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Karnal News: नौ दिन में खाते से निकले 10.60 लाख रुपये, नहीं आया कोई मैसेज
Sun, 01 Feb 2026 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 01 Feb 2026 02:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। आरके पुरम निवासी विक्रम के खाते से साइबर ठगों ने 10.60 लाख रुपये की राशि निकाल ली। नौ दिनों में 27 ट्रांजेक्शन किए गए लेकिन उनके फोन पर कोई संदेश नहीं आया। बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाई तो धोखाधड़ी का पता लगा।
विक्रम ने बताया कि उनका एचडीएफसी बैंक में खाता है। 15 जनवरी को खाते की स्टेटमेंट निकलवाई। स्टेटमेंट में उन्हें पता लगा कि खाते से 7 से 15 जनवरी के बीच 10 लाख 60 हजार 735 रुपये धोखाधड़ी से निकाले गए हैं। रुपये निकाले जाने की उनके पास कोई भी जानकारी नहीं आई। न तो उनके पास कोई मैसेज आया है और न ही कोई ओटीपी लिया गया।
स्टेटमेंट के मुताबिक खाते से 7 जनवरी को दो बार, आठ को दो बार, नौ को चार ट्रांजेक्शन, 10 को चार, 11 को तीन, 12 को पांच, 13 को दो, 14 को दो और 15 जनवरी को तीन ट्रांजेक्शन के माध्यम से यह राशि निकाली गई।
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डॉट एपीके फाइल डाउनलोड न करें
साइबर थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसी ट्रांजेक्शन डॉट एपीके फाइल डाउनलोड होने के बाद ही होती है, इससे व्यक्ति को खाते से हुई धोखाधड़ी का बाद में पता लगता है। नागरिकों से अपील की जाती है कि फोन में कोई भी डॉट एपीके फाइल डाउनलोड न करें। साइबर ठगी से जागरूकता के माध्यम से ही बचा जा सकता है।
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करनाल। आरके पुरम निवासी विक्रम के खाते से साइबर ठगों ने 10.60 लाख रुपये की राशि निकाल ली। नौ दिनों में 27 ट्रांजेक्शन किए गए लेकिन उनके फोन पर कोई संदेश नहीं आया। बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाई तो धोखाधड़ी का पता लगा।
विक्रम ने बताया कि उनका एचडीएफसी बैंक में खाता है। 15 जनवरी को खाते की स्टेटमेंट निकलवाई। स्टेटमेंट में उन्हें पता लगा कि खाते से 7 से 15 जनवरी के बीच 10 लाख 60 हजार 735 रुपये धोखाधड़ी से निकाले गए हैं। रुपये निकाले जाने की उनके पास कोई भी जानकारी नहीं आई। न तो उनके पास कोई मैसेज आया है और न ही कोई ओटीपी लिया गया।
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स्टेटमेंट के मुताबिक खाते से 7 जनवरी को दो बार, आठ को दो बार, नौ को चार ट्रांजेक्शन, 10 को चार, 11 को तीन, 12 को पांच, 13 को दो, 14 को दो और 15 जनवरी को तीन ट्रांजेक्शन के माध्यम से यह राशि निकाली गई।
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डॉट एपीके फाइल डाउनलोड न करें
साइबर थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ऐसी ट्रांजेक्शन डॉट एपीके फाइल डाउनलोड होने के बाद ही होती है, इससे व्यक्ति को खाते से हुई धोखाधड़ी का बाद में पता लगता है। नागरिकों से अपील की जाती है कि फोन में कोई भी डॉट एपीके फाइल डाउनलोड न करें। साइबर ठगी से जागरूकता के माध्यम से ही बचा जा सकता है।