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Karnal News: जर्मनी के नाम पर भेजा बेलारूस, परिजनों से 19.80 लाख रुपये ऐंठे
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जर्मनी भेजने के नाम पर एक युवक को धोखे से रूस और बेलारूस बॉर्डर पर फंसा कर परिजनों से 19.80 लाख रुपये ऐंठ लिए। यही नहीं युवक को पाकिस्तानी डोंकरों से पिटवाया, कुत्तों से कटवाया और करंट लगवा प्रताड़ित किया। इसकी वीडियो भेजकर डोंकरों के जरिये भी घर वालों से रुपये ऐंठे गए। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में रमेश सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने भतीजे साजन कुमार को जर्मनी भेजने के लिए संजय निवासी काछवा गांव और गौरव भटनागर निवासी अंबाला से संपर्क किया। उनसे 11 लाख रुपये में एक नंबर में सीधा वीजा दिलवाने की बात हुई थी, लेकिन साजन को पहले दुबई और फिर अल्माटी (कजाकिस्तान) भेजा गया।
वहां से उसे रूस-बेलारूस बॉर्डर पर छोड़ दिया गया, जहां पाकिस्तान के दलालों ने उसे पीटा, बिजली के झटके दिए, कुत्ते से कटवाया और वीडियो बनाकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। रमेश सिंह के अनुसार, उन्होंने फिरौती भी दे दी, बाद में भतीजे की भारत वापसी की टिकट करवानी पड़ी। गौरव भटनागर और संजय ने ₹10.80 लाख पहले वसूल लिए थे।
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रमेश निवासी करण विहार ने बताया कि उसे संजय निवासी गांव काछवा ने अंबाला निवासी गौरव भटनागर से ये कहकर मिलाया कि गौरव विदेश भेजने का काम करता है। रमेश अपने भतीजे साजन को जर्मनी भेजना चाहता था।
इसके एवज में गौरव ने उससे 11 लाख रुपये मांगे। पहले गौरव ने उसके भतीजे को दुबई भेज दिया। वहां से उसे कजाखस्तान के अलमाटी शहर भेज दिया। वहां से उसे टैक्सी में अस्ताना शहर भेज दिया। उसके बाद उसे कजाखस्तान और रूस के बॉर्डर पर छोड़ दिया। इसका विरोध करने पर आरोपी ने कहा कि वे उसे डोंकी के रास्ते फिनलैंड भेजेगा।
रूस पहुंचने के बाद उसके भतीजे को बेलारूस ले जाया गया। वहां उसे पाकिस्तानी डोंकरों के हवाले छोड़ दिया गया।
डोंकर उसे बेलारूस और लातविया बॉर्डर ले गए। वहां डोंकरों ने उसके भतीजे के साथ मारपीट की, करंट लगवाया और कुत्तों से कटवाकर प्रताड़ित कर उसकी वीडियो बनाई और परिजनों को वीडियो भेज पांच लाख रुपये मांगे।
उसके भतीजे से डरा धमका कर 10.80 लाख रुपये ले लिए। इसके दो महीने बाद पांच लाख रुपये मांगे। धमकी दी कि अगर रुपये नहीं दिए तो उसके भतीजे को गोली मरवा देगे। उन्होंने डर के मारे पांच लाख रुपये और दे दिए।
वहां से निकलकर उसका भतीजा 150 किलोमीटर पैदल चलकर मिनस बेलारूस पहुंचा। यहां से उसके भतीजे ने भारत लौटने की टिकट कराई। कुल मिलाकर आरोपियों ने उनसे 19.80 लाख रुपये ठग लिए और उसके भतीजे को अलग से करीब 50 हजार रुपये खर्च करने पड़े।
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करनाल। जर्मनी भेजने के नाम पर एक युवक को धोखे से रूस और बेलारूस बॉर्डर पर फंसा कर परिजनों से 19.80 लाख रुपये ऐंठ लिए। यही नहीं युवक को पाकिस्तानी डोंकरों से पिटवाया, कुत्तों से कटवाया और करंट लगवा प्रताड़ित किया। इसकी वीडियो भेजकर डोंकरों के जरिये भी घर वालों से रुपये ऐंठे गए। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में रमेश सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने भतीजे साजन कुमार को जर्मनी भेजने के लिए संजय निवासी काछवा गांव और गौरव भटनागर निवासी अंबाला से संपर्क किया। उनसे 11 लाख रुपये में एक नंबर में सीधा वीजा दिलवाने की बात हुई थी, लेकिन साजन को पहले दुबई और फिर अल्माटी (कजाकिस्तान) भेजा गया।
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वहां से उसे रूस-बेलारूस बॉर्डर पर छोड़ दिया गया, जहां पाकिस्तान के दलालों ने उसे पीटा, बिजली के झटके दिए, कुत्ते से कटवाया और वीडियो बनाकर पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। रमेश सिंह के अनुसार, उन्होंने फिरौती भी दे दी, बाद में भतीजे की भारत वापसी की टिकट करवानी पड़ी। गौरव भटनागर और संजय ने ₹10.80 लाख पहले वसूल लिए थे।
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रमेश निवासी करण विहार ने बताया कि उसे संजय निवासी गांव काछवा ने अंबाला निवासी गौरव भटनागर से ये कहकर मिलाया कि गौरव विदेश भेजने का काम करता है। रमेश अपने भतीजे साजन को जर्मनी भेजना चाहता था।
इसके एवज में गौरव ने उससे 11 लाख रुपये मांगे। पहले गौरव ने उसके भतीजे को दुबई भेज दिया। वहां से उसे कजाखस्तान के अलमाटी शहर भेज दिया। वहां से उसे टैक्सी में अस्ताना शहर भेज दिया। उसके बाद उसे कजाखस्तान और रूस के बॉर्डर पर छोड़ दिया। इसका विरोध करने पर आरोपी ने कहा कि वे उसे डोंकी के रास्ते फिनलैंड भेजेगा।
रूस पहुंचने के बाद उसके भतीजे को बेलारूस ले जाया गया। वहां उसे पाकिस्तानी डोंकरों के हवाले छोड़ दिया गया।
डोंकर उसे बेलारूस और लातविया बॉर्डर ले गए। वहां डोंकरों ने उसके भतीजे के साथ मारपीट की, करंट लगवाया और कुत्तों से कटवाकर प्रताड़ित कर उसकी वीडियो बनाई और परिजनों को वीडियो भेज पांच लाख रुपये मांगे।
उसके भतीजे से डरा धमका कर 10.80 लाख रुपये ले लिए। इसके दो महीने बाद पांच लाख रुपये मांगे। धमकी दी कि अगर रुपये नहीं दिए तो उसके भतीजे को गोली मरवा देगे। उन्होंने डर के मारे पांच लाख रुपये और दे दिए।
वहां से निकलकर उसका भतीजा 150 किलोमीटर पैदल चलकर मिनस बेलारूस पहुंचा। यहां से उसके भतीजे ने भारत लौटने की टिकट कराई। कुल मिलाकर आरोपियों ने उनसे 19.80 लाख रुपये ठग लिए और उसके भतीजे को अलग से करीब 50 हजार रुपये खर्च करने पड़े।