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पड़ोसी राज्यों से आने वाले गेहूं पर लगी रोक
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अनाज मंडियों में गेहूं की बंपर आवक और उठान कम होने से अव्यवस्था फैलने की आशंका के तहत उत्तर प्रदेश आदि सीमावर्ती राज्यों से आने वाले गेहूं पर रोक लगा दी गई है। यूपी की सीमा पर पहुंचीं करीब डेढ़ सौ से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियों को लौटा दिया गया, जिससे अफरातफरी की स्थिति बन गई है। सीमा पर देर शाम तक सैकड़ों की संख्या में वाहन गेहूं लेकर खड़े हैं। इधर, कुंजपुरा, इंद्री आदि कई अनाज मंडियों में मंगलवार को खरीद नहीं हो सकी है। हालांकि करनाल सहित कई अनाज मंडियों में मंगलवार को 36525 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। वहीं 105174.4 मीट्रिक गेहूं की लिफ्टिंग की गई है। अभी अनाज मंडियों में 286689.80 मीट्रिक टन गेहूं खुले में पड़ा है।
कुंजपुरा, इंद्री आदि कई अनाज मंडियों में मंगलवार को खरीद नहीं होने से किसानों आढ़तियों को दिक्कत हुई, हालांकि करनाल सहित जिले की कई मंडियों में लगातार खरीद जारी रही। शेडयूल के मुताबिक ही किसानों को गेटपास जारी किए गए, जिससे बड़ी संख्या में किसान गेहूं नहीं ला सके और जो लेकर आए थे, उन्हें मंडी में प्रवेश नहीं मिल सका। कुंजपुरा व घीड़ मंडी से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली आदि जिले भी संबद्ध हैं, सैकड़ों किसान बिना शेड्यूल के गेहूं लेकर पहुंचे। उन्हें शेरगढ़ टापू बार्डर पर ही पुलिस ने रोक लिया। जब पुलिस ने शेड्यूल देखा तो करीब 150 किसानों में सिर्फ एक के पास एसएमएस निकला, उसे जाने दिया। शेष को लौटा दिया।
यहां पर किसानों ने जमकर हंगामा किया और मंडी के अंदर गेहूं बेचने की इजाजत देने की मांग की। बार्डर पर देर रात तक गेहूं से लदी करीब 150 ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी थी। इससे यूपी के रास्तों पर जाम की स्थिति बनने लगी। एसडीएम आयुष सिन्हा ने बताया कि फिलहाल यूपी आदि सीमांत राज्यों से बिना शेड्यूल आने वाले गेहूं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। उठान के नियंत्रण में आते ही उन्हें भी गेहूं लेकर आने की इजाजत दी जाएगी। एसडीएम ने तरावड़ी क्षेत्र के तीन खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। इधर जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को अधिक फोकस उठान पर रहा। खरीद 36525 मीट्रिक टन हो सकी, लेकिन उठान 105174.4 मीट्रिक टन कराया गया है। हालांकि अभी भी 286689.80 मीट्रिक ठन गेहूं का उठान शेष है।
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कोट
इंद्री में आढ़तियों, किसानों ने जाम लगाया था। इंद्री मंडी में जगह बची थी, इस पर ट्रालियों को मंडी के अंदर ले लिया गया। जहां तक यूपी के किसानों की बात है तो पंजीकृत किसान ही शेड्यूल के अनुसार गेहूं ला सकेंगे, वह भी ट्रालियों में खुला। व्यापारियों को अभी गेहूं लाने की इजाजत नहीं दी जाएगी, पहले किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। -निशांत कुमार यादव, उपायुक्त करनाल।
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कुंजपुरा, इंद्री आदि कई अनाज मंडियों में मंगलवार को खरीद नहीं होने से किसानों आढ़तियों को दिक्कत हुई, हालांकि करनाल सहित जिले की कई मंडियों में लगातार खरीद जारी रही। शेडयूल के मुताबिक ही किसानों को गेटपास जारी किए गए, जिससे बड़ी संख्या में किसान गेहूं नहीं ला सके और जो लेकर आए थे, उन्हें मंडी में प्रवेश नहीं मिल सका। कुंजपुरा व घीड़ मंडी से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली आदि जिले भी संबद्ध हैं, सैकड़ों किसान बिना शेड्यूल के गेहूं लेकर पहुंचे। उन्हें शेरगढ़ टापू बार्डर पर ही पुलिस ने रोक लिया। जब पुलिस ने शेड्यूल देखा तो करीब 150 किसानों में सिर्फ एक के पास एसएमएस निकला, उसे जाने दिया। शेष को लौटा दिया।
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यहां पर किसानों ने जमकर हंगामा किया और मंडी के अंदर गेहूं बेचने की इजाजत देने की मांग की। बार्डर पर देर रात तक गेहूं से लदी करीब 150 ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी थी। इससे यूपी के रास्तों पर जाम की स्थिति बनने लगी। एसडीएम आयुष सिन्हा ने बताया कि फिलहाल यूपी आदि सीमांत राज्यों से बिना शेड्यूल आने वाले गेहूं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। उठान के नियंत्रण में आते ही उन्हें भी गेहूं लेकर आने की इजाजत दी जाएगी। एसडीएम ने तरावड़ी क्षेत्र के तीन खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। इधर जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को अधिक फोकस उठान पर रहा। खरीद 36525 मीट्रिक टन हो सकी, लेकिन उठान 105174.4 मीट्रिक टन कराया गया है। हालांकि अभी भी 286689.80 मीट्रिक ठन गेहूं का उठान शेष है।
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कोट
इंद्री में आढ़तियों, किसानों ने जाम लगाया था। इंद्री मंडी में जगह बची थी, इस पर ट्रालियों को मंडी के अंदर ले लिया गया। जहां तक यूपी के किसानों की बात है तो पंजीकृत किसान ही शेड्यूल के अनुसार गेहूं ला सकेंगे, वह भी ट्रालियों में खुला। व्यापारियों को अभी गेहूं लाने की इजाजत नहीं दी जाएगी, पहले किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। -निशांत कुमार यादव, उपायुक्त करनाल।