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आफलाइन पढ़ाई का क्रेज, तीन दिन में 64 प्रतिशत पर पहुंच गई उपस्थिति
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करनाल। कोरोना के कारण तीन माह तक घरों में रहे बच्चों में स्कूल आकर पढ़ाई करने में ज्यादा रुचि दिखाई दे रही है। महज तीन दिन में बरसात के बावजूद छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों की 64 प्रतिशत उपस्थिति राजकीय स्कूलों में दर्ज की गई। वहीं 9वीं से 12वीं तक के भी 43 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल पहुंचने लगे हैं। इतनी उपस्थिति के साथ करनाल प्रदेश में 12वें पायदान पर आ गया है। शुरुआत में छात्र उपस्थिति 20 प्रतिशत से भी कम थी।
कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद प्रदेश सरकार ने छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को खोल दिया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोरोना गाइडलाइन का पालन हो सके, इसके लिए अभी केवल 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही स्कूल बुलाने की अनुमति है। 16 जुलाई से कक्षा 9वीं से ऊपर के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गए थे। जबकि 23 जुलाई से कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को भी स्कूल बुलाया जाने लगा था। अभिभावकों की सहमति से स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों को गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
यहां यह है स्थिति
- छठी से आठवीं : कुल 294 स्कूलों में 36116 विद्यार्थी इन कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से 50 प्रतिशत यानी 18058 विद्यार्थियों को स्कूल आने की अनुमति है। लगभग 11480 विद्यार्थी यानी 64 प्रतिशत रोजाना कक्षाओं में उपस्थित हो रहे हैं।
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- कक्षा 9वीं से 12वीं : कुल 176 स्कूलों में 42299 विद्यार्थी इन कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से 50 प्रतिशत यानी 21150 विद्यार्थियों को स्कूल आने की अनुमति है। लगभग 9090 विद्यार्थी यानी 43 प्रतिशत रोजाना कक्षाओं में उपस्थित हो रहे हैं।
महेंद्रगढ़ पहले और मेवात अंतिम पायदान पर
प्रदेश में छात्रों के स्कूल उपस्थिति के मामले में महेंद्रगढ़ पहले पायदान पर है, यहां कक्षा 9वीं से 12वीं के 78 प्रतिशत और छठी से आठवीं तक के 68 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल आ रहे हैं। वहीं अंतिम पायदान पर रहने वाले नूंह मेवात कक्षा 9वीं से 12वीं के महज 22 प्रतिशत और छठी से आठवीं तक के 19 प्रतिशत विद्यार्थी ही स्कूल आते हैं।
उपस्थिति और बढ़ने की उम्मीद
शुरुआत में उपस्थिति काफी कम थी। जो धीरे-धीरे बढ़ी है। अगले सप्ताह में छात्र उपस्थिति और बढ़ने की उम्मीद है। सुरक्षा के लिहाज से शिक्षकों का वैक्सीनेशन भी कराया जा रहा है। कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहां 50 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थी भी पहुुंच रहे हैं।
-रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद प्रदेश सरकार ने छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों को खोल दिया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोरोना गाइडलाइन का पालन हो सके, इसके लिए अभी केवल 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही स्कूल बुलाने की अनुमति है। 16 जुलाई से कक्षा 9वीं से ऊपर के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गए थे। जबकि 23 जुलाई से कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को भी स्कूल बुलाया जाने लगा था। अभिभावकों की सहमति से स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों को गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
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यहां यह है स्थिति
- छठी से आठवीं : कुल 294 स्कूलों में 36116 विद्यार्थी इन कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से 50 प्रतिशत यानी 18058 विद्यार्थियों को स्कूल आने की अनुमति है। लगभग 11480 विद्यार्थी यानी 64 प्रतिशत रोजाना कक्षाओं में उपस्थित हो रहे हैं।
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- कक्षा 9वीं से 12वीं : कुल 176 स्कूलों में 42299 विद्यार्थी इन कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें से 50 प्रतिशत यानी 21150 विद्यार्थियों को स्कूल आने की अनुमति है। लगभग 9090 विद्यार्थी यानी 43 प्रतिशत रोजाना कक्षाओं में उपस्थित हो रहे हैं।
महेंद्रगढ़ पहले और मेवात अंतिम पायदान पर
प्रदेश में छात्रों के स्कूल उपस्थिति के मामले में महेंद्रगढ़ पहले पायदान पर है, यहां कक्षा 9वीं से 12वीं के 78 प्रतिशत और छठी से आठवीं तक के 68 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल आ रहे हैं। वहीं अंतिम पायदान पर रहने वाले नूंह मेवात कक्षा 9वीं से 12वीं के महज 22 प्रतिशत और छठी से आठवीं तक के 19 प्रतिशत विद्यार्थी ही स्कूल आते हैं।
उपस्थिति और बढ़ने की उम्मीद
शुरुआत में उपस्थिति काफी कम थी। जो धीरे-धीरे बढ़ी है। अगले सप्ताह में छात्र उपस्थिति और बढ़ने की उम्मीद है। सुरक्षा के लिहाज से शिक्षकों का वैक्सीनेशन भी कराया जा रहा है। कई स्कूल ऐसे भी हैं, जहां 50 प्रतिशत से ज्यादा विद्यार्थी भी पहुुंच रहे हैं।
-रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी