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वैज्ञानिकों व शोधार्थियों ने शोधपत्र किए प्रस्तुत
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202: गन्ना प्रजनन केंद्र में आयोजित सेमिनार में मौजूद वैज्ञानिक व शोधार्थी। अमर उजाला
करनाल। भारतीय पादप कार्यिकी संस्था नई दिल्ली की ओर से शनिवार को गन्ना प्रजनन संस्थान क्षेत्रीय केंद्र करनाल में उत्तर भारत क्षेत्रों के लिए कृषि में जलवायु परिवर्तन के लिए अनुसंधान रणनीतियां विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस दौरान विभिन्न अनुसंधान संस्थानों और विश्वविद्यालयों से करीब 225 वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने शोधपत्र प्रस्तुत किए।
केंद्र के अध्यक्ष और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एसके पांडे ने कहा कि जलवायु में हो रहे निरंतर परिवर्तन के कारण भारतीय कृषि में नित नई चुनौतियां आ रही हैं। जिससे पूरा वैज्ञानिक जगत चिंतित है। इसके लिए यह संगोष्ठी आयोजित की गई। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनीता मान ने नए मॉडल पौधे की जरूरत पर व्याख्यान दिया। मुख्य अतिथि गन्ना प्रजनन संस्थान कोयंबटूर की निदेशक डॉ. जी. हेमप्रभा ने संस्थान की ओर से किए जा रहे अनुसंधान कार्योें के बारे में भी बताया। इस मौके पर डॉ. मदनपाल, डॉ. पूजा, वैज्ञानिक डॉ. एमएल छाबड़ा, डॉ. रविंद्र कुमार, एमआर मीणा और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रेनू मुंजाल मौजूद रहे।
इन विषयों के शोधार्थी हुए सम्मानित
करनाल। गोष्ठी के दौरान विषय से संबंधित छह थीम के विजेताओं को मुख्य अतिथि गन्ना प्रजनन संस्थान कोयंबटूर की निदेशक डॉ. जी. हेमप्रभा ने पुरस्कृत किया। वातावरण वृद्धि के अंतर्गत पादप वृद्धि, उत्पादकता एवं जल संबंधी विषय पर मौखिक प्रस्तुति में डॉ. गजेंद्र यादव ने प्रथम और ममरूथा एचएम ने द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। पोस्टर प्रस्तुतिकरण में मनीषा ने प्रथम, सपना व नेहा ने द्वितीय तथा आरतती, सोनी व चेतन बाबू ने तृतीय पुरस्कार पाया। आनुवंशिक एवं आणविक तनाव कार्यिकी विषय में मौखिक प्रस्तुतिकरण में लोकेश कुमार बीएम पहले व रविंद्र कुमार दूसरे स्थान पर रहे। पोस्टर प्रस्तुति में गुरप्रीत कौर ने पहला, हेमंत कुमार माने ने दूसरा व एएस वाइराइच ने तीसरा स्थान पाया। मौखिक प्रस्तुतिकरण के जैविक तनाव का अनुकूलन एवं प्रबंधन विषय में डॉ. रिंकी पहले व डॉ. प्रियंका चंद्रा दूसरे स्थान पर रहे। पोस्टर में रवनीत कौर पहले, कमलेश वर्मा व अवनीश दूसरे तथा राजकुमार, कुमार प्रीत व नेहा सैनी ने तीसरा स्थान पाया। पादप पोषण, रोगाणुओं की पारस्परिक क्रिया एवं सस्य हस्तक्षेप विषय में मौखिक प्रस्तुतिकरण में डॉ. जीनत वधवा ने प्रथम पुरस्कार पाया। पोस्टर में पूजा वर्मा पहले, सुजाता दूसरे तथा अनूप सिंह व बबीता रानी तीसरे स्थान पर रही। बीज से कटाई एवं गुणवत्ता नियंत्रण के लिए प्रौद्योगिकियां विषय में सुप्रिया पहले व पूजा शर्मा दूसरे स्थान पर रही। पोस्टर प्रस्तुति में सुनीता देवी पहले व अलिशा गोयल दूसरे स्थान पर रही। फसल मॉडलिग एवं फसल उत्पादकता को बढ़ाने के लिए उच्च प्रौद्योगिकियां विषय में डॉ. डीपी वानखेड़े प्रथम रहे। पोस्टर प्रस्तुति में डॉ. नरेश कुमार ने प्रथम, डॉ. विकास दत्त ने द्वितीय व दीपक बामल ने तृतीय पुरस्कार हासिल किया।
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केंद्र के अध्यक्ष और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एसके पांडे ने कहा कि जलवायु में हो रहे निरंतर परिवर्तन के कारण भारतीय कृषि में नित नई चुनौतियां आ रही हैं। जिससे पूरा वैज्ञानिक जगत चिंतित है। इसके लिए यह संगोष्ठी आयोजित की गई। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अनीता मान ने नए मॉडल पौधे की जरूरत पर व्याख्यान दिया। मुख्य अतिथि गन्ना प्रजनन संस्थान कोयंबटूर की निदेशक डॉ. जी. हेमप्रभा ने संस्थान की ओर से किए जा रहे अनुसंधान कार्योें के बारे में भी बताया। इस मौके पर डॉ. मदनपाल, डॉ. पूजा, वैज्ञानिक डॉ. एमएल छाबड़ा, डॉ. रविंद्र कुमार, एमआर मीणा और प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रेनू मुंजाल मौजूद रहे।
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इन विषयों के शोधार्थी हुए सम्मानित
करनाल। गोष्ठी के दौरान विषय से संबंधित छह थीम के विजेताओं को मुख्य अतिथि गन्ना प्रजनन संस्थान कोयंबटूर की निदेशक डॉ. जी. हेमप्रभा ने पुरस्कृत किया। वातावरण वृद्धि के अंतर्गत पादप वृद्धि, उत्पादकता एवं जल संबंधी विषय पर मौखिक प्रस्तुति में डॉ. गजेंद्र यादव ने प्रथम और ममरूथा एचएम ने द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। पोस्टर प्रस्तुतिकरण में मनीषा ने प्रथम, सपना व नेहा ने द्वितीय तथा आरतती, सोनी व चेतन बाबू ने तृतीय पुरस्कार पाया। आनुवंशिक एवं आणविक तनाव कार्यिकी विषय में मौखिक प्रस्तुतिकरण में लोकेश कुमार बीएम पहले व रविंद्र कुमार दूसरे स्थान पर रहे। पोस्टर प्रस्तुति में गुरप्रीत कौर ने पहला, हेमंत कुमार माने ने दूसरा व एएस वाइराइच ने तीसरा स्थान पाया। मौखिक प्रस्तुतिकरण के जैविक तनाव का अनुकूलन एवं प्रबंधन विषय में डॉ. रिंकी पहले व डॉ. प्रियंका चंद्रा दूसरे स्थान पर रहे। पोस्टर में रवनीत कौर पहले, कमलेश वर्मा व अवनीश दूसरे तथा राजकुमार, कुमार प्रीत व नेहा सैनी ने तीसरा स्थान पाया। पादप पोषण, रोगाणुओं की पारस्परिक क्रिया एवं सस्य हस्तक्षेप विषय में मौखिक प्रस्तुतिकरण में डॉ. जीनत वधवा ने प्रथम पुरस्कार पाया। पोस्टर में पूजा वर्मा पहले, सुजाता दूसरे तथा अनूप सिंह व बबीता रानी तीसरे स्थान पर रही। बीज से कटाई एवं गुणवत्ता नियंत्रण के लिए प्रौद्योगिकियां विषय में सुप्रिया पहले व पूजा शर्मा दूसरे स्थान पर रही। पोस्टर प्रस्तुति में सुनीता देवी पहले व अलिशा गोयल दूसरे स्थान पर रही। फसल मॉडलिग एवं फसल उत्पादकता को बढ़ाने के लिए उच्च प्रौद्योगिकियां विषय में डॉ. डीपी वानखेड़े प्रथम रहे। पोस्टर प्रस्तुति में डॉ. नरेश कुमार ने प्रथम, डॉ. विकास दत्त ने द्वितीय व दीपक बामल ने तृतीय पुरस्कार हासिल किया।
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