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परीक्षा पास कर डाक्टर-इंजीनियर बन सकेंगे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। जिन विद्यार्थियों ने कक्षा 10वीं की पढ़ाई करते हुए अच्छी मेहनत की है और अब राजकीय स्कूल से ही 11वीं की मेडिकल संकाय में दाखिला ले रहे हैं। ऐसे बच्चों का डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना शिक्षा विभाग पूरा करेगा। यह सपना सुपर-100 कार्यक्रम के तहत साकार होगा।
सत्र 2022-24 तक के कार्यक्रम के लिए विभाग की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। विद्यार्थी 15 मई से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 31 मई तक चलेगी। प्रक्रिया में सरकारी स्कूलों से 10वीं पास करने वाले प्रदेश से 600 विद्यार्थी चुने जाएंगे। जिन्हेें जेईई व नीट की निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए चयनित विद्यार्थियों को सरकार द्वारा तय केंद्र में ही रहना होगा। इनके रहने, खाने व पढ़ाई का सभी खर्च विभाग वहन करेगा। इसमें आवेदन करने वाले सभी विद्यार्थियों को दो चरणों के टेस्ट देने होंगे। टेस्ट में पास होने वाले बच्चों का ही कार्यक्रम के लिए चयन किया जाएगा।
नौवीं में 60 प्रतिशत अंक, 11वीं में विज्ञान संकाय की शर्त
कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों का 11वीं में विज्ञान संकाय (मेडिकल या नॉन मेडिकल) लेना जरूरी है। अन्यथा आवेदन रद्द माना जाएगा। इसके अलावा नौवीं कक्षा भी 60 प्रतिशत अंकों के साथ राजकीय स्कूल से उत्तीर्ण होना जरूरी है। विद्यार्थियों के चयन के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट का आयोजन किया जाएगा। पहले चरण पर जिला स्तरीय टेस्ट चार जून को होगा। पिछले वर्षों में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान व रिजनिंग के सवाल पूछे जाते रहे हैं।
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दूसरे राउंड में लेंगे हिस्सा
पहले राउंड पार करने वाले बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर से उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से रिजल्ट जारी किया जाएगा। जो बच्चे पास होंगे, वही दूसरे राउंड के टेस्ट में हिस्सा लेंगे। इस टेस्ट से पहले प्रोजेक्ट के एक्सपर्ट द्वारा कोचिंग भी दी जाएगी। दूसरे चरण की टेस्ट और प्रक्रिया 24 जून से आठ जुलाई तक चलेगी।
200 विद्यार्थी वेटिंग में रखे जाएंगे
विभाग की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार, बैच 2022-24 के लिए कुल 600 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें से मुख्य सूची में शामिल करके 400 विद्यार्थियों को आवासीय कोचिंग दी जाएगी और 200 विद्यार्थियों को प्रतीक्षा सूची में रखा जाएगा। इन्हें ऑनलाइन माध्यम से कोचिंग दी जाएगी। यदि मुख्य सूची का कोई विद्यार्थी आवासीय कोचिंग छोड़ देता है या अपना दाखिला रद्द करवाता है तो प्रतीक्षा सूची के विद्यार्थियों को आवासीय कोचिंग में शामिल किया जाएगा।
यह रहेगा शेड्यूल
- 15 से 31 मई तक पंजीकरण होगा।
- 04 जून को जिला स्तर पर लेवल-1 टेस्ट होगा।
- 20 जून को जिला स्तर के लेवल-1 टेस्ट का परिणाम जारी होगा।
- 24 जून से 08 जुलाई तक ओरिएंटेशन प्रोग्राम (लेवल-2) होगा।
- 10 जुलाई को लेवर-2 का परिणाम जारी होगा।
- 15 जुलाई से कक्षाएं शुरू होंगी।
दसवीं तक बच्चे को पढ़ाने के बाद अक्सर कई अभिभावक आगे की पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पाते, ऐसे में बच्चों का डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना पूरा नहीं हो पाता। ऐसे मेधावी विद्यार्थियों का भविष्य बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने यह कार्यक्रम चलाया है। आवेदन करने वाले विद्यार्थी ने नौवीं कक्षा भी 60 प्रतिशत अंकों से राजकीय विद्यालय से उत्तीर्ण की होनी चाहिए।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।
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करनाल। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। जिन विद्यार्थियों ने कक्षा 10वीं की पढ़ाई करते हुए अच्छी मेहनत की है और अब राजकीय स्कूल से ही 11वीं की मेडिकल संकाय में दाखिला ले रहे हैं। ऐसे बच्चों का डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना शिक्षा विभाग पूरा करेगा। यह सपना सुपर-100 कार्यक्रम के तहत साकार होगा।
सत्र 2022-24 तक के कार्यक्रम के लिए विभाग की ओर से शेड्यूल जारी कर दिया गया है। विद्यार्थी 15 मई से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 31 मई तक चलेगी। प्रक्रिया में सरकारी स्कूलों से 10वीं पास करने वाले प्रदेश से 600 विद्यार्थी चुने जाएंगे। जिन्हेें जेईई व नीट की निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए चयनित विद्यार्थियों को सरकार द्वारा तय केंद्र में ही रहना होगा। इनके रहने, खाने व पढ़ाई का सभी खर्च विभाग वहन करेगा। इसमें आवेदन करने वाले सभी विद्यार्थियों को दो चरणों के टेस्ट देने होंगे। टेस्ट में पास होने वाले बच्चों का ही कार्यक्रम के लिए चयन किया जाएगा।
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नौवीं में 60 प्रतिशत अंक, 11वीं में विज्ञान संकाय की शर्त
कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों का 11वीं में विज्ञान संकाय (मेडिकल या नॉन मेडिकल) लेना जरूरी है। अन्यथा आवेदन रद्द माना जाएगा। इसके अलावा नौवीं कक्षा भी 60 प्रतिशत अंकों के साथ राजकीय स्कूल से उत्तीर्ण होना जरूरी है। विद्यार्थियों के चयन के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट का आयोजन किया जाएगा। पहले चरण पर जिला स्तरीय टेस्ट चार जून को होगा। पिछले वर्षों में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान व रिजनिंग के सवाल पूछे जाते रहे हैं।
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दूसरे राउंड में लेंगे हिस्सा
पहले राउंड पार करने वाले बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर से उनके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से रिजल्ट जारी किया जाएगा। जो बच्चे पास होंगे, वही दूसरे राउंड के टेस्ट में हिस्सा लेंगे। इस टेस्ट से पहले प्रोजेक्ट के एक्सपर्ट द्वारा कोचिंग भी दी जाएगी। दूसरे चरण की टेस्ट और प्रक्रिया 24 जून से आठ जुलाई तक चलेगी।
200 विद्यार्थी वेटिंग में रखे जाएंगे
विभाग की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार, बैच 2022-24 के लिए कुल 600 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें से मुख्य सूची में शामिल करके 400 विद्यार्थियों को आवासीय कोचिंग दी जाएगी और 200 विद्यार्थियों को प्रतीक्षा सूची में रखा जाएगा। इन्हें ऑनलाइन माध्यम से कोचिंग दी जाएगी। यदि मुख्य सूची का कोई विद्यार्थी आवासीय कोचिंग छोड़ देता है या अपना दाखिला रद्द करवाता है तो प्रतीक्षा सूची के विद्यार्थियों को आवासीय कोचिंग में शामिल किया जाएगा।
यह रहेगा शेड्यूल
- 15 से 31 मई तक पंजीकरण होगा।
- 04 जून को जिला स्तर पर लेवल-1 टेस्ट होगा।
- 20 जून को जिला स्तर के लेवल-1 टेस्ट का परिणाम जारी होगा।
- 24 जून से 08 जुलाई तक ओरिएंटेशन प्रोग्राम (लेवल-2) होगा।
- 10 जुलाई को लेवर-2 का परिणाम जारी होगा।
- 15 जुलाई से कक्षाएं शुरू होंगी।
दसवीं तक बच्चे को पढ़ाने के बाद अक्सर कई अभिभावक आगे की पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पाते, ऐसे में बच्चों का डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना पूरा नहीं हो पाता। ऐसे मेधावी विद्यार्थियों का भविष्य बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने यह कार्यक्रम चलाया है। आवेदन करने वाले विद्यार्थी ने नौवीं कक्षा भी 60 प्रतिशत अंकों से राजकीय विद्यालय से उत्तीर्ण की होनी चाहिए।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।