फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Sowing along with crop residue: no hassle of cutting, scientists prepared rotary disc drill machine

फसल अवशेष समेत होगी बिजाई: ना काटने का झंझट न प्रदूषण, वैज्ञानिकों ने तैयार की रोटरी डिस्क ड्रिल मशीन

Thu, 20 Jul 2023 09:15 AM IST
नवीन दलाल कुशाग्र मिश्रा, करनाल (हरियाणा)
कुशाग्र मिश्रा, करनाल (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Thu, 20 Jul 2023 09:15 AM IST
सार

भारतीय गेहूं एवं जाै अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने ऐसी मशीन विकसित की है, जो फसल अवशेष के साथ ही बिजाई को संभव करेगी। इस मशीन की खासियत यह है कि इसके डिस्क ब्लेड खेत में करीब दो से तीन इंच चौड़ी स्लिट (दरार) ही बनाते हैं, जिससे फसल अवशेषों को हटाने की जरूरत ही नहीं पड़ती है। 

विज्ञापन
Sowing along with crop residue: no hassle of cutting, scientists prepared rotary disc drill machine
रोटरी डिस्क ड्रिल मशीन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अब किसानाें को बिजाई से पहले फसल अवशेषाें को काटने के झंझट से निजात मिलेगी। इन्हें जलाने से होने वाला पर्यावरण प्रदूषण का खतरा भी नहीं रहेगा। भारतीय गेहूं एवं जाै अनुसंधान संस्थान करनाल में इजाद की गई तकनीक से यह संभव हो सकेगा। संस्थान के वैज्ञानिकों ने ऐसी मशीन विकसित की है, जो फसल अवशेष के साथ ही बिजाई को संभव करेगी। इस मशीन का नाम है रोटरी डिस्क ड्रिल, जिसकी बदौलत किसान अपने खेतों में फसल अवशेष छोड़ सकते हैं और बिजाई में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

विज्ञापन


खेत की जुताई के दौरान फसल अवशेष बाधा बनते
किसानों को बिजाई से पहले खेत से फसल अवशेष हटाना पड़ता था, क्योंकि खेत की जुताई के दौरान फसल अवशेष बाधा बनते हैं। इसके साथ ही बीज का अंकुरण नहीं हो पाता है। किसानों की मजबूरी है कि फसल अवशेषों को पूरी तरह से हटाया जाए, इसी कारण कुछ किसान फसल अवशेषों में आग लगा देते हैं, जिससे प्रदूषण फैलता है। अब नई तकनीक, रोटरी डिस्क ड्रिल मशीन से यह दिक्कत नहीं होगी।
विज्ञापन


फसल अवशेषों को हटाने की जरूरत नहीं
इस मशीन की खासियत यह है कि इसके डिस्क ब्लेड खेत में करीब दो से तीन इंच चौड़ी स्लिट (दरार) ही बनाते हैं, जिससे फसल अवशेषों को हटाने की जरूरत ही नहीं पड़ती है। इस दरार को बनाने के साथ ही मशीन इसमें बीज और खाद डालकर बिजाई पूरी कर देती है। इसके साथ ही यह फसल अवशेषों को काटते हुए चलती है जो खेत की मिट्टी में ही मिल जाती है। इस मशीन से मूंग, मक्का, गेहूं, धान और गन्ने की फसल की बिजाई कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

पेटेंट के लिए आवेदन, व्यावसायिक उपयोग की तैयारी

भारतीय गेहूं एवं जाै अनुसंधान संस्थान ने रोटरी डिस्क ड्रिल का पेटेंट कराने के लिए आवेदन कर दिया है। जल्द यह प्राप्त भी हो जाएगा। इसके व्यावसायिक उपयोग के लिए तैयारी की जा रही है। जिससे रोटरी डिस्क ड्रिल मशीन का लाभ किसानों को उपलब्ध कराया जा सके।

हल्की है मशीन, कम हाॅर्स पावर का ट्रैक्टर लगेगा

रोटरी डिस्क ड्रिल का वजन हैप्पी सीटर या रोटावेटर से काफी कम है। हल्की मशीन होने की वजह से इसे कम हाॅर्स पावर के ट्रैक्टर में लगाया जा सकता है। इसके लिए 30 से 35 हाॅर्स पावर का ही ट्रैक्टर चाहिए जबकि हैप्पी सीटर या रोटावेटर में 60 हॉर्स पावर के ट्रैक्टर की जरूरत पड़ती है।

फसल अवशेष खेत में छोड़ने के ये लाभ
1. खरपतवार नहीं होगी
2. पानी की आवश्यकता कम होगी
3. मिट्टी में मिलने से पोषक तत्व रहेंगे
4. जैव पदार्थ बढ़ जाएंगे
5. फसल अवशेष प्रबंध होगा

ब्लेड स्वत: धार लेते हैं, डेढ़ लाख रुपये कीमत

रोटरी डिस्क ड्रिल के ब्लेड ऑटो शार्पन (स्वत: धार लेने वाले) हैं। इन्हें अलग से धार लगाने की जरूरत नहीं होती है। इसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये रखी गई है। यह अपने तरह की पहली मशीन है। इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया गया है और व्यावसायिक उपयोग के लिए जल्द एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। - डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह, निदेशक, भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed