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Karnal News: एसडीएम साहब... नियम तोड़कर चल रही स्कूल बसें, कराएं जांच

Sat, 27 Dec 2025 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Sat, 27 Dec 2025 01:43 AM IST
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SDM Sir... School buses are running in violation of rules, get them investigated.
घरौंडा। अभिभावक एकता मंच ने शुक्रवार को बच्चों की सुरक्षा के लिए एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर प्राइवेट स्कूलों के वाहनों में बरती जा रही अनियमितताओं पर संज्ञान लेने की मांग की। मंच की ओर से मांग की गई है कि प्राइवेट स्कूलों के सभी वाहनों की बारीकी से जांच कराई जाए और जो वाहन सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूल संचालकों पर भी उचित कार्रवाई की जाए।
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अभिभावक एकता मंच के प्रवक्ता मुनीष गुप्ता व गगनदीप विग ने बताया कि प्रतिदिन सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो जाती है। इसके बावजूद घरौंडा के विभिन्न प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को ले जाने के लिए लगाए गए अधिकांश निजी वाहन किसी भी निर्धारित मापदंड पर खरे नहीं उतरते। छोटे-छोटे नन्हे बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए इन वाहनों को सड़कों पर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोहरे के कारण जहां सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की आवश्यकता होती है, वहीं कई चालक तेज गति से वाहन दौड़ाते हैं। इसके अलावा बसों के आगे येलो लाइट या फॉग लाइट तक नहीं लगी होती, जिससे सामने का रास्ता दिखाई नहीं देता। हालांकि स्थानीय प्रशासन की ओर से समय-समय पर रोडवेज विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर प्राइवेट स्कूल वाहनों की जांच की जाती है, लेकिन इसके बावजूद शहर में कई ऐसे स्कूल वाहन संचालित हो रहे हैं जो नियमों को ताक पर रखकर चल रहे हैं।
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कई बसों में फर्स्ट एड बॉक्स तक नहीं
प्रवक्ताओं ने यह भी बताया कि कई वाहनों में महिला परिचालक, सीसीटीवी कैमरे और फर्स्ट एड बॉक्स जैसी अनिवार्य व्यवस्थाएं तक मौजूद नहीं हैं। पिछले दो-तीन दिनों से सुबह के समय दृश्यता लगभग शून्य के बराबर रही है, ऐसे में आम व्यक्ति का घर से निकलना भी कठिन हो जाता है, लेकिन नन्हे बच्चों को मजबूरी में इन असुरक्षित वाहनों में सफर करना पड़ रहा है।
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सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सभी एसडीएम और आरटीए टीम को स्कूल बसों की बारीकी से जांच के लिए निर्देश दिए हैं। बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।
- योगेश कुमार मेहता, एडीसी
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