी रखने के अवसरों के बीच बातचीत को सक्षम बनाया जा सके।
खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी जुटाएंगे जानकारी
- कार्यक्रम के अंतर्गत फेस टू फेस इंट्रेक्शन विद स्टूडेंट एंड फैकल्टी मेंबर्स में परिचय, सामान्य जानकारी, अपने अनुभव साझा करने, लाइफ स्किल आदि शामिल हैं। इसके अलावा लाइब्रेरी विजिट में विद्यार्थी लाइब्रेरियन से पुस्तकालय में किताबों को कैसे मैनेज करते हैं, ये जानकारी सीखेंगे।
- प्रयोगशाला विजिट में विद्यार्थी फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी और कंप्यूटर लैब में जानेंगे कि विद्यार्थी प्रैक्टिकल कैसे करते हैं। उनके यहां लैब में किस उपकरण की कमी है।
- स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों से बातचीत कर स्कूल में होने वाली खेलकूद स्पर्धाओं व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी लेंगे।
- उच्चतर शिक्षण संस्थान यानी कॉलेजों का भी दौरा करेंगे। वहां कॅरियर को लेकर उनको गाइड किया जाएगा।
इसलिए शुरू की योजना
योजना के पीछे शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की भावना बढ़ाना है। इस तरह विशेष विजिट पर जाने से बच्चों में एक तो आपसी तालमेल बढ़ेगा और दूसरा वे चीजों की परख करना सीखेंगे। विजिट से लौटकर अगर उनके स्कूल में कोई कमी है तो उसके बारे में भी जागरूक होंगे और उस कमी को दूर करवाने का प्रयास करेंगे। निरीक्षण को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक स्कूल के लिए बजट भी जारी किया गया है।
समग्र शिक्षा अभियान के सहायक कार्यक्रम समन्वयक (एपीसी) चंद्रमोहन ने बताया कि ट्विनिंग प्रोग्राम के लिए सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को ही शामिल किया गया है। इसके लिए स्कूलों को दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी