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Karnal News: स्कूल नहीं बता पाए टैबलेट खराब हैं या ठीक, अंतिम तिथि आज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Dec 2025 02:09 AM IST
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Schools could not tell whether the tablets are faulty or fine, the last date is today
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। सरकारी स्कूलों में वितरित टैबलेट की वर्तमान स्थिति को एमआईएस पोर्टल पर अपडेट करने की अंतिम तिथि 6 दिसंबर निर्धारित है। इससे पहले डाटा अपडेट करने की अंतिम तिथि 2 दिसंबर निर्धारित की गई थी लेकिन शिक्षा विभाग का एमआईएस पोर्टल तीन दिनों तक तकनीकी खामियों के चलते बंद रहा जिससे डाटा अपडेट का पूरा काम अधर में लटक गया।

विभाग की ओर से विकसित किए गए नए करंट टैब स्टेटस मॉड्यूल का लिंक स्कूलों में खुल ही नहीं पाया, जिसके कारण पूरे जिले में कहीं भी टैबलेट की स्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सकी थी। विभाग को भी इस तकनीकी समस्या की जानकारी दी गई थी इस कारण विभाग ने अंतिम तिथि बढ़ाई थी लेकिन स्कूलों ने स्थिति अपडेट नहीं की है। जिले में लगभग 29 हजार विद्यार्थियों के पास टैबलेट हैं। पोर्टल पर यह दर्ज करना था कि किस स्कूल के पास कितने टैबलेट हैं, उनमें से कितने चालू हैं, कितने खराब हैं और कितनों को मरम्मत की जरूरत है। लेकिन लिंक ठप रहने के कारण कोई भी स्कूल यह रिपोर्ट अपलोड नहीं कर पाए थे।
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नोडल अधिकारी एवं जिला गणित विशेषज्ञ सुमित मान ने बताया कि शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को टैबलेट स्टेटस अपडेट करने के निर्देश दिए थे ताकि डिजिटल डिवाइस की वास्तविक उपलब्धता, भविष्य की योजनाओं, मेंटेनेंस, वितरण तथा ऑडिट प्रक्रिया में स्पष्टता मिल सके।
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टैबलेट के फायदे-

- ई-बुक, वीडियो लेक्चर, ऑनलाइन कोर्स और सिमुलेशन आसानी से उपलब्ध।

- एक ही डिवाइस में कई विषयों की सामग्री। किताबों का बोझ कम।
- क्विज़, गेम-बेस्ड लर्निंग और 3डी मॉडल से पढ़ाई रुचिकर।

- नई जानकारी तुरंत मिलती है। डिजिटल टूल्स, टाइपिंग और ऑनलाइन रिसर्च में मदद।
नुकसान-
- अधिक स्क्रीन टाइम से आंखों में दर्द, सिरदर्द, नींद की समस्या।

- गेम और सोशल मीडिया से पढ़ाई से ध्यान भटकने की आशंका।

- डिजिटल लिखाई बढ़ने से हैंडराइटिंग अभ्यास कम।

- गलत वेबसाइट, वायरस और ऑनलाइन ठगी का जोखिम।
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