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बॉक्सिंग खिलाड़ियों को इंडोर हॉल का इंतजार, खुले में कर रहे अभ्यास
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ओलंपियन सुमित सांगवान, विश्व चैंपियन निशांत देव सूर्या और इंटरनेशनल यूथ गेम्स में रजत पदक विजेता अनिल कुमार जैसे विश्व स्तरीय बॉक्सिंग खिलाड़ी देने वाली कर्णनगरी के खिलाड़ी इंडोर बॉक्सिंग हॉल के अभाव में खुले में अभ्यास करने को मजबूर हैं। लंबे समय से ये खिलाड़ी कर्ण स्टेडियम में खुले में अभ्यास करते हैं।
इन खिलाड़ियों का कहना है कि खुले में अभ्यास करने से पहले ही शरीर का तापमान बढ़ जाता है, धूप के चलते परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है और अभ्यास प्रभावित होता है। काफी समय पहले से खिलाड़ी एक इंडोर हॉल की मांग उठा रहे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 25 जुलाई 2020 को कर्ण स्टेडियम में बने नवनिर्मित खेल सुविधा केंद्र के उद्घाटन के दौरान इंडोर हॉल बनाने की घोषणा की थी, लेकिन 20 माह बाद भी खिलाड़ी इस सुविधा का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनकी प्रतिभा में निखार आ सके। हालांकि खिलाड़ियों की सुविधा के लिए कई अन्य कार्य चल रहे हैं।
खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 2020 में खेल सुविधा केंद्र के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिमभनास्टिक हॉल के स्थान पर दो मंजिला इंडोर बॉक्सिंग व बैडमिंटन हॉल बनाने की घोषणा की थी। बीच में महामारी के कारण कई काम रुके हुए थे, जो अब तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इंडोर दो मंजिला भवन के लिए रफ एस्टीमेट बन चुका है। 20 अप्रैल तक बजट भी जारी होने की संभावना है। जल्द काम शुरू हो जाएगा।
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- अशोक दुआ, जिला खेल अधिकारी
कर्ण नगरी से कई बेहतर खिलाड़ी निकले हैं। अभी हमारे पास लगभग 30 महिला खिलाड़ियों सहित लगभग 85 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। बॉक्सिंग का खेल पावर का खेल है, जिसमें खिलाड़ी का शारीरिक तापमान वैसे ही बढ़ जाता है। वहीं, तेज गर्मी के चलते खिलाड़ी को डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है। बॉक्सिंग की सभी प्रतियोगिताएं इंडोर ही होती हैं, ऐसे में इंडोर हॉल में होने वाली प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ी को खुले में अभ्यास करने का नतीजा भुगतना पड़ता है।
सुरेंद्र चौहान, बॉक्सिंग प्रशिक्षक
खुले में अभ्यास करने के दौरान परेशानी होती है। एक तो पहले ही अभ्यास के दौरान शरीर का तापमान बढ़ जाता है, ऊपर से तेज गर्मी परेशान करती है।
- लक्ष्य
खुले में अभ्यास करने से एकाग्रता भी नहीं बन पाती, साथ ही आसपास से गुजरने वाले लोगों की वजह से एकाग्रता भंग होती है। इंडोर हॉल मिल जाए तो बेहतर होगा।
- साहिल
बॉक्सिंग खेल इंडोर ही होते हैं, जो खिलाड़ी खुले में अभ्यास करेगा, इंडोर हॉल में होने वाली प्रतियोगिता में इसका असर तो दिखाई ही देगा।
- सागर
हमें जल्द इंडोर हॉल मिल जाए तो बहुत अच्छा होगा। खुले में अभ्यास करने से खेल खराब होता है। इंडोर में अभ्यास करेंगे तो खेल में भी निखार आएगा।
-कार्तिक
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इन खिलाड़ियों का कहना है कि खुले में अभ्यास करने से पहले ही शरीर का तापमान बढ़ जाता है, धूप के चलते परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है और अभ्यास प्रभावित होता है। काफी समय पहले से खिलाड़ी एक इंडोर हॉल की मांग उठा रहे थे। इसके बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 25 जुलाई 2020 को कर्ण स्टेडियम में बने नवनिर्मित खेल सुविधा केंद्र के उद्घाटन के दौरान इंडोर हॉल बनाने की घोषणा की थी, लेकिन 20 माह बाद भी खिलाड़ी इस सुविधा का इंतजार कर रहे हैं ताकि उनकी प्रतिभा में निखार आ सके। हालांकि खिलाड़ियों की सुविधा के लिए कई अन्य कार्य चल रहे हैं।
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खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 2020 में खेल सुविधा केंद्र के उद्घाटन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिमभनास्टिक हॉल के स्थान पर दो मंजिला इंडोर बॉक्सिंग व बैडमिंटन हॉल बनाने की घोषणा की थी। बीच में महामारी के कारण कई काम रुके हुए थे, जो अब तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इंडोर दो मंजिला भवन के लिए रफ एस्टीमेट बन चुका है। 20 अप्रैल तक बजट भी जारी होने की संभावना है। जल्द काम शुरू हो जाएगा।
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- अशोक दुआ, जिला खेल अधिकारी
कर्ण नगरी से कई बेहतर खिलाड़ी निकले हैं। अभी हमारे पास लगभग 30 महिला खिलाड़ियों सहित लगभग 85 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। बॉक्सिंग का खेल पावर का खेल है, जिसमें खिलाड़ी का शारीरिक तापमान वैसे ही बढ़ जाता है। वहीं, तेज गर्मी के चलते खिलाड़ी को डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा रहता है। बॉक्सिंग की सभी प्रतियोगिताएं इंडोर ही होती हैं, ऐसे में इंडोर हॉल में होने वाली प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ी को खुले में अभ्यास करने का नतीजा भुगतना पड़ता है।
सुरेंद्र चौहान, बॉक्सिंग प्रशिक्षक
खुले में अभ्यास करने के दौरान परेशानी होती है। एक तो पहले ही अभ्यास के दौरान शरीर का तापमान बढ़ जाता है, ऊपर से तेज गर्मी परेशान करती है।
- लक्ष्य
खुले में अभ्यास करने से एकाग्रता भी नहीं बन पाती, साथ ही आसपास से गुजरने वाले लोगों की वजह से एकाग्रता भंग होती है। इंडोर हॉल मिल जाए तो बेहतर होगा।
- साहिल
बॉक्सिंग खेल इंडोर ही होते हैं, जो खिलाड़ी खुले में अभ्यास करेगा, इंडोर हॉल में होने वाली प्रतियोगिता में इसका असर तो दिखाई ही देगा।
- सागर
हमें जल्द इंडोर हॉल मिल जाए तो बहुत अच्छा होगा। खुले में अभ्यास करने से खेल खराब होता है। इंडोर में अभ्यास करेंगे तो खेल में भी निखार आएगा।
-कार्तिक