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खेतों में बिछी सरसों की कच्ची फसल, आलू में जलभराव
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202: खराब मौसम के चलते चौगामा गांव के खेत में बिछी सरसों की फसल
करनाल। लगातार बारिश और तेज हवा ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के कुछ क्षेत्रों में सरसों की फसल खेतों में बिछ गई। वहीं आलू के खेतों में जलभराव होने के कारण फसल खराब होने की आशंका है। इससे परेशान किसान रविवार को बारिश के दौरान भी खेतों से पानी निकालने में जुटे रहे। वहीं बारिश से सड़कों पर जलभराव से शहरवासियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि दस जनवरी से प्राकृतिक हलचल का प्रभाव कम होगा, लेकिन 15 जनवरी तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
आलू के खेतों से कर रहे निकासी
आलू की अगेती किस्म पककर तैयार हो चुकी है। पांच दिन से बारिश के कारण खेतों में जलभराव है। आलू खराब होने का अंदेशा बन गया है। पानी निकासी के इंतजामों में जुटे हुए हैं। इसके अलावा प्याज की रोपाई का कार्य भी 15 दिन लेट हो जाएगा।
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- वेदपाल, किसान, चुंडीपुर।
नुकसान के मुआवजे की मांग
बारिश के साथ तेज हवा के कारण क्षेत्र में सरसों की फसल गिर गई है। सरसों में बालियां आ चुकी हैं। कच्ची बालियां होने के कारण फसल गिरने से नुकसान होना तय है। सरकार से नुकसान का सर्वे करवाकर भरपाई की मांग है।
- मंजीत लालर, भाकियू इंद्री खंड अध्यक्ष, गांव चौगामा।
न्यूनतम और अधिकतम तापमान का अंतर कम
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डीएस बुंदेला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 14.0 व न्यूनतम 12.45 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी शत-प्रतिशत रही। वाष्प दाब 11.8 एमएम रहा। हवा की औसत गति सुबह 8.7 व दोपहर को 2.8 किलोमीटर प्रति घंटा रही। शनिवार शाम से रविवार दोपहर बाद तक 24.1 एमएम वर्षा दर्ज की गई। जिले में इस महीने अब तक 54.7 एमएम वर्षा हो चुकी है। पिछले साल नौ जनवरी को अधिकतम तापमान 17.4 व न्यूनतम 9.6 डिग्री सेल्सियस था।
जनवरी में जिले में पिछले वर्षों में वर्षा का आंकड़ा
वर्ष वर्षा
2011 2.2
2012 21.6
2013 64.4
2014 65.0
2015 15.0
2016 00.0
2017 85.0
2018 34.2
2019 28.0
2020 74.4
2021 36.4
मुख्य फसलों का क्षेत्रफल
- जिले में गेहूं का क्षेत्रफल करीब 1.70 लाख हेक्टेयर।
- सरसों का रकबा करीब 6300 हेक्टेयर।
- अगेता आलू का रकबा करीब तीन हजार एकड़।
- गन्ना करीब 13 हजार हेक्टेयर।
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मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि दस जनवरी से प्राकृतिक हलचल का प्रभाव कम होगा, लेकिन 15 जनवरी तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलने से न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।
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आलू के खेतों से कर रहे निकासी
आलू की अगेती किस्म पककर तैयार हो चुकी है। पांच दिन से बारिश के कारण खेतों में जलभराव है। आलू खराब होने का अंदेशा बन गया है। पानी निकासी के इंतजामों में जुटे हुए हैं। इसके अलावा प्याज की रोपाई का कार्य भी 15 दिन लेट हो जाएगा।
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- वेदपाल, किसान, चुंडीपुर।
नुकसान के मुआवजे की मांग
बारिश के साथ तेज हवा के कारण क्षेत्र में सरसों की फसल गिर गई है। सरसों में बालियां आ चुकी हैं। कच्ची बालियां होने के कारण फसल गिरने से नुकसान होना तय है। सरकार से नुकसान का सर्वे करवाकर भरपाई की मांग है।
- मंजीत लालर, भाकियू इंद्री खंड अध्यक्ष, गांव चौगामा।
न्यूनतम और अधिकतम तापमान का अंतर कम
केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. डीएस बुंदेला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 14.0 व न्यूनतम 12.45 डिग्री सेल्सियस रहा। नमी शत-प्रतिशत रही। वाष्प दाब 11.8 एमएम रहा। हवा की औसत गति सुबह 8.7 व दोपहर को 2.8 किलोमीटर प्रति घंटा रही। शनिवार शाम से रविवार दोपहर बाद तक 24.1 एमएम वर्षा दर्ज की गई। जिले में इस महीने अब तक 54.7 एमएम वर्षा हो चुकी है। पिछले साल नौ जनवरी को अधिकतम तापमान 17.4 व न्यूनतम 9.6 डिग्री सेल्सियस था।
जनवरी में जिले में पिछले वर्षों में वर्षा का आंकड़ा
वर्ष वर्षा
2011 2.2
2012 21.6
2013 64.4
2014 65.0
2015 15.0
2016 00.0
2017 85.0
2018 34.2
2019 28.0
2020 74.4
2021 36.4
मुख्य फसलों का क्षेत्रफल
- जिले में गेहूं का क्षेत्रफल करीब 1.70 लाख हेक्टेयर।
- सरसों का रकबा करीब 6300 हेक्टेयर।
- अगेता आलू का रकबा करीब तीन हजार एकड़।
- गन्ना करीब 13 हजार हेक्टेयर।