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टोकियो से पहले स्पेन में चलेगा सुमित का मुक्का
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करनाल। टोकियो ओलंपिक से पहले करनाल के बॉक्सर सुमित सांगवान का मुक्का अब स्पेन में आयोजित होने वाली बॉक्सम इंटरनेशनल बॉक्सिंग प्रतियोगिता में चलेगा। इसके लिए वह एक जनवरी से ही बंगलौर के बिलाहरी कैंप में अभ्यास कर रहे हैं। उन्हें भरोसा है कि न सिर्फ बाक्सम में बल्कि टोक्यो ओलंपिक में भी वह बेहतर प्रदर्शन करेंगे और देश के लिए मैडल जीतेंगे।
सुमित ने बैंगलौर से बातचीत में बताया कि स्पेन में एक से सात मार्च तक होने वाली बाक्सम प्रतियोगिता के लिए 81 केजी भार वर्ग में उनका फाइनल ट्रायल हुआ है। इसमें देश से कुल छह महिला और 8 पुरुष बॉक्सरों का चयन किया गया है, जिसमें अधिकतर बॉक्सर हरियाणा के ही हैं। बता दें कि जिले का यह मुक्केबाज 27 जुलाई से 12 अगस्त तक लंदन में आयोजित ओलंपिक में जिले के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन कर चुका है। सुमित ने बताया कि लॉकडाउन के समय में उन्होंने अपने शरीर को फिट रखने के लिये घर पर ही कड़ा अभ्यास किया है। वह सुबह और शाम अपने चाचा के साथ घर पर दो-दो घंटे तक अभ्यास करते थे।
आठ वर्ष की उम्र में हाथों में डाले थे बाक्सिंग ग्लब्स, चाचा से सीखीं बारीकियां
26 वर्षीय किसान के इस बेटे ने आठ वर्ष की उम्र में ही अपने हाथों में बॉक्सिंग ग्लब्स डाल कर अपने मंसूबे जाहिर कर दिये थे। पिता सुरेंद्र सांगवान ने बताया घर में उनके चाचा पहले से ही मुक्केबाजी करते थे। परिवार में बॉक्सिंग का माहौल होने का फायदा सुमित को सीधे तौर पर मिला और वह आठ वर्ष की उम्र में ही चाचा के साथ बोरी में मिटटी भर कर अभ्यास करने लगा। चाचा ने भी गुरु द्रोण बनकर भतीजे को तराशना शुरू किया और दो साल तक सुमित को बॉक्सिंग की बारीकियां सिखाते रहे।
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ये हैं सुमित की उपलिब्धयां
16 साल की उम्र में सुमित सांगवान ने जिलास्तर पर पहला मेडल जीता तो परिवारजनों की खुशी का ठिकाना न रहा। मेडल जीतने से सुमित के हौसलों को भी उड़ान मिली और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2010 ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, 2012 कजाकिस्तान में 81 केजी में भाग लेते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। 2015 में नेशनल बेस्ट बॉक्सर का खिताब मिला। 2016 यूथ ओलंपिक क्वालीफाइ वर्ल्ड चैंपियनशिप में पांचवां स्थान प्राप्त किया। सुमित को 19 फरवरी को प्रदेश सरकार ने भीम अवार्ड से नवाजा। 2019 नेशनल चैंपियनशिप हिमाचल के बद्दी में 91 किलोग्राम में गोल्ड, 2016 वर्ल्ड चैंपियनशिप अजरबैजान के बाकू में पांचवा स्थान हासिल किया।
हरियाणा के चयनित बॉक्सर: अमित पंगाल रोहतक, मनीश कौशिक भिवानी, संजीत रोहतक, सुमित सांगवान करनाल
महिलाओं में : पूजा भिवानी, मनीषा कैथल, जसमीन चंडीगढ़
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सुमित ने बैंगलौर से बातचीत में बताया कि स्पेन में एक से सात मार्च तक होने वाली बाक्सम प्रतियोगिता के लिए 81 केजी भार वर्ग में उनका फाइनल ट्रायल हुआ है। इसमें देश से कुल छह महिला और 8 पुरुष बॉक्सरों का चयन किया गया है, जिसमें अधिकतर बॉक्सर हरियाणा के ही हैं। बता दें कि जिले का यह मुक्केबाज 27 जुलाई से 12 अगस्त तक लंदन में आयोजित ओलंपिक में जिले के साथ-साथ देश का नाम भी रोशन कर चुका है। सुमित ने बताया कि लॉकडाउन के समय में उन्होंने अपने शरीर को फिट रखने के लिये घर पर ही कड़ा अभ्यास किया है। वह सुबह और शाम अपने चाचा के साथ घर पर दो-दो घंटे तक अभ्यास करते थे।
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आठ वर्ष की उम्र में हाथों में डाले थे बाक्सिंग ग्लब्स, चाचा से सीखीं बारीकियां
26 वर्षीय किसान के इस बेटे ने आठ वर्ष की उम्र में ही अपने हाथों में बॉक्सिंग ग्लब्स डाल कर अपने मंसूबे जाहिर कर दिये थे। पिता सुरेंद्र सांगवान ने बताया घर में उनके चाचा पहले से ही मुक्केबाजी करते थे। परिवार में बॉक्सिंग का माहौल होने का फायदा सुमित को सीधे तौर पर मिला और वह आठ वर्ष की उम्र में ही चाचा के साथ बोरी में मिटटी भर कर अभ्यास करने लगा। चाचा ने भी गुरु द्रोण बनकर भतीजे को तराशना शुरू किया और दो साल तक सुमित को बॉक्सिंग की बारीकियां सिखाते रहे।
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ये हैं सुमित की उपलिब्धयां
16 साल की उम्र में सुमित सांगवान ने जिलास्तर पर पहला मेडल जीता तो परिवारजनों की खुशी का ठिकाना न रहा। मेडल जीतने से सुमित के हौसलों को भी उड़ान मिली और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2010 ईरान की राजधानी तेहरान में आयोजित चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, 2012 कजाकिस्तान में 81 केजी में भाग लेते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। 2015 में नेशनल बेस्ट बॉक्सर का खिताब मिला। 2016 यूथ ओलंपिक क्वालीफाइ वर्ल्ड चैंपियनशिप में पांचवां स्थान प्राप्त किया। सुमित को 19 फरवरी को प्रदेश सरकार ने भीम अवार्ड से नवाजा। 2019 नेशनल चैंपियनशिप हिमाचल के बद्दी में 91 किलोग्राम में गोल्ड, 2016 वर्ल्ड चैंपियनशिप अजरबैजान के बाकू में पांचवा स्थान हासिल किया।
हरियाणा के चयनित बॉक्सर: अमित पंगाल रोहतक, मनीश कौशिक भिवानी, संजीत रोहतक, सुमित सांगवान करनाल
महिलाओं में : पूजा भिवानी, मनीषा कैथल, जसमीन चंडीगढ़