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करनाल तीसरी बार स्मार्ट सिटी की दौड़ लगाने का तैयार
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
Updated Tue, 29 Nov 2016 12:52 AM IST
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करनाल तीसरी बार स्मार्ट सिटी की दौड़ लगाने का तैयार
- फोटो : Amar Ujala
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करनाल शहर को स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल कराने को लेकर नगर निगम ने तीसरी बार तैयारी कर ली है। इसके लिए निगम ने नए कंसटेंट के लिए सरकार को लिखा हुआ है, जो आगामी 1 जनवरी से अपना कार्य शुरू करेगा। इसके साथ ही पिछले दो भेजे गए प्रपोजल में रही खामियों पर भी मंथन किया जा रहा है और उनको दूर करने की कोशिश की जा रही हैं।
बता दें कि करनाल नगर निगम की ओर से दो बार स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा जा चुका है, लेकिन दोनों ही बार करनाल को इसमें सफलता नहीं मिली है। दो बार स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर होने के बाद तीसरी बार निगम ने इसके लिए कमर कस ली है। बता दें कि पिछली बार निगम ने करीब 2005 करोड़ रुपये का प्रपोजल बनाकर भेजा था और शहर की करीब 40 फीसदी आबादी को इसमें शामिल किया गया था। तीसरी बार के लिए आगामी 31 मार्च, 2017 तक शहरी विकास मंत्रालय के पास अपना प्रपोजल जमा कराना है। इससे पहले निगम अपनी सेवाएं ऑनलाइन करने पर जोर दे रहा है, साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से शहर के लोगों को इस मुहिम से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
क्या-क्या कर रहा निगम
स्वच्छता को लेकर दिन में सफाई करवाने के साथ-साथ नाइट स्वींपिंग यानि रात के 9 बजे से लेकर 2 बजे तक सफाई की जा रही है। निगम के अधिकारी व संबंधित कर्मचारी दिन के साथ-साथ रात में भी शहर में जाकर की गई सफाई को चेक करते हैं। इसके अतिरिक्त, शहर के 6 वार्डों में दिन के समय डोर टू डोर सफाई करवाई जा रही है। छ: अन्य वार्डों में भी डोर टू डोर सफाई के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। निगम आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि शहर में कहीं भी कूड़ा-करकट पड़ा हो, उसे शीघ्र उठवाने की कार्यवाही अच्छी साबित हो रही है। अब तक नगर निगम के सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र में मोबाइल एप के माध्यम से इस तरह की 236 शिकायतें आ चुकी हैं, जिनमें से 234 का निस्तारण किया जा चुका है। नागरिकों से बार-बार कहा जा रहा है कि वे शहर में दिखाई दे रही गंदगी का फोटो एप पर डालकर उसका समाधान करवाएं।
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500 शहरों में करनाल भी शामिल
डॉ. दहिया ने बताया कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जनवरी 2017 में देश के चुने गए 500 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण होने जा रहा है, जिनमें करनाल भी शामिल है। उन्होंने बताया कि 11 सामुदायिक शौचालय ओर 30 पब्लिक टॉयलेट लगवाए जाने के तहत अब तक 6 कम्यूनिटी व 21 पब्लिक टॉयलेट लग चुके हैं, शेष पर भी कार्य चल रहा है।
छह आरडब्ल्यूए बनी, शेष पर काम जारी
अवैध रूप से बसी कॉलोनियों को नियमित करने बारे आयुक्त ने बताया कि नगर निगर की ओर से 50 कॉलोनियों को रेगुलर करने के लिए सरकार को मसौदा भेजा था। इनमें से करीब 43 कॉलोनियों वैधता की शर्तें पूरी कर रही हैं। इस प्रकिया में सबसे पहले आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) का गठन करना जरूरी है। करनाल में 6 आरडब्ल्यूए बन चुकी हैं। कालोनी को नियमित करवाने के लिए आरडब्ल्यूए के द्वारा 50 प्रतिशत विकास शुल्क जमा करवाना जरूरी है। इस कार्य के लिए मंगलवार और वीरवार बैंको के कर्मचारी निगम कार्यालय में ही बैठेगें, जो एस्क्रो एकांउंट खोलेंगे।
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बता दें कि करनाल नगर निगम की ओर से दो बार स्मार्ट सिटी का प्रोजेक्ट बनाकर भेजा जा चुका है, लेकिन दोनों ही बार करनाल को इसमें सफलता नहीं मिली है। दो बार स्मार्ट सिटी की दौड़ से बाहर होने के बाद तीसरी बार निगम ने इसके लिए कमर कस ली है। बता दें कि पिछली बार निगम ने करीब 2005 करोड़ रुपये का प्रपोजल बनाकर भेजा था और शहर की करीब 40 फीसदी आबादी को इसमें शामिल किया गया था। तीसरी बार के लिए आगामी 31 मार्च, 2017 तक शहरी विकास मंत्रालय के पास अपना प्रपोजल जमा कराना है। इससे पहले निगम अपनी सेवाएं ऑनलाइन करने पर जोर दे रहा है, साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से शहर के लोगों को इस मुहिम से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
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क्या-क्या कर रहा निगम
स्वच्छता को लेकर दिन में सफाई करवाने के साथ-साथ नाइट स्वींपिंग यानि रात के 9 बजे से लेकर 2 बजे तक सफाई की जा रही है। निगम के अधिकारी व संबंधित कर्मचारी दिन के साथ-साथ रात में भी शहर में जाकर की गई सफाई को चेक करते हैं। इसके अतिरिक्त, शहर के 6 वार्डों में दिन के समय डोर टू डोर सफाई करवाई जा रही है। छ: अन्य वार्डों में भी डोर टू डोर सफाई के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। निगम आयुक्त डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि शहर में कहीं भी कूड़ा-करकट पड़ा हो, उसे शीघ्र उठवाने की कार्यवाही अच्छी साबित हो रही है। अब तक नगर निगम के सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र में मोबाइल एप के माध्यम से इस तरह की 236 शिकायतें आ चुकी हैं, जिनमें से 234 का निस्तारण किया जा चुका है। नागरिकों से बार-बार कहा जा रहा है कि वे शहर में दिखाई दे रही गंदगी का फोटो एप पर डालकर उसका समाधान करवाएं।
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500 शहरों में करनाल भी शामिल
डॉ. दहिया ने बताया कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जनवरी 2017 में देश के चुने गए 500 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण होने जा रहा है, जिनमें करनाल भी शामिल है। उन्होंने बताया कि 11 सामुदायिक शौचालय ओर 30 पब्लिक टॉयलेट लगवाए जाने के तहत अब तक 6 कम्यूनिटी व 21 पब्लिक टॉयलेट लग चुके हैं, शेष पर भी कार्य चल रहा है।
छह आरडब्ल्यूए बनी, शेष पर काम जारी
अवैध रूप से बसी कॉलोनियों को नियमित करने बारे आयुक्त ने बताया कि नगर निगर की ओर से 50 कॉलोनियों को रेगुलर करने के लिए सरकार को मसौदा भेजा था। इनमें से करीब 43 कॉलोनियों वैधता की शर्तें पूरी कर रही हैं। इस प्रकिया में सबसे पहले आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) का गठन करना जरूरी है। करनाल में 6 आरडब्ल्यूए बन चुकी हैं। कालोनी को नियमित करवाने के लिए आरडब्ल्यूए के द्वारा 50 प्रतिशत विकास शुल्क जमा करवाना जरूरी है। इस कार्य के लिए मंगलवार और वीरवार बैंको के कर्मचारी निगम कार्यालय में ही बैठेगें, जो एस्क्रो एकांउंट खोलेंगे।