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Karnal News: पैरा एशियाई खेल में धावक रमन ने जीता स्वर्ण
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। चीन के हांगझोऊ में चल रही पैरा एशियाई खेलों में करनाल के दिव्यांग एथलेटिक्स रमन शर्मा ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया है। रमन ने 1500 मीटर टी 38 (दिव्यांगता कैटागिरी) रेस को करीब सवा चार मिनट में पूरी कर यह उपलब्धि हासिल की है।
रमन की इस सफलता से जहां देश के झोली में अभी तक 20 स्वर्ण आए, वहीं उन्होंने करनाल जिले का नाम भी अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकाया है। विदित हो कि रमन मौजूदा समय में करनाल के कर्ण स्टेडियम में जूनियर एथलेटिक्स कोच के पद पर तैनात हैं। करनाल निवासी रमन दिव्यांगता की टी 38 कैटेगिरी में आते हैं। मूकबधिर होने के साथ साथ दोनों हाथ और पैरों में भी कमी है। ठीक से बोलने में भी परेशानी होती है।
उनके पिता कमांडो कॉम्पलेक्स में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। रमन पिछले चार वर्षो से एथलेटिक्स कोच होेने के साथ निरंतर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वह करनाल और रोहतक में अभ्यास करते हैं। दिव्यांग होने के बावजूद भी रमन ने जीवन में हार नहीं मानी और निरंतर कड़ी मेहनत के बल पर पैरा एशियाई खेलों में देश को स्वर्ण पदक दिलाने में अपना योगदान दिया।
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करनाल। चीन के हांगझोऊ में चल रही पैरा एशियाई खेलों में करनाल के दिव्यांग एथलेटिक्स रमन शर्मा ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया है। रमन ने 1500 मीटर टी 38 (दिव्यांगता कैटागिरी) रेस को करीब सवा चार मिनट में पूरी कर यह उपलब्धि हासिल की है।
रमन की इस सफलता से जहां देश के झोली में अभी तक 20 स्वर्ण आए, वहीं उन्होंने करनाल जिले का नाम भी अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमकाया है। विदित हो कि रमन मौजूदा समय में करनाल के कर्ण स्टेडियम में जूनियर एथलेटिक्स कोच के पद पर तैनात हैं। करनाल निवासी रमन दिव्यांगता की टी 38 कैटेगिरी में आते हैं। मूकबधिर होने के साथ साथ दोनों हाथ और पैरों में भी कमी है। ठीक से बोलने में भी परेशानी होती है।
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उनके पिता कमांडो कॉम्पलेक्स में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। रमन पिछले चार वर्षो से एथलेटिक्स कोच होेने के साथ निरंतर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। वह करनाल और रोहतक में अभ्यास करते हैं। दिव्यांग होने के बावजूद भी रमन ने जीवन में हार नहीं मानी और निरंतर कड़ी मेहनत के बल पर पैरा एशियाई खेलों में देश को स्वर्ण पदक दिलाने में अपना योगदान दिया।
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