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सीएम बोले - कालेज से ही ड्राइविंग लाइसेंस लेकर निकलेंगे विद्यार्थी
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प्रदेश के हर कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थी अपना ड्राइविंग लाइसेंस और छात्रा पासपोर्ट लेकर ही पासआउट होंगे, यानी विद्यार्थी के पासआउट होने से पहले ही उनके ये दोनों दस्तावेज कॉलेज में ही बनकर मिल जाएंगे। प्रदेश सरकार विद्यार्थियों की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था करने जा रही है, ताकि कॉलेज से निकलने के बाद विद्यार्थियों को इन दोनों दस्तावेजों के लिए चक्कर न काटने पड़े। शनिवार को डॉ. मंगलसेन सभागार में आयोजित हर सिर हेलमेट अभियान का शुभारंभ करने के दौरान बतौर मुख्य अतिथि सीएम ने उक्त बातें कहीं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि युवा, यातायात नियमों के प्रति जागरूक हों, इसके लिए प्रदेश के महाविद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी को नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ उनके शिक्षण संस्थानों में ही ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे। 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले हर विद्यार्थी का लाइसेंस बना दिया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग इंस्पेक्टर की व्यवस्था करेगा। चाहे किसी शिक्षक के माध्यम से ही इस कार्य को किया जाएगा। एक तो हर विद्यार्थी का डीएल बन जाएगा, दूसरा उसे यातायात नियमों की जानकारी होने से वह सेफ ड्राइविंग कर सकेगा।
सीएम ने कहा कि यह भी निर्णय लिया गया है कि कॉलेज की छात्राएं जब स्नातक होकर पासआउट होंगी। इससे पहले उन्हें पासपोर्ट भी बनाकर दिया जाएगा, ताकि वह स्नातक होने के बाद आगे के लिए पढ़ाई व करियर संबंधी निर्णय खुले मन से कर सकें। इसकी सारी प्रक्रिया कॉलेज में ही की जाएगी। इस दौरान लर्निंग लाइसेंस प्राप्त युवाओं को उन्होंने हेलमेट भी वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद संजय भाटिया ने।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि युवा, यातायात नियमों के प्रति जागरूक हों, इसके लिए प्रदेश के महाविद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी को नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ उनके शिक्षण संस्थानों में ही ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किए जाएंगे। 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले हर विद्यार्थी का लाइसेंस बना दिया जाएगा। इसके लिए परिवहन विभाग इंस्पेक्टर की व्यवस्था करेगा। चाहे किसी शिक्षक के माध्यम से ही इस कार्य को किया जाएगा। एक तो हर विद्यार्थी का डीएल बन जाएगा, दूसरा उसे यातायात नियमों की जानकारी होने से वह सेफ ड्राइविंग कर सकेगा।
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सीएम ने कहा कि यह भी निर्णय लिया गया है कि कॉलेज की छात्राएं जब स्नातक होकर पासआउट होंगी। इससे पहले उन्हें पासपोर्ट भी बनाकर दिया जाएगा, ताकि वह स्नातक होने के बाद आगे के लिए पढ़ाई व करियर संबंधी निर्णय खुले मन से कर सकें। इसकी सारी प्रक्रिया कॉलेज में ही की जाएगी। इस दौरान लर्निंग लाइसेंस प्राप्त युवाओं को उन्होंने हेलमेट भी वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद संजय भाटिया ने।
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