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करोड़ों के देनदार डिफाल्टर राइस मिलरों की खैर नहीं
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:22 AM IST
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करोड़ों के देनदार डिफाल्टर राइस मिलरों पर प्रशासन की टेढ़ी नजर है। डिफाल्टरों से रिकवरी करने के लिए अब उनकी प्रॉपर्टी अटैच की जा रही है। इस संबंध में राइस मिलर प्रबंधक सहित इनके गारंटरों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिले के 15 राइस मिलर सरकार को समय पर चावल उपलब्ध न करवाने पर डिफाल्टर सूची में आए हैं। इनको बार-बार समय देने के बाद भी सरकार का करोड़ों रुपये जमा नहीं कराया है। हाल ही में राइस मिलर तेजपाल गर्ग की गिरफ्तारी के बाद अन्य राइस मिलरों में भी हड़कंप मच गया है।
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से जिले के राइस मिलर समय पर धान के बदले चावल उपलब्ध करवाने की शर्त पर धान खरीदते हैं। जो राइस मिलर समय पर चावल उपलब्ध नहीं कराते उन्हें सरकार द्वारा टाइम दिया जाता है। बार-बार समय निकलने पर विभाग की तरफ से उन्हें डिफाल्टर की सूची में डालकर रिकवरी के लिए कार्रवाई की जाती है।
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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से वर्ष 2013-14 में 16 राइस मिलर डिफाल्टर हैं और इन पर 109 करोड़ रुपये बकाया है। वर्ष 2014-15 में छह डिफाल्टर घोषित किए गए हैं। इन पर भी 121 करोड़ रुपये का बकाया है। 2015-16 में तीन राइस मिलर भी डिफाल्टर हो चुके हैं। इनके विभाग में जमा कराये 50-50 लाख रुपये के चेक भी बाउंस हो चुके हैं। ऐसे में विभाग के लिए इनसे रिकवरी करना चुनौती बनता जा रहा है।
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पुलिस का नहीं मिलता सहयोग
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से डिफाल्टर राइस मिलरों पर समय-समय पर एफआईआर कराई जाती है, लेकिन पुलिस केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई नहीं करती। विभाग के अधिकारियों ने भी पुलिस का सहयोग न मिलने पर नाराजगी जताई है। अधिकारियों का कहना है कि केस दर्ज होते ही पुलिस सख्त कार्रवाई करे तो डिफाल्टरों से रिकवरी हो सकती है।
चार करोड़ नौ लाख की रिकवरी
डीएफएससी निशांत राठी ने बताया कि भगवती राइस मिलर से चार करोड़ नौ लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। इसके अलावा एक अन्य राइस मिलर से भी करीब आठ लाख रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। इस तरह अन्य राइस मिलरों पर कानूनी कार्रवाई करके रिकवरी करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
वर्जन
डिफाल्टर राइस मिलरों से रिकवरी करने के लिए कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। डिफाल्टरों की प्रॉपर्टी अटैच कर नोटिस भेजे जा रहे हैं। सरकार का पैसा हर हाल में देना होगा। हाल ही में एक राइस मिलर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यदि रिकवरी नहीं दी तो अन्य के साथ भी यही प्रक्रिया की जाएगी।
- निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल।