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Karnal News: परिसर एक स्कूल चार, अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एकसाथ दी जा रही शिक्षा
Fri, 28 Aug 2026 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 28 Aug 2026 01:52 AM IST
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छावनी की हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी स्थित डेहा बस्ती स्कूल में इंटरलॉकिंग टाइल से बनाया अस्थाई सिमे
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। छावनी की हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी स्थित डेहा बस्ती स्कूल परिसर इस समय प्रशासनिक अनदेखी का शिकार बना हुआ है। सुभाष कॉलोनी के माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालय का भवन कंडम घोषित होने के बाद उन्हें डेहा बस्ती के स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया था। इस कारण अब एक ही परिसर में दो माध्यमिक और दो प्राथमिक, यानी कुल चार स्कूल संचालित हो रहे हैं।
इन चारों स्कूलों में लगभग 248 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर लापरवाही के हालात हैं। परिसर में कुल चार कमरे हैं, जिनमें से माध्यमिक और प्राथमिक स्कूल के सभी बच्चे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। एक ही कमरे में माध्यमिक स्कूल के सभी बच्चे एकसाथ बैठकर कक्षाएं ले रहे हैं। ऐसा ही हाल अन्य स्कूलाें के बच्चों का है। उनकी कक्षाएं भी एकसाथ चल रही है। इससे बच्चों को पढ़ाई में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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74 मासूमों की जिम्मेदारी अकेले एक शिक्षिका पर
चारों स्कूलों को मिलाकर कुल 18 अध्यापक कार्यरत हैं, जिनमें से 6 अध्यापकों की ड्यूटी एसआईआर कार्य में लगा दी गई है। सबसे बुरा हाल सुभाष नगर के प्राथमिक विद्यालय का है, जहां नामांकित 74 बच्चों को पढ़ाने और स्कूल के कागजी काम निपटाने की पूरी जिम्मेदारी महज एक अध्यापिका के कंधों पर टिक गई है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव
स्कूल परिसर में 248 बच्चों के पीने के पानी के लिए केवल एक वाटर कूलर लगा है, जिससे गर्मी में बच्चों को कतारों में लगना पड़ता है। इसके अलावा, शौचालय की स्थिति दयनीय है क्योंकि इसे कॉलोनी के मुख्य सीवरेज से नहीं जोड़ा गया है। स्कूल प्रशासन को डेढ़ साल में केवल एक बार इसकी सफाई करानी पड़ती है। परिसर की नालियां गंदगी और सूखे पत्तों से अटी पड़ी हैं।
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पुराने झूलों और सीमेंट की पट्टी से हादसों का डर
बच्चों के खेलने के लिए नए झूले नहीं लगाए गए हैं, जिससे वे टूटे और पुराने झूलों पर जान जोखिम में डालकर झूलने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, इंटरलॉकिंग टाइलों के ऊपर सीमेंट की एक भारी पट्टी रखकर अस्थाई बेंच बनाई गई है। आधी छुट्टी के दौरान बच्चे खेलते-कूदते इसी पट्टी पर बैठते हैं, जिससे हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।
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अंबाला। छावनी की हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी स्थित डेहा बस्ती स्कूल परिसर इस समय प्रशासनिक अनदेखी का शिकार बना हुआ है। सुभाष कॉलोनी के माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालय का भवन कंडम घोषित होने के बाद उन्हें डेहा बस्ती के स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया था। इस कारण अब एक ही परिसर में दो माध्यमिक और दो प्राथमिक, यानी कुल चार स्कूल संचालित हो रहे हैं।
इन चारों स्कूलों में लगभग 248 बच्चे नामांकित हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर लापरवाही के हालात हैं। परिसर में कुल चार कमरे हैं, जिनमें से माध्यमिक और प्राथमिक स्कूल के सभी बच्चे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। एक ही कमरे में माध्यमिक स्कूल के सभी बच्चे एकसाथ बैठकर कक्षाएं ले रहे हैं। ऐसा ही हाल अन्य स्कूलाें के बच्चों का है। उनकी कक्षाएं भी एकसाथ चल रही है। इससे बच्चों को पढ़ाई में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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74 मासूमों की जिम्मेदारी अकेले एक शिक्षिका पर
चारों स्कूलों को मिलाकर कुल 18 अध्यापक कार्यरत हैं, जिनमें से 6 अध्यापकों की ड्यूटी एसआईआर कार्य में लगा दी गई है। सबसे बुरा हाल सुभाष नगर के प्राथमिक विद्यालय का है, जहां नामांकित 74 बच्चों को पढ़ाने और स्कूल के कागजी काम निपटाने की पूरी जिम्मेदारी महज एक अध्यापिका के कंधों पर टिक गई है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव
स्कूल परिसर में 248 बच्चों के पीने के पानी के लिए केवल एक वाटर कूलर लगा है, जिससे गर्मी में बच्चों को कतारों में लगना पड़ता है। इसके अलावा, शौचालय की स्थिति दयनीय है क्योंकि इसे कॉलोनी के मुख्य सीवरेज से नहीं जोड़ा गया है। स्कूल प्रशासन को डेढ़ साल में केवल एक बार इसकी सफाई करानी पड़ती है। परिसर की नालियां गंदगी और सूखे पत्तों से अटी पड़ी हैं।
पुराने झूलों और सीमेंट की पट्टी से हादसों का डर
बच्चों के खेलने के लिए नए झूले नहीं लगाए गए हैं, जिससे वे टूटे और पुराने झूलों पर जान जोखिम में डालकर झूलने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं, इंटरलॉकिंग टाइलों के ऊपर सीमेंट की एक भारी पट्टी रखकर अस्थाई बेंच बनाई गई है। आधी छुट्टी के दौरान बच्चे खेलते-कूदते इसी पट्टी पर बैठते हैं, जिससे हर समय बड़े हादसे का खतरा बना रहता है।

छावनी की हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी स्थित डेहा बस्ती स्कूल में इंटरलॉकिंग टाइल से बनाया अस्थाई सिमे

छावनी की हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी स्थित डेहा बस्ती स्कूल में इंटरलॉकिंग टाइल से बनाया अस्थाई सिमे