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Karnal News: ग्राम पंचायत रांवर का सरपंच निलंबित, 13.52 लाख की वित्तीय अनियमितता का आरोप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Aug 2026 02:27 AM IST
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Sarpanch of Ranwar Gram Panchayat suspended; accused of financial irregularities worth rs 13.52 lakh.
करनाल। ग्राम पंचायत रांवर के सरपंच नरेंद्र को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और कर्तव्य में लापरवाही के आरोपों में निलंबित कर दिया गया है। उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51/53 के तहत यह कार्रवाई करते हुए सरपंच पर 13,52,191 रुपये की वित्तीय हानि निर्धारित की है। सरपंच को पंचायत की चल-अचल संपत्ति तत्काल प्रभाव से बहुमत प्राप्त पंच को सौंपने और उक्त राशि ग्राम पंचायत खाते में जमा कराने के आदेश दिए।
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उपायुक्त ने अतिरिक्त उपायुक्त करनाल को नया जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए एक माह में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामला मार्च 2025 में ग्राम पंचायत रांवर के पंच संदीप शर्मा व अन्य की ओर से दी गई शिकायत से जुड़ा है, जिसमें सरपंच के खिलाफ 23 आरोप लगाए गए थे। जांच बीडीपीओ करनाल ने की लेकिन सरपंच ने बार-बार रिकॉर्ड मांगने के बावजूद ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया। इस पर 18 अप्रैल 2025 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
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कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब
सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया लेकिन उन्होंने जवाब दाखिल नहीं किया। 4 जून 2025 को निजी सुनवाई में भी उन्हें रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, परंतु स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। बीडीपीओ की 28 जुलाई 2025 की रिपोर्ट में भी रिकॉर्ड न देने की बात दोहराई गई। 27 अगस्त 2025 को सरपंच को पद से निलंबित कर एसडीएम को नियमित जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था, हालांकि बाद में इस आदेश पर मंडल आयुक्त से स्टे प्राप्त हो गया।
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एसडीएम की रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता की हुई पुष्टि
इसके बाद 1 दिसंबर 2025 को प्रस्तुत रिपोर्ट में आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया। 10 मार्च और 16 मार्च 2026 को भी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। एसडीएम की 3 जुलाई की रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई, जिसके बाद 27 जुलाई को हुई निजी सुनवाई में सरपंच ने आपत्तियां दर्ज कराईं। बीडीपीओ कार्यालय की 4 और 10 अगस्त की रिपोर्ट के आधार पर आरोपों को सिद्ध माना गया।
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