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Karnal News: कोई मोहल्लों में सिमटा, कहीं कॉलोनियों-गांवों को मिलाकर बना वार्ड
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- वार्डबंदी : क्षेत्रफल के हिसाब से वार्ड नौ और 19 सबसे छोटे, जबकि एक, सात, 12 और 20 सबसे बड़े
- पीपीपी के आंकड़ों में फंसी शहर की वार्डबंदी, पड़ोसी हुए बेगाने, स्थानीय लोगों और नेताओं ने जताई आपत्ति
गगन तलवार
करनाल। निकाय चुनाव के लिए नई वार्डबंदी का ड्रॉफ्ट तैयार किया है। लेकिन इसमें परिवार पहचान पत्र के आधार पर क्षेत्रफल को बांटा गया है, ऐसे में कुछ वार्ड तो महज मोहल्लों और द्वार तक ही सिमट कर रह गए हैं। जबकि कई वार्ड ऐसे हैं जो कई कॉलोनियों और गांवों को मिलाकर बने हैं। ऐसे में बड़े वार्ड के लोगों को भविष्य में काम के लिए दूर तक चक्कर काटने पड़ेंगे।
नई वार्डबंदी के तैयार ड्रॉफ्ट के नक्शे पर नजर डालें तो क्षेत्रफल के हिसाब से 20 वार्डों में वार्ड नंबर नौ और 19 सबसे छोटे हैं। ये वार्ड कुछ गलियों के मिलने से ही बने हैं। इसमें लाइनपार या पुराना शहर की गलियां शामिल हैं। वहीं वार्ड नंबर एक, सात, 12 और 20 सबसे बड़े हैं। इनमें कई गांवों, आवासीय योजना व सेक्टरों और कॉलोनियों को शामिल किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, वार्डबंदी क्षेत्र की आबादी के आधार पर तैयार होती है। शहर में कई क्षेत्र ऐसे हैं, जो पूरी तरह से आवासीय हैं, यहां आबादी भी ज्यादा है। वहीं कई नई कॉलोनियां और गांव ऐसे हैं, जहां पर बाजार और कृषि योग्य भूमि भी है, यहां आबादी सामान्य होने के कारण बड़े क्षेत्र वार्ड में शामिल हुए हैं। वार्डबंदी में परिवार पहचान पत्र के हिसाब से आबादी ली गई है। ऐसे में परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों में उलझी शहर की वार्डबंदी में पड़ोसियों के वार्ड बदलने से वे भी बेगाने हो गए हैं। इस पर स्थानीय लोगों और नेताओं ने भी आपत्ति जताई है और प्रशासन से संशोधन की मांग की है।
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इन वार्डों से निकल रहे हाईवे, रेल मार्ग और नहरें-
- राजमार्ग : नेशनल हाईवे-44 अंबाला की तरफ से वार्ड-1 से होते हुए वार्ड-5 व वार्ड-7 से दिल्ली की ओर से गुजरता है। वहीं मेरठ राजमार्ग वार्ड-6 से होते हुए वार्ड-5 में आकर एनएच पर मिलता है। वार्ड-2 से कुंजपुरा रोड, वार्ड-1 से इंद्री यमुनानगर राजमार्ग एनएच-44 पर मिलता है। वार्ड-20 से पिहोवा राजमार्ग और कैथल राजमार्ग शहर में प्रवेश करके वार्ड-14, 15 और 13 से होते हुए एनएच-44 पर मिलेगा।
- रेल मार्ग : रेल लाइन अंबाला की तरफ से वार्ड-20 से होते हुए वार्ड-12 और 16 से होते हुए दिल्ली की तरफ निकलती है।
- नहर : पश्चिमी यमुना नहर वार्ड-1 से गुजरती है। जोकि वार्ड-20 और 12, 19, 18, 17 और 16 को बांटते हुए दिल्ली की ओर गुजर रही है। वार्ड-20 से ही एसवाईएल और लिंक नहर भी निकलती है।
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बड़े वार्डों में यह हैं कॉलोनियां और गांव
- वार्ड-01 : कॉलोनियों के अलावा यहां बलड़ी, झंझाडी, उचानी गांव हैं। इसके अलावा बसंत विहार, एनबीएजीआर, सेक्टर-28 और 29 भी हैं।
- वार्ड-07 : कंबोपुरा गांव, ट्रक यूनियन, मधुबन, कनिका विहार, पार्श्वनाथ सिटी, चंबा कॉलोनी, असंल सिटी, कट्टा बाग, सूरज नगर, अशोक विहार है।
- वार्ड-12 : केंद्रीय संस्थानों में आईएआरआई, डीडब्ल्यूआर, एनडीआरआई, सीएसएसआरआई, एलआईसी कॉलोनी के अलावा प्रताप कॉलोनी, दयानंद कॉलोनी, मॉडल टाउन, वाल्मीकि बस्ती, सैनी कॉलोनी, मेडिकल कॉलेज, सेक्टर-31, सेक्टर-12 शामिल है।
- वार्ड-20 : गांव धोलगढ़, जरीफा वीरान, सैदपुरा, उचाना के अलावा सीएचडी सिटी, गांधी नगर, शांति नगर, पाल नगर, विजय नगर, नसीब पुरम, गुरुनानक पुरा, जिला जेल और बालाजी कॉलोनी।
छोटे वार्डों में यह हैं कॉलोनियां
- वार्ड-09 : पुराने शहर का जुंडला गेट, कोट मोहल्ला, चौड़ा बाजार, घोसी मोहल्ला, बांसो गेट, होली मोहल्ला, कलंदरी गेट, जाटो गेट और कर्ण गेट सम्मलित हैं।
- वार्ड-19 : रामनगर, मद्रासी कॉलोनी और न्यू प्रेमनगर।
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- पीपीपी के आंकड़ों में फंसी शहर की वार्डबंदी, पड़ोसी हुए बेगाने, स्थानीय लोगों और नेताओं ने जताई आपत्ति
गगन तलवार
करनाल। निकाय चुनाव के लिए नई वार्डबंदी का ड्रॉफ्ट तैयार किया है। लेकिन इसमें परिवार पहचान पत्र के आधार पर क्षेत्रफल को बांटा गया है, ऐसे में कुछ वार्ड तो महज मोहल्लों और द्वार तक ही सिमट कर रह गए हैं। जबकि कई वार्ड ऐसे हैं जो कई कॉलोनियों और गांवों को मिलाकर बने हैं। ऐसे में बड़े वार्ड के लोगों को भविष्य में काम के लिए दूर तक चक्कर काटने पड़ेंगे।
नई वार्डबंदी के तैयार ड्रॉफ्ट के नक्शे पर नजर डालें तो क्षेत्रफल के हिसाब से 20 वार्डों में वार्ड नंबर नौ और 19 सबसे छोटे हैं। ये वार्ड कुछ गलियों के मिलने से ही बने हैं। इसमें लाइनपार या पुराना शहर की गलियां शामिल हैं। वहीं वार्ड नंबर एक, सात, 12 और 20 सबसे बड़े हैं। इनमें कई गांवों, आवासीय योजना व सेक्टरों और कॉलोनियों को शामिल किया गया है।
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अधिकारियों के अनुसार, वार्डबंदी क्षेत्र की आबादी के आधार पर तैयार होती है। शहर में कई क्षेत्र ऐसे हैं, जो पूरी तरह से आवासीय हैं, यहां आबादी भी ज्यादा है। वहीं कई नई कॉलोनियां और गांव ऐसे हैं, जहां पर बाजार और कृषि योग्य भूमि भी है, यहां आबादी सामान्य होने के कारण बड़े क्षेत्र वार्ड में शामिल हुए हैं। वार्डबंदी में परिवार पहचान पत्र के हिसाब से आबादी ली गई है। ऐसे में परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों में उलझी शहर की वार्डबंदी में पड़ोसियों के वार्ड बदलने से वे भी बेगाने हो गए हैं। इस पर स्थानीय लोगों और नेताओं ने भी आपत्ति जताई है और प्रशासन से संशोधन की मांग की है।
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इन वार्डों से निकल रहे हाईवे, रेल मार्ग और नहरें-
- राजमार्ग : नेशनल हाईवे-44 अंबाला की तरफ से वार्ड-1 से होते हुए वार्ड-5 व वार्ड-7 से दिल्ली की ओर से गुजरता है। वहीं मेरठ राजमार्ग वार्ड-6 से होते हुए वार्ड-5 में आकर एनएच पर मिलता है। वार्ड-2 से कुंजपुरा रोड, वार्ड-1 से इंद्री यमुनानगर राजमार्ग एनएच-44 पर मिलता है। वार्ड-20 से पिहोवा राजमार्ग और कैथल राजमार्ग शहर में प्रवेश करके वार्ड-14, 15 और 13 से होते हुए एनएच-44 पर मिलेगा।
- रेल मार्ग : रेल लाइन अंबाला की तरफ से वार्ड-20 से होते हुए वार्ड-12 और 16 से होते हुए दिल्ली की तरफ निकलती है।
- नहर : पश्चिमी यमुना नहर वार्ड-1 से गुजरती है। जोकि वार्ड-20 और 12, 19, 18, 17 और 16 को बांटते हुए दिल्ली की ओर गुजर रही है। वार्ड-20 से ही एसवाईएल और लिंक नहर भी निकलती है।
बड़े वार्डों में यह हैं कॉलोनियां और गांव
- वार्ड-01 : कॉलोनियों के अलावा यहां बलड़ी, झंझाडी, उचानी गांव हैं। इसके अलावा बसंत विहार, एनबीएजीआर, सेक्टर-28 और 29 भी हैं।
- वार्ड-07 : कंबोपुरा गांव, ट्रक यूनियन, मधुबन, कनिका विहार, पार्श्वनाथ सिटी, चंबा कॉलोनी, असंल सिटी, कट्टा बाग, सूरज नगर, अशोक विहार है।
- वार्ड-12 : केंद्रीय संस्थानों में आईएआरआई, डीडब्ल्यूआर, एनडीआरआई, सीएसएसआरआई, एलआईसी कॉलोनी के अलावा प्रताप कॉलोनी, दयानंद कॉलोनी, मॉडल टाउन, वाल्मीकि बस्ती, सैनी कॉलोनी, मेडिकल कॉलेज, सेक्टर-31, सेक्टर-12 शामिल है।
- वार्ड-20 : गांव धोलगढ़, जरीफा वीरान, सैदपुरा, उचाना के अलावा सीएचडी सिटी, गांधी नगर, शांति नगर, पाल नगर, विजय नगर, नसीब पुरम, गुरुनानक पुरा, जिला जेल और बालाजी कॉलोनी।
छोटे वार्डों में यह हैं कॉलोनियां
- वार्ड-09 : पुराने शहर का जुंडला गेट, कोट मोहल्ला, चौड़ा बाजार, घोसी मोहल्ला, बांसो गेट, होली मोहल्ला, कलंदरी गेट, जाटो गेट और कर्ण गेट सम्मलित हैं।
- वार्ड-19 : रामनगर, मद्रासी कॉलोनी और न्यू प्रेमनगर।