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करनाल: शहर के बाजारों में बिकती हैं सड़कें... खरीदोगे क्या! 

Sun, 09 Jan 2022 04:22 PM IST
भूपेंद्र सिंह नरेंद्र शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
नरेंद्र शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 09 Jan 2022 04:22 PM IST
सार

दुकानदार दुकानों के आगे सड़क को 10 से 20 हजार रुपये में किराये पर दे रहे हैं। रेहड़ी-फड़ी की वजह से सड़कें संकरी हो गईं हैं, वहीं आमजन जाम से जूझ रहा है। इसपर प्रशासन मौन है।

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Shopkeepers in Karnal are renting the road in front of their shop
शहर के अलग-अलग बाजारों में लगी रेहड़ियां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के करनाल शहर के विभिन्न बाजारों में दुकानदारों की ओर से अपनी दुकानों के आगे की सड़क को निजी संपत्ति समझते हुए रेहड़ी-फड़ी वालों को किराये पर दिया जा रहा है। इसके एवज में उनसे किराये के रूप में हजारों रुपये वसूले जाते हैं। सड़क पर रेहड़ी-फड़ी लगने के कारण बाजारों की सड़कें संकरी हो जाती हैं और आमजन को जाम से परेशान होना पड़ता है।

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इसकी भनक प्रशासन को भी है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया। शनिवार को बाजार के हालात का जायजा लिया तो पता चला कि मुख्य बाजारों में सड़कें किराये पर देने का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। अतिक्रमण और रेहड़ियों को हटाने के लिए नगर निगम और पुलिस टीम अभियान भी चलाती हैं, लेकिन कुछ ही देर बाद स्थिति पहले जैसी हो जाती है।
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हालात यह हैं कि रेहड़ी-फड़ी लगी होने की वजह से 30 फीट चौड़ी सड़क पांच फीट के वाहनों के निकलने के लिए भी नहीं बचती। नतीजतन लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। शहर के मुख्य बाजारों में कर्ण गेट बाजार, बस स्टैंड के सामने, नेहरू पैलेस मार्केट, सदर बाजार, भगवान वाल्मीकि चौक, नावल्टी रोड, अर्जुन गेट और कुंजपुरा रोड समेत अन्य बाजार शामिल हैं।

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10 से 20 हजार में बिकती हैं सड़कें 

दबी आवाज में लोगों ने बताया कि दुकानों के आगे की जगह को दुकानदार रेहड़ी-फड़ी वालों को 10 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से किराये पर देते हैं। वहीं, इतने किराए में कर्ण गेट मार्केट में महीने के चार रविवार को ही रेहड़ियां लगाने दी जाती हैं।

पांच मिनट के रास्ते पर लगते हैं 20 मिनट

500 मीटर के रास्ते को पैदल पार करने के लिए औसतन पांच मिनट लगते हैं, लेकिन कर्ण मार्केट सहित अन्य बाजारों में इतने ही लंबे रास्ते को पार करने के लिए बाइक और कार में भी लोगों के 20 मिनट खराब हो जाते हैं।

 शाम तक तो हालात अधिक बदतर हो जाते हैं। रेहड़ी-फड़ी वाले ही सड़कों पर कब्जा करके बैठे होते हैं जिससे पैदल निकलने की भी जगह नहीं बचती। - रवि अरोड़ा

 

 बाजारों में दुकानदार तो रेहड़ी वालों से किराया वसूल कर बैठ जाते हैं लेकिन सड़कें संकरी पड़ने से आमजन को परेशानी भुगतनी पड़ती है। - सचिन कुमार 

निगम की टीमें पुलिस प्रशासन के साथ मिल कर समय-समय पर अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाती हैं। इनमें रेहड़ी-फड़ी वालों और दुकानदारों को जुर्माना भी लगाया जाता है। सोमवार को फिर से बाजारों में अभियान चलाया जाएगा। - धीरज कुमार, डीएमसी नगर निगम

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