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स्मार्ट सिटी : 54 शहर स्पर्धा में, करनाल को काफी उम्मीदें
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:34 AM IST
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स्मार्ट सिटी के प्रपोजल पर मंथन
- फोटो : अमर उजाला
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स्मार्ट सिटी के प्रपोजल पर मंथन के लिए शुक्रवार को विकास सदन में जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई। दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुई बैठक में प्रपोजल बनाने के लिए नियुक्त सलाहकार केपीएमजी के पदाधिकारियों ने प्रपोजल की पावर प्रजेंटेशन दी। बैठक में डीसी मंदीप सिंह बराड़, एसपी पंकज नैन और नगर निगम की आयुक्त सुमेधा कटारिया सहित सभी विभागों से अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान करीब एक घंटे तक अधिकारियों ने मंथन किया।
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केपीएमजी के पदाधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट शहरों की सूची में देश के 97 शहरों को शामिल किया गया था। पहले 20 व फास्ट ट्रैक परीक्षा में 13 शहरों सहित अब तक कुल 33 शहरों का चयन हो चुका है। अब प्रतिस्पर्धा 54 शहरों के बीच है। 1149 एकड़ के प्रपोजल को 30 जून को सबमिट किया जाएगा। 2004.90 करोड़ के प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से बैठक में बताया गया। उन्होंने बताया कि एरिया बेस्ड डेवलपमेंट पर 920.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह कुल लागत का 46 प्रतिशत है। पैन सिटी पर 884. 41 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह कुल लागत का 44 प्रतिशत है। इसके अलावा करीब 200 करोड़ अन्य कार्यों पर खर्च होने सहित कुल 2004.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में बताया गया कि नगर निगम आउटरिच माध्यम से शहर के करीब तीन लाख लोगों तक पहुंचा है। माई गोव डॉट इन, ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप, एलईडी वैन स्मार्ट सिटी लेख प्रतियोगिता व आफलाइन माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास जारी है।
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स्मार्ट सिटी में होगी कई सुविधाएं
नगर निगम की आयुक्त सुमेधा कटारिया ने बताया कि शहर की कुल जनसंख्या 3.40 लाख है, जबकि प्रपोजल के लिए जिस 1149 एकड़ स्थान का चयन किया गया है उसमें 71493 लोग निवास करते हैं। यानि कुल आबादी के 23 प्रतिशत को पायलट प्रोजेक्ट के दौरान ही स्मार्ट सुविधाएं मुहैया हो जाएंगी। उन्होंने एरिया बेस्ड डेवलपमेंट में मिलने वाली सुविधाओं को सबके सामने रखा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी में तारें जमीन के अंदर होंगी। शहर में पानी की चोरी व रिसाव को रोकने के लिए स्काडा मीटरिंग सिस्टम होगा। माई सिटी प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। रोजमर्रा की जिंदगी में तकनीक का सहारा लेकर उसे बेहतर बनाया जाएगा।
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एक कमांड सेंटर बनेगा। युवाओं को पर्याप्त अवसर मुहैया होंगे। अमरुत के तह सौर ऊर्जा पर आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। मुगल कैनाल पर सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। सीवरेज ट्रीटमेंट की क्षमता बढ़ाई जाएगी। 1149 एकड़ के पायलट प्रोजेक्ट के बाद पूरे शहर में स्मार्ट सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि शहर के पांच मुख्य सरकारी संस्थानों कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज, आईएआरआई, आईआईडब्ल्यूबीआर, एनबीएजीआर व सीएसएसआरआई के साथ एमओयू साइन हो चुका है।
खिलाड़ियों की सुविधाओं पर जोर
डीसी मंदीप सिंह बराड़ ने खिलाड़ियों की सुविधाओं का ध्यान रखने और शहर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की सलाह दी। बैठक में मौजूद कुछ अधिकारियों ने भी अपने सुझाव रखे। नगर निगम की आयुक्त सुमेधा कटारिया ने बताया कि टास्क फोर्स की बैठक में जो सुझाव आए हैं उनपर अमल किया जाएगा।